Mutual Fund Investment Guide; Beginners Mistake To Avoid | SIP ELSS

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12 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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“म्यूचुअल फंड सही है।”

ये ऐड तो आपने देखा या सुना ही होगा। इसे ‘एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया’ (AMFI) लोगों को जागरुक करने के लिए चलाता है।

बीते कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड निवेश का एक पॉपुलर तरीका बनकर उभरा है। जो लोग शेयर बाजार के कॉम्प्लिकेशन से दूर रहकर पैसा बढ़ाना चाहते हैं, वे इसमें निवेश कर रहे हैं।

हालांकि, नए निवेशकों के मन में अक्सर कई सवाल होते हैं। जैसे- सही फंड कैसे चुनें, कितना निवेश करें और किन गलतियों से बचें। सही जानकारी के अभाव में जल्दबाजी में फैसले लेने से नुकसान भी हो सकता है।

इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • म्यूचुअल फंड में नए निवेशक क्या गलतियां करते हैं?
  • सही म्यूचुअल फंड कैसे चुनें?

सवाल- म्यूचुअल फंड क्या है? ये कैसे काम करता है?

जवाब- म्यूचुअल फंड निवेश का ऐसा जरिया है, जिसमें कई लोगों का पैसा इकट्ठा करके शेयर बाजार, बॉन्ड या अन्य एसेट्स में लगाया जाता है। इस फंड को ‘प्रोफेशनल फंड मैनेजर’ संभालते हैं।

ये कैसे काम करता है?

  • निवेशक म्यूचुअल फंड में पैसे लगाते हैं।
  • एक प्रोफेशनल फंड मैनेजर इन पैसों को शेयर, बॉन्ड आदि में निवेश करता है।
  • पैसा कई जगह लगाया जाता है यानी डायवर्सिफिकेशन होता है। इससे रिस्क कम हो जाता है।
  • फंड की एक तय वैल्यू होती है, जिसे ‘NAV’ (नेट एसेट वैल्यू) कहते हैं। इसी आधार पर पता चलता है कि फंड में पैसे की वैल्यू बढ़ या घट रही है।

सवाल- क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना सुरक्षित है?

जवाब- म्यूचुअल फंड पूरी तरह ‘गारंटीड सुरक्षित’ नहीं होते हैं। सेफ्टी इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के फंड में कितने समय के लिए निवेश करते हैं।

सवाल- नए निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड अच्छा ऑप्शन क्यों है?

जवाब- ऐसा इसलिए, क्योंकि इससे निवेश की शुरुआत करना आसान है। खुद मार्केट रिसर्च नहीं करनी पड़ती, रिस्क कम होता है। ग्राफिक में देखिए, क्यों म्यूचुअल फंड निवेश का अच्छा विकल्प है-

सवाल- नए निवेशक म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय क्या गलतियां करते हैं?

जवाब- कुछ कॉमन गलतियों से रिटर्न कम हो सकता है या कई बार नुकसान भी हो सकता है। इन्हें समझना बहुत जरूरी है, ताकि शुरुआत से ही सही डायरेक्शन मिले। सभी कॉमन गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले क्या बेसिक बातें पता होनी चाहिए?

जवाब- इसके लिए कुछ बेसिक बातें समझना बहुत जरूरी है। इससे आप सही फैसले ले पाएंगे और गलतियों से बचेंगे, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- म्यूचुअल फंड कितनी तरह का होता है? कैसे समझें कि हमारे लिए क्या बेस्ट है?

जवाब- बेस्ट ऑप्शन हमारे गोल, इन्वेस्टमेंट पीरियड और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। पहले समझिए म्यूचुअल फंड कितनी तरह का होता है-

म्यूचुअल फंड के मुख्य प्रकार

1. इक्विटी फंड

इसमें पैसा शेयर मार्केट में लगाया जाता है।

कैसे काम करता है?

  • कंपनियों (बड़ी/मिड/स्मॉल) के शेयर खरीदे जाते हैं।
  • रिटर्न: ज्यादा (लंबे समय में 10-15% या उससे ज्यादा हो सकता है।)
  • रिस्क: ज्यादा उतार-चढ़ाव।

2. डेट फंड

पैसा सुरक्षित जगह में लगता है।

कैसे काम करता है?

  • सरकारी बॉन्ड, कंपनी बॉन्ड, फिक्स इनकम इंस्ट्रूमेंट।
  • रिटर्न: स्थिर लेकिन कम (लगभग 5-8%)
  • रिस्क: कम होता है।

3. हाइब्रिड फंड

इक्विटी और डेट फंड दोनों का मिला-जुला रूप है।

कैसे काम करता है?

  • कुछ पैसा शेयर में, कुछ बॉन्ड में होता है।
  • रिटर्न: मध्यम (7-12% के आसपास)
  • रिस्क: मीडियम

4. इंडेक्स फंड

पैसा किसी इंडेक्स (निफ्टी 50, सेंसेक्स) के अनुसार निवेश किया जाता है।

कैसे काम करता है?

  • इंडेक्स में शामिल सभी कंपनियों में उसी अनुपात में निवेश होता है।
  • रिटर्न: बाजार के अनुसार (लगभग 10-14% लंबे समय में)
  • रिस्क: मीडियम

5. ELSS (टैक्स सेविंग फंड)

यह एक इक्विटी बेस्ड टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड है।

कैसे काम करता है?

  • पैसा मुख्य रूप से शेयर बाजार में निवेश किया जाता है।
  • रिटर्न: ज्यादा (लगभग 10-15% या उससे अधिक हो सकता है।)
  • रिस्क: ज्यादा उतार-चढ़ाव
  • लॉक-इन: 3 साल

आपके लिए कौन सा म्यूचुअल फंड बेस्ट है?

1. अगर नए निवेशक हैं-

हाइब्रिड या इंडेक्स फंड चुनें।

2. अगर लॉन्ग टर्म निवेश कर रहे हैं-

इक्विटी फंड चुनें।

3. अगर सुरक्षित निवेश चाहते हैं-

डेट फंड चुनें।

4. अगर टैक्स बचाना चाहते हैं-

ELSS फंड चुनें।

सवाल- SIP और लंपसम निवेश में क्या फर्क है? नए निवेशक के लिए क्या बेहतर है?

जवाब- ये दोनों म्यूचुअल फंड में निवेश के तरीके हैं, लेकिन पैसा लगाने का तरीका और रिस्क अलग होता है। इसे ग्राफिक से समझिए-

सवाल- कितना निवेश करना सही होता है? क्या इसका कोई नियम है?

जवाब- इसका कोई एक तय नियम नहीं है। सही अमाउंट आपकी इनकम, खर्च, गोल और रिस्क लेने की क्षमता पर निर्भर करता है। कुछ आसान नियम समझिए।

1. 50-30-20 का नियम

इनकम को 3 हिस्सों में बांटा जाता है-

  • 50%- जरूरतें (खर्च)
  • 30%- इच्छाएं
  • 20%- निवेश

2. पहले इमरजेंसी फंड

निवेश से पहले 3-6 महीने के खर्च का पैसा अलग रखें।

3. SIP से शुरुआत

नए निवेशक के लिए ₹500-₹1000/महीना भी काफी है।

4. गोल के हिसाब से निवेश

गोल के हिसाब से हर महीने निवेश तय होगा।

5. क्षमता से ज्यादा निवेश न करें

निवेश हमेशा एक्स्ट्रा इनकम से करें।

6. उम्र के हिसाब से नियम

  • 100-आपकी उम्र = इक्विटी%
  • अगर उम्र 25 है तो 75% इक्विटी फंड में लगाएं।
  • बाकी 25% डेट या हाइब्रिड फंड में लगाएं।

7. धीरे-धीरे निवेश बढ़ाएं

  • हर साल SIP को 8-10% बढ़ाएं।
  • इससे वेल्थ तेजी से बढ़ती है।

सवाल- क्या एक ही फंड में निवेश करना सही है या पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई करना चाहिए?

जवाब- एक ही फंड में निवेश से ज्यादा जोखिम होता है।

  • डाइवर्सिफिकेशन से पैसा कई फंड में बंट जाता है।
  • इससे नुकसान का असर कम होता है।
  • 2-3 फंड वाला पोर्टफोलियो बेहतर होता है।
  • पोर्टफोलियो में बहुत ज्यादा फंड भी नहीं होने चाहिए।

म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- क्या म्यूचुअल फंड में गारंटीड रिटर्न मिलता है?

जवाब- नहीं, रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है। लंबे समय में अच्छे रिटर्न की संभावना होती है, लेकिन नुकसान का जोखिम भी हमेशा बना रहता है।

सवाल- क्या बाजार गिरने पर निवेश रोक देना चाहिए?

जवाब- नहीं, इस समय SIP जारी रखने से सस्ते में यूनिट मिलती हैं और लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सवाल- क्या म्यूचुअल फंड में टैक्स लगता है?

जवाब- हां, म्यूचुअल फंड पर टैक्स लगता है। यह फंड के प्रकार और निवेश अवधि पर निर्भर करता है। इक्विटी और डेट फंड के टैक्स नियम अलग-अलग होते हैं।

सवाल- म्यूचुअल फंड से पैसे निकालने का सही समय क्या होता है?

जवाब- सही समय तब होता है, जब आपका निवेश लक्ष्य पूरा हो जाए। बाजार के उतार-चढ़ाव देखकर जल्दबाजी में पैसा निकालना सही नहीं माना जाता, धैर्य जरूरी होता है।

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