नवगछिया: फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर महिला का निजी वीडियो वायरल करने वाला गिरफ्तार, जान से मारने की धमकी देने का आरोप

बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर एक महिला के निजी वीडियो और फोटो को इंटरनेट पर वायरल करने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान हिमांशु शेखर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
यह मामला नवगछिया क्षेत्र का है, जहां साइबर अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने हिमांशु शेखर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपी हिमांशु शेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक फर्जी आईडी बनाई थी। इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते हुए उसने एक महिला के बेहद निजी वीडियो और फोटोग्राफ्स को सार्वजनिक रूप से वायरल कर दिया। इस घटना से पीड़ित महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा और वह मानसिक रूप से प्रताड़ित हो गई।
आरोपी यहीं नहीं रुका। स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, जब पीड़िता ने इस मामले में आपत्ति जताई या विरोध किया, तो हिमांशु शेखर ने उसे जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। यह धमकी पीड़िता को चुप कराने और दबाव बनाने के लिए दी गई थी। जान से मारने की धमकी और निजी तस्वीरों-वीडियो के वायरल होने से परेशान होकर पीड़ित महिला ने नवगछिया साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि किस प्रकार एक व्यक्ति ने फर्जी आईडी का सहारा लेकर उसके निजी जीवन से जुड़ी सामग्री को इंटरनेट पर फैलाया और फिर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की। साइबर अपराधों की प्रकृति को देखते हुए तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया। साइबर पुलिस की टीम ने फर्जी सोशल मीडिया आईडी की डिटेल खंगाली और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए आरोपी की पहचान हिमांशु शेखर के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिमांशु शेखर को गिरफ्तार कर लिया।
नवगछिया साइबर थाना पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाल के वर्षों में बिहार और विशेषकर भागलपुर तथा नवगछिया जैसे क्षेत्रों में सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को ब्लैकमेल करने, उनकी निजी तस्वीरें वायरल करने और फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने के मामले बढ़े हैं। ऐसे में साइबर पुलिस की सक्रियता आम लोगों, विशेषकर महिलाओं के लिए राहत की बात है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी हिमांशु शेखर से पुलिस पूछताछ कर रही है। यह जांच का विषय है कि क्या आरोपी ने ऐसा कोई अन्य अपराध भी किया है या उसके किसी और गिरोह से संबंध हैं। हालांकि, अभी तक उपलब्ध स्रोतों में आरोपी के खिलाफ किसी पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड या अन्य सह-आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने अनिश्चितता बरकरार रखते हुए आगे की जांच जारी रखी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार, किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी निजी तस्वीरें या वीडियो वायरल करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता के तहत एक गंभीर अपराध है। इसके अलावा, फर्जी आईडी बनाना और किसी को जान से मारने की धमकी देना भी कानूनन दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी हिमांशु शेखर पर इन सभी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
नवगछिया साइबर थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर किसी प्रकार के साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग या फर्जी आईडी से परेशान है, तो वह तुरंत साइबर थाने में संपर्क करे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में पीड़ितों को पूरी सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। पीड़िता को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में साइबर ठगों के बीच एक कड़ा संदेश गया है। फिलहाल, पुलिस आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रही है और मामले की गहनता से जांच कर रही है।

