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Mon, Oct 12, 2026Updated 4:02 PM IST
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नालंदा: मजदूरी का पैसा मांगने पर युवक को खौलते तेल की कड़ाही में धकेला, आठ दिन जिंदगी से जंग लड़कर तोड़ा दम

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बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दरुआरा बेलदारी पर गांव में मजदूरी का बकाया पैसा मांगने पर एक युवक को खौलते हुए तेल की कड़ाही में धकेल दिया गया। इस क्रूर हमले में गंभीर रूप से झुलसे युवक ने आठ दिनों तक मौत से जद्दोजहद करने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह घटना नूरसराय क्षेत्र में अपराध का एक भयावह मामला है, जिसने स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक दरुआरा बेलदारी पर गांव का रहने वाला था। वह अपनी मेहनत की कमाई पर निर्भर था और उसने किसी व्यक्ति या परिवार के यहाँ काम किया था, जिसकी मजदूरी उसे नहीं दी गई थी। जब युवक ने अपनी बकाया मजदूरी का पैसा मांगा, तो इस बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने बेहद ही क्रूर तरीके से युवक को खौलते तेल की कड़ाही में धकेल दिया। इस अमानवीय कृत्य से युवक का शरीर बुरी तरह से झुलस गया।

घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की हर संभव कोशिश की। युवक लगातार आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। उसके शरीर का एक बड़ा हिस्सा खौलते तेल से झुलस चुका था, जिसके कारण उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। अंततः, आठ दिनों तक चले लंबे और कठिन इलाज के बाद पीड़ित युवक ने अपनी जख्मों की ताब न सहते हुए दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया।

मजदूरी का पैसा मांगना एक कानूनी और नैतिक अधिकार है, लेकिन इस अधिकार की मांग करने पर किसी व्यक्ति को इतनी बेरहमी से मौत के घाट उतार देना समाज में बढ़ती हिंसा और असुरक्षा की ओर इशारा करता है। नूरसराय के इस आपराधिक मामले ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि पूरे नालंदा जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गरीब मजदूर के साथ इस तरह की बर्बरता ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है।

इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। नूरसराय थाना पुलिस द्वारा इस अपराध के मामले में जांच की जा रही है। हालांकि, स्रोत में आरोपियों की पहचान, उनके नामों या उनकी गिरफ्तारी की स्थिति के बारे में कोई विशिष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने अब तक इस मामले में किस-किस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है या कोई कार्रवाई हुई है या नहीं। मृतक युवक के परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत या बयान के सटीक विवरण भी अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

बिहार में मजदूरी विवाद को लेकर होने वाली हिंसक घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन खौलते तेल में धकेलकर हत्या करने का यह तरीका अपने आप में बेहद वीभत्स और दुर्लभ है। दरुआरा बेलदारी पर गांव जैसे ग्रामीण इलाकों में मजदूरी के भुगतान को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बनती रहती है, लेकिन इस बार इस तनाव ने एक युवक की जान ले ली। आठ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान युवक को जो शारीरिक और मानसिक पीड़ा सहनी पड़ी होगी, उसकी कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है।

पीड़ित परिवार को अब न्याय की उम्मीद है। परिवार के सदस्य चाहते हैं कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी मजदूर अपनी मेहनत का हक मांगने से डरे नहीं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अगर मजदूरी मांगने पर इस तरह की सजा दी जाएगी, तो गरीबों का जीना मुहाल हो जाएगा।

वन्दे भारत न्यूज़ इस पूरी घटना पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कानूनी कार्रवाई की पुष्टि होने का इंतजार है। नालंदा जिला प्रशासन और नूरसराय पुलिस से उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। यह घटना एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देती है।