Sun, 11 Oct 202612:57 PM
Sun, Oct 11, 2026Updated 12:57 PM IST
होम › पंजाब

पंजाब चुनाव से पहले सांसद अमृतपाल सिंह को बड़ी राहत: अमृतसर कोर्ट ने असम की डिब्रूगढ़ जेल से बीमार दादी से वीडियो कॉल पर बात करने की दी अनुमति

WhatsAppFacebookX

अमृतसर। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद और असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह को अमृतसर की अदालत से एक बड़ी राहत मिली है। अमृतसर कोर्ट ने सांसद अमृतपाल सिंह को उनकी बीमार दादी से वीडियो कॉल के माध्यम से बात करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। अदालत ने यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि अमृतपाल सिंह अपनी दादी से 10 मिनट तक वीडियो कॉल पर वार्तालाप कर सकते हैं। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब की राजनीतिक गलियारों में आने वाले चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं और अमृतपाल सिंह की कानूनी स्थिति को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमृतसर की अदालत में इस संबंध में एक याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें सांसद अमृतपाल सिंह की ओर से यह अनुरोध किया गया था कि उनकी दादी की तबीयत ठीक नहीं है और वे उनसे बात करना चाहते हैं। चूंकि अमृतपाल सिंह वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं, इसलिए उनके लिए परिवार के सदस्यों से सीधे तौर पर मुलाकात करना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है। पंजाब से असम की दूरी को देखते हुए और दादी की खराब स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए, अदालत के समक्ष वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की अनुमति मांगी गई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले की गंभीरता को समझने के बाद, अमृतसर कोर्ट ने मानवीय आधार पर सांसद को 10 मिनट के लिए वीडियो कॉल करने की इजाजत दे दी है।

अमृतपाल सिंह पंजाब के खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से सांसद हैं। वे पिछले काफी समय से असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई थी और उन्हें पंजाब से दूर असम की जेल में रखा गया है। जेल में रहते हुए भी उन्होंने खडूर साहिब से लोकसभा का चुनाव लड़ा था और भारी मतों से जीत दर्ज करके संसद पहुंचे थे। उनकी इस जीत ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया था। अब जबकि पंजाब में विधानसभा चुनाव निकट आ रहे हैं, अमृतपाल सिंह के समर्थकों और उनके संगठन की गतिविधियों पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है। ऐसे में अदालत द्वारा दी गई यह राहत उनके समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जेल में बंद कैदियों को उनके परिजनों की गंभीर बीमारी या अन्य मानवीय कारणों से वीडियो कॉल की सुविधा प्रदान करना भारतीय न्याय व्यवस्था में स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है। कई उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने भी पूर्व में ऐसे मामलों में कैदियों को अपने परिवार से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से जुड़ने की अनुमति दी है। हालांकि, इसके लिए जेल प्रशासन और संबंधित अदालत की सख्त निगरानी और दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है। अमृतसर कोर्ट ने भी 10 मिनट की समय सीमा तय करके यह सुनिश्चित किया है कि यह सुविधा केवल पारिवारिक और मानवीय कारणों तक ही सीमित रहे।

इस आदेश के बाद अब डिब्रूगढ़ जेल प्रशासन को अमृतसर कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सांसद अमृतपाल सिंह को उनकी बीमार दादी से वीडियो कॉल कराने की व्यवस्था करनी होगी। जेल अधिकारियों की मौजूदगी और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत ही यह 10 मिनट की कॉल संपन्न कराई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कॉल के दौरान किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन न हो।

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमृतपाल सिंह के समर्थक और उनके संगठन से जुड़े लोग पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका में देखे जा रहे हैं। चुनाव से पहले सांसद को अदालत से मिली इस राहत को उनके समर्थक एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित कर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दल भी इस मामले पर अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं दे सकते हैं।

कुल मिलाकर, असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह को अमृतसर कोर्ट से मिली यह अनुमति उनके परिवार के लिए एक बड़ी राहत है। बीमार दादी से 10 मिनट की वीडियो कॉल की यह इजाजत जहां एक तरफ मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देती है, वहीं दूसरी तरफ पंजाब के बदलते राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनावों के संदर्भ में इसे एक महत्वपूर्ण कानूनी और राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि इस अदालती आदेश के बाद पंजाब की राजनीति में क्या नए समीकरण बनते हैं और जेल प्रशासन इस आदेश को किस प्रकार लागू करता है।