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Sun, Oct 11, 2026Updated 3:09 PM IST
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फरीदकोट में चोरी की पिकअप बरामदगी के दौरान पुलिस और आरोपी में मुठभेड़, अपनी ही गोली से घायल हुआ बदमाश

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फरीदकोट। पंजाब के फरीदकोट जिले में चोरी की एक गाड़ी को बरामद करने गई पुलिस टीम और संदिग्ध आरोपी के बीच उस समय मुठभेड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। हालांकि, इस गोलीबारी की घटना में आरोपी से चलाई गई गोली उसके अपने पैर में लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बठिंडा से चोरी हुई एक पिकअप गाड़ी को जीपीएस ट्रैकिंग तकनीक की मदद से खोजने के दौरान सामने आया है। पुलिस ने घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, बठिंडा जिले से कुछ समय पहले एक पिकअप गाड़ी चोरी होने की वारदात सामने आई थी। इस संबंध में बठिंडा पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर चोरी गई गाड़ी की तलाश शुरू की गई थी। चूंकि उक्त पिकअप गाड़ी में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) ट्रैकिंग डिवाइस लगा हुआ था, इसलिए पुलिस तकनीकी निगरानी के माध्यम से गाड़ी की लोकेशन को लगातार ट्रैक कर रही थी। जीपीएस सिग्नल का अनुसरण करते हुए पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी की गई पिकअप गाड़ी बठिंडा से निकलकर फरीदकोट जिले की सीमा में प्रवेश कर चुकी है।

जीपीएस लोकेशन के आधार पर फरीदकोट पुलिस को इस चोरी के मामले की सूचना दी गई और दोनों जिलों की पुलिस टीमों ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई को आगे बढ़ाया। फरीदकोट पुलिस की एक टीम ने जीपीएस द्वारा मिल रहे सटीक संकेतों का पीछा करते हुए चोरी की पिकअप गाड़ी को एक विशिष्ट स्थान पर ट्रैक कर लिया। जैसे ही पुलिस टीम ने गाड़ी को घेरने और संदिग्ध आरोपी को पकड़ने के लिए अपना अभियान तेज किया, तभी आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी को भांप लिया। खुद को पुलिस द्वारा घिरता देख आरोपी ने भागने या बचने के इरादे से पुलिस पार्टी पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।

आरोपी द्वारा की गई इस फायरिंग से पुलिस और चोर के बीच कुछ देर के लिए मुठभेड़ जैसी तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस कर्मियों ने भी आत्मरक्षा और आरोपी को काबू करने के लिए त्वरित कार्रवाई की। इसी गोलीबारी की घटना के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला वाकया हुआ। आरोपी ने पुलिस पर जो गोली चलाई, वह किसी अनियंत्रित दिशा में जाने के बजाय उल्टे उसी के पैर में जा लगी। अपनी ही चलाई गोली से घायल होने के कारण आरोपी वहीं गिर पड़ा और उसकी भागने या फायरिंग करने की क्षमता समाप्त हो गई।

घायल अवस्था में पड़े आरोपी को पुलिस ने तुरंत अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों द्वारा उसके पैर से गोली निकालने और अन्य आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की वर्तमान स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है और उपचार पूरा होने के बाद उससे औपचारिक पूछताछ की जाएगी।

इस घटना के बाद पुलिस ने मौके से चोरी की गई पिकअप गाड़ी को पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया है। बठिंडा से चोरी हुई इस गाड़ी को जीपीएस तकनीक की मदद से सही सलामत बरामद करना पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। बरामद की गई पिकअप गाड़ी को अब आगामी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए कब्जे में ले लिया गया है, ताकि इसे उचित जांच के बाद उसके असली मालिक को सौंपा जा सके।

यह घटना आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के पुलिस कार्यप्रणाली में बढ़ते महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है। अपराधियों द्वारा चोरी की गई गाड़ियों को एक जिले से दूसरे जिले में तेजी से ले जाया जाता है, ऐसे में जीपीएस तकनीक पुलिस को वाहन की रियल-टाइम लोकेशन जानने में अत्यंत सहायक सिद्ध होती है। बठिंडा और फरीदकोट पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और तकनीकी जानकारी के सही उपयोग के कारण ही इस चोरी के मामले में इतनी जल्दी सफलता हासिल की जा सकी।

फिलहाल, फरीदकोट पुलिस द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह आरोपी अकेला काम कर रहा था या इसके पीछे कोई संगठित वाहन चोरी गिरोह सक्रिय है। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपी के पास से बरामद हथियार की वैधता क्या थी और वह इसे कहां से लाया था। अस्पताल में आरोपी के स्वस्थ होने और बयान देने की स्थिति में आने के बाद पुलिस इस मामले में कई और अहम खुलासे होने की संभावना व्यक्त कर रही है। बठिंडा पुलिस से भी इस संदर्भ में लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है ताकि दोनों जिलों में दर्ज मामलों को एक साथ सुलझाया जा सके।