फतेहपुर में जीवित युवक को मृत घोषित करने का मामला, वृद्धावस्था पेंशन रुकी तो हुआ खुलासा


फतेहपुर। जिले के खजुहा विकासखंड की अरई ग्राम सभा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां रहने वाले शिवनंदन पुत्र स्वर्गीय शिवराम का आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं। मामला तब सामने आया, जब वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित कार्यालय में जाकर जानकारी ली।
पेंशन की जांच कराने पहुंचे तो पता चला मृत घोषित हैं
शिवनंदन के मुताबिक, वृद्धावस्था पेंशन खाते में नहीं आने पर वह फतेहपुर स्थित संबंधित कार्यालय पहुंचे और इसकी जानकारी ली। वहां उन्हें पता चला कि अभिलेखों में उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो चुका है। यह जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी पहचान और जीवित होने का प्रमाण प्रस्तुत किया।
शिवनंदन ने इस मामले में जिलाधिकारी फतेहपुर को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है। उनका कहना है कि जीवित होने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज किए जाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने जांच का दिया आश्वासन
मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी खजुहा, कमल सिंह ने इसे गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से भी शिवनंदन को जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
इस मामले में अब यह जांच का विषय है कि शिवनंदन को मृत घोषित करने वाला प्रमाण पत्र किन परिस्थितियों में जारी हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल शिवनंदन को अपने रिकॉर्ड में सुधार, पेंशन बहाल होने और मामले में उचित कार्रवाई का इंतजार है।
रिपोर्ट: अमर दीप त्रिपाठी | फतेहपुर | वंदे भारत न्यूज़

