एम्स्टर्डम16 मिनट पहले
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PM मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे।
पीएम मोदी 9 साल बाद नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने के लिहाज से काफी अहम है। इस यात्रा में व्यापार, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, वाटर मैनेजमेंट, ग्रीन एनर्जी और रक्षा सहयोग जैसे कई बड़े मुद्दों पर बातचीत होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ से होगी। दोनों नेता कई अहम समझौतों पर चर्चा करेंगे।
इस दौरे का सबसे बड़ा फोकस सेमीकंडक्टर और हाई-टेक इंडस्ट्री को माना जा रहा है। भारत इस समय अपनी चिप मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। इसी वजह से भारत की नजर डच टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ साझेदारी पर है।
नीदरलैंड की कंपनी ASML दुनिया की सबसे बड़ी चिप मशीन बनाने वाली कंपनियों में गिनी जाती है। भारत चाहता है कि आने वाले समय में चिप निर्माण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत हो।

व्यापार और निवेश बढ़ाने की तैयारी
भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। नीदरलैंड भारत में निवेश करने वाले बड़े देशों में शामिल है। माना जा रहा है कि इस दौरे में नई निवेश योजनाओं और व्यापारिक समझौतों पर भी बात हो सकती है।
खासतौर पर बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, कृषि तकनीक और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टरों में सहयोग बढ़ाने की तैयारी है। नीदरलैंड वाटर मैनेजमेंट और मॉर्डन खेती की तकनीक के लिए दुनिया भर में जाना जाता है और भारत इन क्षेत्रों में उसके अनुभव का फायदा लेना चाहता है।
नीदरलैंड के राजा और रानी से मिलेंगे
नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा भी पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी के सम्मान में आधिकारिक कार्यक्रम और भोज का आयोजन किया जाएगा।
पीएम मोदी इससे पहले 2017 में नीदरलैंड गए थे। वहीं, इसी साल नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कूफ भारत दौरे पर आए थे। उस दौरान दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।

पीएम मोदी 2017 में नीदरलैंड दौरे पर पहुंचे थे। तब उन्होंने तत्कालीन डच प्रधानमंत्री मार्क रुट से ट्रेड, जल प्रबंधन, टेक्नोलॉजी और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा की थी।
यूरोप में भारत की रणनीति का हिस्सा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक आम विदेश यात्रा नहीं है, बल्कि यूरोप में भारत की नई रणनीतिक नीति का हिस्सा है। रूस-यूक्रेन युद्ध और ग्लोबल सप्लाई चेन संकट के बाद भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने आर्थिक और तकनीकी रिश्ते मजबूत करने में जुटा है।
नीदरलैंड यूरोप का एक बड़ा व्यापारिक सेंटर माना जाता है। रॉटरडैम पोर्ट के जरिए पूरे यूरोप तक व्यापार पहुंचता है। ऐसे में भारत के लिए नीदरलैंड की अहमियत और बढ़ जाती है। —————
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