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Sat, Oct 10, 2026Updated 12:00 PM IST
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मऊगंज में खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई: गिट्टी के अवैध परिवहन में ट्रिपर और डंपर जब्त, नियमों के तहत दर्ज किया प्रकरण

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मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में खनिज विभाग ने अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुरुवार शाम को खनिज विभाग की टीम ने विशेष अभियान चलाकर गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे दो भारी वाहनों को पकड़ा है। इनमें एक ट्रिपर और एक डंपर शामिल है। दोनों वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया है और उनके खिलाफ खनिज नियमों के तहत औपचारिक रूप से प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई मऊगंज क्षेत्र में खनिज माफियाओं और अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ विभाग की बढ़ती सख्ती का स्पष्ट संकेत देती है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खनिज विभाग की जांच टीम गुरुवार शाम को मऊगंज क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और चेकिंग अभियान पर निकली थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि कुछ वाहनों द्वारा बिना उचित अनुमति और वैध दस्तावेजों के गिट्टी का परिवहन किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित मार्ग पर चेकिंग अभियान तेज कर दिया। जांच के दौरान टीम ने एक ट्रिपर और एक डंपर को रोककर उनकी सघन जांच की।

जांच के क्रम में पाया गया कि दोनों वाहनों में गिट्टी भरी हुई थी, लेकिन वाहन चालकों या मालिकों के पास इस परिवहन के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज, ट्रांजिट पास या खनिज विभाग से प्राप्त कोई भी अनुमति नहीं थी। नियमानुसार किसी भी प्रकार के खनिज पदार्थ, जिसमें गिट्टी, रेत, मिट्टी या पत्थर शामिल हैं, के परिवहन के लिए खनिज विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। बिना अनुमति के खनिज का परिवहन करना सीधे तौर पर खनिज अधिनियम और संबंधित नियमों का उल्लंघन माना जाता है। दस्तावेज न होने की पुष्टि होते ही विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों—एक ट्रिपर और एक डंपर—को मौके पर ही जब्त कर लिया।

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए दोनों वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत विधिवत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल विभाग की टीम द्वारा इन वाहनों से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि यह गिट्टी किस स्थान से उत्खनन करके लाई गई थी, इसे किस गंतव्य तक पहुंचाया जाना था और इस अवैध परिवहन के पीछे कौन-कौन से व्यक्ति या समूह शामिल हैं। इसके अलावा, वाहनों के पंजीयन दस्तावेजों और उनके मालिकों की जानकारी भी खंगाली जा रही है ताकि नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मऊगंज जिले में पिछले कुछ समय से अवैध खनन और खनिज पदार्थों के अवैध परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। अवैध खनन और परिवहन से न केवल राज्य सरकार के राजस्व को भारी नुकसान होता है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंचती है। सड़कों के किनारे और नदी-नालों से बिना अनुमति के गिट्टी और अन्य खनिज निकालने से भूजल स्तर, मिट्टी की गुणवत्ता और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही, ओवरलोड वाहनों के अवैध संचालन से सड़कों की हालत भी तेजी से खराब होती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए खनिज विभाग ने मऊगंज क्षेत्र में अपने निरीक्षण और चेकिंग अभियान को और अधिक सघन बना दिया है।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार शाम को की गई यह कार्रवाई अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। जो भी व्यक्ति या समूह बिना अनुमति के खनिज का उत्खनन, भंडारण या परिवहन करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहनों की जब्ती के साथ ही भारी जुर्माना और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

इस कार्रवाई से मऊगंज क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। खनिज विभाग की इस सख्ती के बाद माना जा रहा है कि अवैध कारोबार करने वाले तत्वों पर अंकुश लगेगा। विभाग ने स्थानीय जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध खनन या बिना दस्तावेजों के खनिज परिवहन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत खनिज विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। जनता के सहयोग से ही इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से रोका जा सकता है।

फिलहाल, जब्त किए गए ट्रिपर और डंपर को विभाग के सुरक्षित स्थान पर खड़ा करा दिया गया है। वाहनों के दस्तावेजों और अनुमति की जांच का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस पूरे मामले में और किन-किन लोगों की संलिप्तता है और उनके खिलाफ क्या-क्या अतिरिक्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, मऊगंज खनिज विभाग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में अवैध खनन माफियाओं के लिए एक कड़ी चेतावनी साबित होगी और विभाग भविष्य में भी ऐसे ही सघन छापेमारी अभियान जारी रखेगा।