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टीवी एक्ट्रेस ईशा सिंह और अभिनेता-निर्देशक पीटर विल्सन की फिल्म ‘ऑब्सेस’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों ने अपने संघर्ष, छोटे शहरों से मुंबई तक के सफर और बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाने की चुनौतियों पर खुलकर बात की। पीटर ने बताया कि फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने अभिनय, निर्देशन और प्रोडक्शन की जिम्मेदारी एक साथ संभाली, जबकि ईशा ने कहा कि उन्होंने इस फिल्म के लिए कई जोखिम भरे स्टंट खुद किए। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: भोपाल और छोटे शहरों से मुंबई तक का सफर तय करके आज फिल्म ‘ऑब्सेस’ तक पहुंचने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब/ईशा सिंह: अभी तक हम फिल्म की तैयारियों में इतने व्यस्त थे कि सफर के बारे में सोचने का समय ही नहीं मिला। लेकिन जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि हम बहुत दूर आ गए हैं। एक छोटे शहर से निकलकर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। मैं ईश्वर की बहुत आभारी हूं। सवाल: पीटर, आपने इस फिल्म को डायरेक्ट भी किया है, प्रोड्यूस भी किया है और इसमें अभिनय भी किया है। यह कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/पीटर विल्सन: बहुत मुश्किल था। हमने पहले इस किरदार के लिए कई बड़े कलाकारों से बात की, लेकिन हमारे पास कोई बड़ा बैनर या इंडस्ट्री प्रोफाइल नहीं था। तब टीम ने कहा कि यह किरदार मुझे खुद निभाना चाहिए। मुझे इसके लिए 130-140 किलो तक वजन बढ़ाना पड़ा। एक डायरेक्टर के तौर पर मुझे तकनीकी और रचनात्मक दोनों पहलुओं पर ध्यान देना था। यह पूरी तरह जुनून और जिद का नतीजा है। सवाल: ईशा, जब आपको फिल्म का ऑफर मिला तो परिवार का क्या रिएक्शन था? जवाब/ईशा सिंह: यह मेरी दूसरी फिल्म है। इससे पहले मैंने ‘मिडिल क्लास लव’ की थी, जो एक रोमांटिक फिल्म थी। ‘ऑब्सेस’ पूरी तरह अलग है। जब मुझे कहानी सुनाई गई तो लगा कि यह कुछ नया और चुनौतीपूर्ण है। इसमें ग्लैमर कम और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। इसलिए मैंने तुरंत हां कह दी। सवाल: पीटर, आपने ईशा को इस किरदार के लिए क्यों चुना? जवाब/पीटर विल्सन: मुझे ऐसे कलाकार की तलाश थी जो किरदार के लिए पूरी तरह समर्पित हो। ईशा का थिएटर बैकग्राउंड और उनके काम के प्रति समर्पण मुझे पसंद आया। उन्होंने कहानी सुनते ही किरदार को समझ लिया था। मुझे भरोसा था कि वह इसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। सवाल: छोटे शहरों से आने वाले कलाकारों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? जवाब/ईशा सिंह: लोग अक्सर कहते हैं कि एक्टिंग कोई करियर नहीं है। खासकर लड़कियों को बहुत बातें सुननी पड़ती हैं। मुझे भी कहा गया कि यह बेवकूफी है। लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरा पूरा साथ दिया। अगर परिवार का भरोसा हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान लगने लगते हैं। पीटर विल्सन: मैं पंजाब के एक छोटे से गांव से आता हूं। इंडस्ट्री में मेरा कोई गॉडफादर नहीं था। कई बार लोगों ने मजाक उड़ाया और कहा कि फिल्म बनाकर दिखाओ, रिलीज करके दिखाओ। लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मेरी टीम और साथियों ने मेरा पूरा साथ दिया। सवाल: क्या कभी रिजेक्शन या रिप्लेसमेंट का सामना करना पड़ा? जवाब/पीटर विल्सन: हां, कई बार ऐसा हुआ कि किसी प्रोजेक्ट में कास्ट होने के बाद भी मुझे रिप्लेस कर दिया गया। लेकिन इन अनुभवों ने मुझे और मजबूत बनाया। आज वही संघर्ष मेरी ताकत बन गया है। सवाल: आप दोनों के लिए ‘ऑब्सेशन’ का मतलब क्या है? जवाब/ईशा सिंह: मैं अपने काम को लेकर ऑब्सेस्ड हूं। मेरा मानना है कि मेहनत करते रहो और बाकी ऊपर वाले पर छोड़ दो। समय हर सवाल का जवाब देता है। पीटर विल्सन: मैं फिल्मों को लेकर ऑब्सेस्ड हूं। हमेशा सपना था कि अपनी फिल्म बनाऊं और अपनी कंपनी शुरू करूं। उसी जुनून ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। सवाल: क्या कभी किसी फैन की दीवानगी डरावनी लगी? जवाब/ईशा सिंह: हां, एक फैन मेरी हर गतिविधि पर नजर रखता था। उसे पता होता था कि मैं कहां हूं और क्या कर रही हूं। बाद में उसने धमकियां देना शुरू कर दीं। हमें उसकी शिकायत करनी पड़ी। वह अनुभव काफी डरावना था। सवाल: फिल्म की शूटिंग के दौरान कोई यादगार या जोखिम भरा अनुभव? जवाब/ईशा सिंह: फिल्म में मैंने खुद ड्राइविंग और कई स्टंट किए हैं। एक बार शूटिंग के दौरान कार का बैलेंस बिगड़ गया था और बड़ा हादसा होते-होते बचा। उस समय मैं बहुत डर गई थी। पीटर विल्सन: हमने ज्यादातर स्टंट्स रियल लोकेशन्स पर शूट किए हैं। कई बार टीम और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी खतरे पैदा हुए, लेकिन सौभाग्य से सब सुरक्षित रहा। सवाल: इंडस्ट्री से किस तरह का सपोर्ट मिला? जवाब/ईशा सिंह: मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मेरे आसपास बहुत अच्छे लोग हैं। मेरे दोस्तों और सहकर्मियों ने ट्रेलर देखकर काफी सराहना की। यह सपोर्ट मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब/ईशा सिंह: मेरे फैंस ने हमेशा मेरा साथ दिया है। वे मेरे लिए पोस्टर बनाते हैं, ट्रेंड चलाते हैं और हर मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहते हैं। मैं दिल से उनका धन्यवाद करती हूं और उम्मीद करती हूं कि उन्हें ‘ऑब्सेस’ पसंद आएगी। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब/पीटर विल्सन: ‘ऑब्सेस’ एक इंडिपेंडेंट फिल्म है, जिसे हमने पूरी मेहनत और ईमानदारी से बनाया है। यह एक अलग तरह का, रियलिस्टिक और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा है। मैं चाहूंगा कि दर्शक इसे देखें और अपना प्यार दें।
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ऑब्सेस के लिए पीटर ने खुद पर बड़ा दांव लगाया:एक्ट्रेस ईशा सिंह बोलीं- टैलेंट से पहले छोटे शहरों के कलाकारों की पहचान परखी जाती
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