Mon, 12 Oct 20262:04 PM
Mon, Oct 12, 2026Updated 2:04 PM IST
होम › बिहार

नवादा: भाजपा नेता रामपदारथ सिंह के 48 वर्षीय पुत्र सूर्यकांत सिंह की आहर में डूबने से मौत, पैर फिसलने से गिरे थे पानी में

WhatsAppFacebookX

नवादा। बिहार के नवादा जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रामपदारथ सिंह के 48 वर्षीय पुत्र सूर्यकांत सिंह की आहर में डूबने से मौत हो गई है। यह हादसा नरहत गांव में स्थित एक आहर में उस समय हुआ, जब सूर्यकांत सिंह का पैर फिसल गया और वे सीधे पानी में गिर गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना नवादा जिले के नरहत गांव में घटी। नरहत गांव में स्थित एक आहर के पास सूर्यकांत सिंह किसी काम से गए हुए थे। बताया जा रहा है कि आहर के किनारे खड़े रहने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया। पैर फिसलने के कारण वे संतुलन नहीं रख पाए और सीधे आहर के गहरे पानी में जा गिरे। पानी में गिरने के बाद वे डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने जब यह देखा तो तुरंत शोर मचाया और उन्हें पानी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद सूर्यकांत सिंह को आहर के पानी से बाहर निकाला गया।

पानी से बाहर निकाले जाने के बाद सूर्यकांत सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। उन्हें होश नहीं था और सांस लेने में भी गंभीर दिक्कत हो रही थी। आनन-फानन में परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर वहां मौजूद चिकित्सकों ने उनकी जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि अस्पताल लाए जाने तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों की इस पुष्टि के बाद अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

सूर्यकांत सिंह की उम्र 48 वर्ष थी। वे नवादा जिले के भाजपा के वरिष्ठ नेता रामपदारथ सिंह के पुत्र थे। पिता के राजनीतिक कद और समाज में उनके रुतबे के कारण सूर्यकांत सिंह भी स्थानीय स्तर पर एक जाने-माने व्यक्ति थे। उनके निधन की खबर जैसे ही नरहत गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैली, लोगों का हुजूम उनके घर और अस्पताल की तरफ उमड़ पड़ा। हर कोई इस अचानक हुई घटना से स्तब्ध था। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में मातम पसरा हुआ है।

इस दुखद घटना के बाद भाजपा संगठन और स्थानीय राजनीतिक जगत में भी शोक की लहर है। सूर्यकांत सिंह के पिता रामपदारथ सिंह भाजपा के एक वरिष्ठ और सक्रिय नेता हैं। उनके पुत्र की इस तरह अचानक हुई मौत से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा दुख है। कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

बिहार में खासकर ग्रामीण इलाकों में आहर और तालाबों में डूबने की घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। बारिश के मौसम या उसके बाद इन आहरों में पानी का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिससे किनारे अत्यंत फिसलन भरे और खतरनाक हो जाते हैं। कई बार लोग अनजाने में या किसी काम से इन जलस्रोतों के किनारे जाते हैं और पैर फिसलने जैसी छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो जाती है। नरहत गांव में हुई यह घटना भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है, जो एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा और सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

स्रोत के अनुसार, सूर्यकांत सिंह की मौत का मुख्य कारण आहर में पैर फिसलकर गिरना और पानी में डूबना ही बताया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में प्राथमिक जानकारी दर्ज कर ली है। शव को पोस्टमार्टम आदि की औपचारिकताओं के लिए रखा गया है। परिवार के लोगों का बुरा हाल है और वे अपने 48 वर्षीय सदस्य की अचानक हुई इस दुखद विदाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। पूरे नवादा जिले में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और लोग दिवंगत सूर्यकांत सिंह को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।