मऊगंज: पुलिस ने बोलेरो से 356 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त की, आरोपी अभिषेक सिंह चौहान गिरफ्तार; 9 लाख का माल बरामद

वंदे भारत न्यूज़ डेस्क, मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में अवैध नशीली कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार को मऊगंज पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर एक बोलेरो वाहन से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) जब्त की है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान अभिषेक सिंह चौहान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नशीली कफ सिरप की कुल 356 शीशियां बरामद की हैं। इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन, तीन मोबाइल फोन और अन्य सामग्रियों सहित कुल लगभग 9 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में पुलिस द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मऊगंज पुलिस को शुक्रवार को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि एक बोलेरो वाहन के जरिए अवैध रूप से नशीली कफ सिरप की तस्करी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की योजना तैयार की और संदिग्ध वाहन की घेराबंदी कर उसे रोकने में सफलता प्राप्त की। जब पुलिस टीम ने वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) की 356 शीशियां बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर ही वाहन में सवार आरोपी अभिषेक सिंह चौहान को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी इन शीशियों को रखने या परिवहन करने का कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।
इस सफल ऑपरेशन के दौरान मऊगंज पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 9 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है। जब्त किए गए सामान में 356 शीशी नशीली कफ सिरप (कोरेक्स), तस्करी के लिए उपयोग की जा रही बोलेरो गाड़ी और तीन मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि जब्त किए गए मोबाइल फोन से आरोपी के संपर्क सूत्रों और तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इन मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल और डेटा की गहन जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नशीली कफ सिरप कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
कोरेक्स एक प्रकार की नशीली कफ सिरप है, जिसमें कोडीन फॉस्फेट पाया जाता है। चिकित्सीय दृष्टिकोण से इसका उपयोग खांसी की दवा के रूप में डॉक्टर की पर्ची पर किया जाता है। हालांकि, इसकी अधिक मात्रा या बिना डॉक्टरी सलाह के सेवन से यह एक खतरनाक नशीले पदार्थ का काम करती है। युवाओं और नशेड़ियों के बीच इसका अवैध उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने इसके विक्रय, भंडारण और परिवहन पर सख्त प्रतिबंध लगा रखा है। बिना वैध लाइसेंस और उचित दस्तावेजों के कोरेक्स का परिवहन करना एक गंभीर अपराध है।
आरोपी अभिषेक सिंह चौहान के खिलाफ मऊगंज थाने में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज यह मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आरोपी की भूमिका और उसके पीछे काम कर रहे संभावित गिरोह की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
मऊगंज पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा लगातार ऐसे निर्देश दिए जा रहे हैं कि अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। शुक्रवार को हुई इस बड़ी बरामदगी ने पुलिस की सक्रियता और सूचना तंत्र की मजबूती को भी दर्शाया है।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को अपने क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों, शराब या कफ सिरप की तस्करी की कोई भी सूचना मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को जानकारी दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि समाज को नशे के खतरे से बचाने के लिए जनता का सहयोग और पुलिस की सतर्कता दोनों आवश्यक हैं।
मऊगंज पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अभिषेक सिंह चौहान इससे पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहा है या नहीं। जब्त किए गए तीनों मोबाइल फोनों की फोरेंसिक जांच से कई अहम सुराग हाथ लगने की संभावना है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या संगठित गिरोह काम कर रहा है। फिलहाल, मऊगंज पुलिस ने 356 शीशी कोरेक्स और 9 लाख रुपये के माल की जब्ती के साथ इस मामले में आगे की विस्तृत विवेचना जारी रखी है।

