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Sat, Oct 10, 2026Updated 11:59 AM IST
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मंदसौर: पिपलियामंडी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सेल्टोस कार से 513 ग्राम एमडी ड्रग और 9 किलो डोडाचूरा जब्त, तस्कर गिरफ्तार

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मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले की पिपलियामंडी पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार की तलाशी लेकर भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस अभियान में पुलिस ने एक सेल्टोस कार से 513 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग और 9 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। इन मादक पदार्थों को कार में बेहद शातिराना तरीके से छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से ही एक तस्कर को भी गिरफ्तार कर लिया है। जब्त किए गए ड्रग्स और डोडाचूरे की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई मंदसौर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और इसे पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा नियमित रूप से वाहनों की जांच के लिए नाकाबंदी की गई थी। इसी नाकाबंदी के दौरान एक सेल्टोस कार आती हुई दिखाई दी। पुलिस कर्मियों को कार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने वाहन को रुकवाकर उसकी सघन तलाशी लेने का निर्णय लिया। जब पुलिस दल ने कार की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए। कार के अंदर एक विशेष स्थान पर 513 ग्राम एमडी ड्रग और 9 किलोग्राम डोडाचूरा छिपाकर रखा गया था। तस्कर ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने और सुरक्षित रूप से नशे की इस खेप को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सेल्टोस कार का इस्तेमाल किया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण उसकी यह योजना विफल हो गई।

मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कार में सवार व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान वह इस अवैध खेप के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, अभी तक गिरफ्तार किए गए आरोपी की पूरी पहचान और उसके आपराधिक इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मादक पदार्थ कहां से लाए जा रहे थे और इन्हें किसके पास पहुंचाया जाना था।

बरामद किए गए मादक पदार्थों की बाजार में कीमत का अनुमान लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, 513 ग्राम एमडी ड्रग और 9 किलोग्राम डोडाचूरे की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये है। एमडी ड्रग आज के समय में युवाओं के बीच तेजी से फैलता हुआ एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक नशा है, जो शरीर और दिमाग दोनों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। वहीं, डोडाचूरा भी अफीम से प्राप्त होने वाला एक ऐसा मादक पदार्थ है जिसकी लत लोगों को बुरी तरह अपनी गिरफ्त में ले लेती है। इतनी बड़ी मात्रा में ये दोनों नशीले पदार्थ एक साथ पकड़े जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि तस्कर किसी बड़ी खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने की फिराक में था। यदि यह खेप समय रहते नहीं पकड़ी जाती, तो यह समाज में, विशेषकर युवाओं के बीच भारी तबाही मचा सकती थी।

पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टांसेस) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी करना एक अत्यंत गंभीर अपराध है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है। पिपलियामंडी पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या गिरफ्तार किया गया तस्कर किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट या तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि सेल्टोस जैसी महंगी कार का उपयोग तस्करी के लिए किया जाना यह दर्शाता है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा हो सकता है।

मंदसौर जिला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिले भर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिपलियामंडी पुलिस की यह कार्रवाई इसी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि मंदसौर जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने और उससे जुड़े अन्य तस्करों तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयासरत हैं।