मोतिहारी: महिलाओं के अपमान को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, राहुल गांधी और सांसद बिमौल अकोईजाम के खिलाफ दिया धरना

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतिहारी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला मोर्चा ने एक बड़ा प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और मणिपुर से लोकसभा सांसद डॉ. आनगोमाचा बिमौल अकोईजाम के खिलाफ आयोजित किया गया। भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और महिला नेताओं ने दोनों नेताओं पर महिलाओं का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर मोतिहारी में भाजपा महिला मोर्चा की ओर से जोरदार विरोध दर्ज कराया गया और धरना दिया गया।
मोतिहारी में हुए इस प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की महिला नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी तथा सांसद डॉ. बिमौल अकोईजाम के खिलाफ तीखे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि इन दोनों नेताओं द्वारा दिए गए बयानों या उनके रवैये से महिलाओं का अपमान हुआ है। भाजपा महिला मोर्चा की नेताओं ने इस मुद्दे को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि समाज में महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना हर राजनीतिक दल और नेता की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को अपनी भाषा और बयानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि महिलाओं की गरिमा को किसी प्रकार की ठेस न पहुंचे।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल भाजपा महिला मोर्चा की नेताओं ने राहुल गांधी और डॉ. आनगोमाचा बिमौल अकोईजाम के कथित बयानों की कड़ी निंदा की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन दोनों नेताओं ने ठीक-ठीक क्या कहा था, जिसके आधार पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है, इसकी विस्तृत सामग्री तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसके बावजूद, भाजपा महिला मोर्चा ने अपने आरोपों पर अडिग रहते हुए दोनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई, तो वे इस मुद्दे पर आगे भी व्यापक स्तर पर आंदोलन जारी रखेंगी।
बता दें कि डॉ. आनगोमाचा बिमौल अकोईजाम मणिपुर के इन्फाल इंटरनल लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। वे पेशे से एक शिक्षाविद रहे हैं और राजनीति में आने से पहले अकादमिक जगत में सक्रिय थे। हाल के दिनों में उनके कुछ बयानों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं होती रही हैं। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अक्सर अपने बयानों को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर रहते हैं। मोतिहारी में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर से इन दोनों नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक बहस को हवा दे दी है।
पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित यह धरना स्थानीय राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में भाजपा की महिला कार्यकर्ताएं सड़कों पर उतरीं और उन्होंने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर राहुल गांधी और सांसद बिमौल अकोईजाम के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाना और विपक्षी नेताओं के कथित आपत्तिजनक बयानों का विरोध करना था।
भाजपा महिला मोर्चा की स्थानीय इकाई ने इस प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी राजनीतिक दल हो या कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, यदि उसकी बातों या कार्यों से महिलाओं का अपमान होता है, तो भाजपा महिला मोर्चा उसके खिलाफ खड़े होने में कभी पीछे नहीं हटेगी। मोर्चा की नेताओं ने अन्य राजनीतिक दलों की महिला इकाइयों से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट हों।
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस या सांसद डॉ. बिमौल अकोईजाम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा द्वारा लगाए गए आरोपों को स्वीकार किया है या खारिज किया है। जैसे ही इस संबंध में उनकी कोई प्रतिक्रिया आएगी, उसे भी खबर का हिस्सा बनाया जाएगा। फिलहाल, मोतिहारी में भाजपा महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन सुर्खियों में है और इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
बिहार में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव कोई नई बात नहीं है। ऐसे में महिला मोर्चा द्वारा किए गए इस प्रदर्शन को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा इस मुद्दे को आगे बढ़ाकर विपक्षी दलों पर नैतिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर सकती है। वहीं, मोतिहारी सहित पूरे पूर्वी चंपारण जिले में इस प्रदर्शन की चर्चा आम जनता के बीच भी हो रही है। लोगों की राय इस मुद्दे पर अलग-अलग देखने को मिल रही है, लेकिन भाजपा महिला मोर्चा ने अपने विरोध को पूरी मजबूती के साथ दर्ज कराया है।

