नरसिंहपुर: खेत की मेड़ पर चारा काटने के विवाद में बुजुर्ग किसान से मारपीट, चार हड्डियां टूटीं; पत्नी को भी पीटा, एसपी से शिकायत

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के भूमि और कृषि संबंधी विवादों ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। जिले के ग्राम घोड़ा अंडिया में खेत की मेड़ पर चारा काटने को लेकर हुए विवाद में एक बुजुर्ग किसान के साथ मारपीट की गई है। इस हमले में पीड़ित किसान की चार हड्डियां टूटने की बात सामने आई है। आरोपियों ने केवल बुजुर्ग किसान को ही नहीं, बल्कि बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी को भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल हुए पीड़ित दंपती ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम घोड़ा अंडिया का है। गांव में रहने वाले बुजुर्ग किसान निहाल सिंह केवट अपने खेत पर गए थे। बताया जा रहा है कि खेत की मेड़ पर चारा काटने को लेकर उनका कुछ लोगों से विवाद हो गया। ग्रामीण इलाकों में खेतों की मेड़ और उस पर उगने वाले चारे को लेकर अक्सर किसानों के बीच तनाव की स्थिति बन जाती है। यही विवाद इस मामले में इतना बढ़ गया कि बात सीधे मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने निहाल सिंह केवट पर हमला कर दिया। बुजुर्ग होने के कारण वे हमलावरों का सामना नहीं कर सके और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
इस मारपीट की घटना में निहाल सिंह केवट को इतनी गंभीर चोटें आई हैं कि उनके शरीर की चार हड्डियां टूट गई हैं। बुजुर्ग किसान की इस हालत से उनके परिवार में भारी दहशत और चिंता का माहौल है। जब निहाल सिंह केवट की पत्नी मालती बाई को अपने पति के साथ हुई मारपीट की जानकारी मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अपने पति को बचाने और बीच-बचाव करने का प्रयास किया। हालांकि, आरोप है कि हमलावरों ने मालती बाई की भी नहीं सुनी और उनके साथ भी मारपीट की गई। इस घटना ने साफ तौर पर दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे कृषि विवाद किस तरह बड़ी हिंसा में तब्दील हो सकते हैं और कैसे महिलाओं की सुरक्षा भी इन विवादों में खतरे में पड़ जाती है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने या उचित कार्रवाई न होने की आशंका के चलते सीधे उच्च अधिकारियों का रुख करने का निर्णय लिया। गुरुवार को निहाल सिंह केवट और उनकी पत्नी मालती बाई ने नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाई। दोनों ने एसपी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की। पीड़ित दंपती ने पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि उनके साथ हुई इस बर्बर मारपीट के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि उन्हें और उनके परिवार को न्याय मिल सके।
ग्राम घोड़ा अंडिया में हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि और मेड़ से जुड़े विवादों की समस्या को उजागर किया है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में खेतों की सीमाओं, मेड़ों और चारे को लेकर किसानों के बीच आपसी मनमुटाव आम बात है, लेकिन जब यह मनमुटाव शारीरिक हिंसा और हड्डियां तोड़ने जैसे गंभीर अपराध का रूप ले लेता है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती बन जाता है। बुजुर्ग किसान निहाल सिंह केवट की चार हड्डियां टूटना इस बात का प्रमाण है कि हमलावरों ने कितनी क्रूरता से इस वारदात को अंजाम दिया।
अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय में की गई इस शिकायत के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। एसपी कार्यालय द्वारा इस शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए जाएंगे। पुलिस को अब यह देखना होगा कि चारा काटने के विवाद में मारपीट करने वाले आरोपी कौन हैं और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। पीड़ित बुजुर्ग किसान और उनकी पत्नी को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी अब पुलिस प्रशासन पर है। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले की आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

