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Sun, Oct 11, 2026Updated 8:18 AM IST
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मुजफ्फरपुर में लूट-छिनतई करने वाले 5 बदमाश गिरफ्तार: 10 दिन में 3 वारदातें, CSP संचालक से 50 हजार लूटे; ट्रक खलासी को गोली मारी

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने लूट और छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक पांच सदस्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अहियापुर थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गैंग के पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। ये बदमाश पिछले कुछ दिनों से लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन अपराधियों ने महज 10 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग वारदातों को अंजाम दिया था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ था। पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्रियां बरामद की हैं। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इन बदमाशों के कब्जे से दो देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। बरामद हथियारों से स्पष्ट होता है कि यह गैंग पूरी तैयारी और योजनाबद्ध तरीके से लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस की बरामदगी यह दर्शाती है कि अपराधी किसी भी बड़ी वारदात को अंजाम देने या विरोध करने पर जानलेवा हमला करने में संकोच नहीं करते थे।

इस गैंग की सबसे चर्चित वारदातों में एक सीएसपी (कस्टमर सर्विस पॉइंट) संचालक से की गई लूट शामिल है। बदमाशों ने सीएसपी संचालक को निशाना बनाते हुए उनसे 50 हजार रुपये की नकदी लूट ली थी। सीएसपी संचालकों के पास अक्सर नकदी लेनदेन होने के कारण वे अपराधियों के लिए आसान शिकार बन जाते हैं। इस घटना ने इलाके के व्यापारियों और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े लोगों में भय का वातावरण पैदा कर दिया था। पुलिस ने अब इस मामले में भी गैंग के सदस्यों को पकड़कर घटना का खुलासा कर दिया है।

वहीं, इस गैंग की हिंसा का स्तर उस समय और अधिक खतरनाक रूप में सामने आया, जब उन्होंने एक ट्रक खलासी पर गोली चला दी। ट्रक खलासी को गोली मारने की यह घटना दर्शाती है कि अपराधी अपनी वारदातों को अंजाम देते समय किस हद तक निर्दयी हो सकते हैं। सड़क परिवहन से जुड़े कर्मचारियों, विशेषकर ट्रक खलासियों और चालकों के साथ ऐसी घटनाएं उनके जीवन और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। इस घटना के बाद से ही पुलिस पर अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया था, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी पांच आरोपितों को धर दबोचा।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गैंग अहियापुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में गठबंधन बनाकर काम कर रहा था। 10 दिनों के भीतर तीन वारदातों को अंजाम देना यह साबित करता है कि ये अपराधी बेहद सक्रिय थे और लगातार अपने निशाने की तलाश में रहते थे। पुलिस ने इन तीनों वारदातों की जांच करते हुए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों तक पहुंच हासिल की। हालांकि, जांच में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका को लेकर जो भी जानकारी सामने आई है, उसे पुलिस ने अपनी कार्रवाई का आधार बनाया।

मुजफ्फरपुर पुलिस की यह कार्रवाई जिले में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अहियापुर क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई इन घटनाओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। अब पांचों बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनका संबंध किसी अन्य आपराधिक घटना से भी है या इस गैंग में कोई और सदस्य भी शामिल है।

बरामद चार मोबाइल फोन की जांच से भी पुलिस को कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, क्योंकि आज के समय में अपराधी वारदातों की योजना बनाने और रेकी करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, जब्त की गई मोटरसाइकिल का उपयोग भी संभवतः वारदातों को अंजाम देने और मौके से फरार होने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने सभी बरामद सामग्रियों को कब्जे में लेकर आवश्यक फोरेंसिक और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुजफ्फरपुर जैसे व्यस्त शहर में जहां व्यापारिक गतिविधियां तेजी से चलती हैं, वहां सीएसपी संचालकों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसे गैंग का पर्दाफाश करना न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक कदम है, बल्कि अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। फिलहाल, पुलिस ने सभी पांच आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर ली है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।