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Mon, Oct 12, 2026Updated 6:10 PM IST
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मुजफ्फरपुर: डायन का आरोप लगाकर 50 वर्षीय महिला की पिटाई, इलाज के दौरान हुई मौत; 6 नामजद

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वन्दे भारत न्यूज़, मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अंधविश्वास और डायन प्रथा का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां पड़ोसियों ने 50 वर्षीय एक महिला पर डायन होने का गंभीर आरोप लगाते हुए उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। इस हिंसक घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन रविवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।

घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, मृतका की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर कुछ पड़ोसियों ने महिला पर डायन होने का आरोप लगाया था। अंधविश्वास से प्रेरित होकर इन लोगों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया और महिला के साथ मारपीट की। यह हमला इतना हिंसक था कि महिला को गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उपचार शुरू किया। हालांकि, शरीर पर लगी गंभीर चोटों के कारण महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः रविवार को उसने दम तोड़ दिया।

इस हत्याकांड के बाद मृतका के बेटे ने पुलिस को अपना बयान दिया है। बेटे ने बताया कि जब यह घटना हुई, तब वह घर पर मौजूद नहीं था। उसने कहा कि मैं घर पर नहीं था, इसलिए घटना के समय मैं अपनी मां को बचाने के लिए वहां नहीं पहुंच सका। बेटे के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि महिला पर हमले के समय परिवार के अन्य सदस्य या तो घर पर नहीं थे या फिर भीड़ के आक्रामक रुख के कारण वे उसे बचाने में सक्षम नहीं हो सके। बेटे ने पड़ोसियों पर ही अपनी मां की हत्या का सीधा आरोप लगाया है।

महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने मृतका के बेटे की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह लोगों को नामजद किया है। इन सभी आरोपियों पर डायन का आरोप लगाकर मारपीट करने और महिला की जान लेने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि की जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुजफ्फरपुर पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच जारी है। पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या जमीनी विवाद तो नहीं है, जिसे अंधविश्वास का रूप देकर अंजाम दिया गया हो। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने इसे डायन प्रथा से जुड़ा मामला मानकर ही जांच के दायरे में रखा है।

बिहार में डायन प्रथा और अंधविश्वास से जुड़ी हिंसा की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। राज्य में पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को डायन बताकर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है या उनकी हत्या कर दी जाती है। बिहार सरकार ने ऐसे अपराधों को रोकने के लिए ‘बिहार डायन प्रथा निवारण अधिनियम’ लागू किया हुआ है, जिसके तहत किसी व्यक्ति पर डायन होने का आरोप लगाना और उसे प्रताड़ित करना एक संज्ञेय अपराध है। इसके बावजूद समाज में फैले अंधविश्वास के कारण ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त अंधविश्वास और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि केवल कानून बनाने से ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इसके लिए जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की सख्त जरूरत है। लोगों को शिक्षित करना और अंधविश्वास के खिलाफ वैज्ञानिक सोच विकसित करना आवश्यक है।

वन्दे भारत न्यूज़ की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि इस रिपोर्ट में केवल उन्हीं तथ्यों को शामिल किया गया है जो पुलिस और परिजनों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं। आरोपियों की तरफ से अभी तक कोई पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच पूरी होने और न्यायालय के फैसले आने तक आरोपियों को निर्दोष माना जाएगा। मुजफ्फरपुर में हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अब पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।