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Mon, Oct 12, 2026Updated 3:03 PM IST
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फरीदकोट: कोटकपूरा में नशे के अड्डों पर पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन, संदिग्ध घरों की तलाशी और JCB से करवाई गई सफाई

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फरीदकोट जिले के कोटकपूरा क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया है। यह अभियान उन इलाकों में विशेष रूप से केंद्रित रहा, जिन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा पहले ही नशे के हॉटस्पॉट यानी संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया था। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान पुलिस की विभिन्न टीमों ने मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया और संदिग्ध व्यक्तियों के घरों की बारीकी से तलाशी ली। इसके साथ ही, इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे लोगों को भी रोककर उनसे गहन पूछताछ की गई।

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कोटकपूरा में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाना और ऐसे अपराधियों तक पहुंचना था, जो समाज में जहरीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त हैं। फरीदकोट पुलिस ने इस कार्रवाई को पूरी गोपनीयता और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया ताकि नशा तस्करों को भागने या सबूत मिटाने का मौका न मिल सके। पुलिस की कई टीमें एक साथ मैदान में उतरीं और उन्होंने चिह्नित किए गए हॉटस्पॉट इलाकों को घेर लिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और कानून व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू बनी रहे।

सर्च ऑपरेशन के दौरान जब पुलिस की टीमें उन मकानों तक पहुंचीं, जिन पर नशा तस्करी का संदेह था, तो वहां तस्करों के मकानों पर ताले लटके हुए पाए गए। ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस की आहट या मुखबिर तंत्र की सक्रियता की भनक लगते ही संदिग्ध व्यक्ति अपने घरों को बाहर से बंद करके वहां से फरार हो गए। हालांकि, ताले लटके होने के बावजूद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को नहीं रोका और नियमानुसार तलाशी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। पुलिस अधिकारियों ने इन बंद घरों और उनके आसपास के क्षेत्रों की जांच की ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वहां कोई आपत्तिजनक सामान या नशीले पदार्थ तो नहीं छिपाए गए हैं।

इस अभियान की एक सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित बात यह रही कि पुलिस प्रशासन ने केवल तलाशी लेने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि नशे के अड्डों को जड़ से खत्म करने के लिए भारी मशीनरी का भी सहारा लिया गया। पुलिस ने जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से इन संवेदनशील इलाकों में सफाई अभियान चलवाया। जिन स्थानों, खंडहरों या झोपड़ियों को नशा तस्करों द्वारा अपना ठिकाना बनाया गया था और जहां बैठकर नशे का सेवन या कारोबार किया जाता था, उन्हें जेसीबी की मदद से गिराकर साफ करवाया गया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि जब तक ऐसे भौतिक ढांचों को पूरी तरह से ध्वस्त नहीं किया जाएगा, तब तक नशे का कारोबार करने वाले लोग इन स्थानों का फिर से इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे। इसलिए, जेसीबी से सफाई करवाना इस मुहिम का एक अत्यंत निर्णायक हिस्सा था।

तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने इलाके में मौजूद हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी। जो लोग बिना किसी स्पष्ट कारण के इधर-उधर भटक रहे थे या जिनके हाव-भाव संदिग्ध लग रहे थे, उन्हें रोककर उनकी पहचान पूछी गई। पुलिस ने उनसे विस्तृत पूछताछ की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे नशे के कारोबार से किसी भी रूप में जुड़े तो नहीं हैं। इस पूछताछ के दौरान पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने आम जनता को विश्वास दिलाया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उनके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं होने दी जाएगी।

कोटकपूरा और समूचे फरीदकोट जिले में नशे की समस्या एक गंभीर चुनौती रही है। युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने और नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस समय-समय पर ऐसे विशेष अभियान चलाती रहती है। हाल ही में चलाए गए इस बड़े सर्च ऑपरेशन को पुलिस विभाग की उस जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत नशे के कारोबारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई किसी एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी ऐसे हॉटस्पॉट इलाकों में निरंतर छापेमारी और सफाई अभियान जारी रहेगा।

वंदे भारत न्यूज़ की इस रिपोर्ट के अनुसार, फरीदकोट पुलिस का यह कदम न केवल नशा तस्करों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि प्रशासन कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सजग है। हालांकि, इस सर्च ऑपरेशन में अभी तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी या भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच जारी है और संदिग्ध घरों पर लटके तालों के पीछे के व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। यह देखना होगा कि जेसीबी से करवाई गई इस सफाई और तलाशी अभियान के बाद कोटकपूरा के इन चिह्नित इलाकों में नशे के कारोबार पर कितनी प्रभावी रोक लग पाती है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा जताया है कि इस तरह के सघन अभियानों से नशा माफियाओं के हौसले जरूर पस्त होंगे।