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Sun, Oct 11, 2026Updated 6:02 PM IST
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पंजाब CM ऑफिस के कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज हुए पीछे, बोले- हम मुश्किल दौर में, पता नहीं कहां से हमला हो जाए

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नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक अहम और चर्चित घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने खुद को इस केस से अलग कर लिया है। पीठ से हटते समय न्यायाधीश ने जो टिप्पणी की, वह बेहद गौरतलब है। उन्होंने कहा कि हम एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और यह पता नहीं होता कि कहां से हमला हो जाए। न्यायाधीश द्वारा खुद को इस संवेदनशील मामले से अलग करने के बाद अब इस याचिका पर सुनवाई किसी अन्य पीठ के समक्ष होने की संभावना है।

यह पूरा मामला पंजाब सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश दिया था कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू करे। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इसी फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए उस पर रोक लगाने या उसे निरस्त करने की मांग की थी। आज इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन सुनवाई शुरू होते ही न्यायाधीश के पीछे हटने से मामले ने नया मोड़ ले लिया।

गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात रहे ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) घुम्मन का नाम इस कथित भ्रष्टाचार मामले में प्रमुखता से सामने आया था। उन पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों के आधार पर मामला पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्य की जांच एजेंसियों के बजाय सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया था। हाईकोर्ट का मानना था कि इस तरह के संवेदनशील मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो का हस्तक्षेप आवश्यक है। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस दर्ज कर जांच शुरू करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे।

हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। राज्य सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि हाईकोर्ट का आदेश उचित नहीं है और सीबीआई जांच के निर्देश देने का कोई वैध आधार नहीं बनता है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाए। आज जब इस याचिका पर सुनवाई के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट की अदालत में सूचीबद्ध था, तभी सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने खुद को इस केस से अलग करने का फैसला सुनाया।

पीठ से हटते हुए न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी में कहा, “हम मुश्किल दौर में हैं, पता नहीं कहां से हमला हो जाए।” न्यायाधीश की यह टिप्पणी न्यायपालिका और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों की सुनवाई के दौरान उत्पन्न होने वाले दबावों की ओर इशारा करती है। हालांकि, न्यायाधीश ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके इस कथन का सीधा संबंध किस विशेष परिस्थिति से है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय जैसे उच्च स्तरीय मामले में उनके पीछे हटने को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

इस मामले की सुनवाई से न्यायाधीश के अलग होने के बाद अब यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के समक्ष रखी जाएगी, ताकि इसे सुनने के लिए किसी नई पीठ का गठन किया जा सके। नई पीठ के गठन के बाद ही यह तय हो पाएगा कि हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाई जाएगी या नहीं। जब तक सुप्रीम कोर्ट से कोई स्पष्ट आदेश नहीं आता, तब तक हाईकोर्ट का निर्देश यथावत बना रहेगा।

ओएसडी घुम्मन से जुड़े इस कथित भ्रष्टाचार मामले ने पंजाब की राजनीति में भी खासी हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं और सीबीआई जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को कानूनी रूप से चुनौती देकर अपना पक्ष रखा है। सुप्रीम कोर्ट में आज हुई इस सुनवाई और न्यायाधीश द्वारा खुद को अलग करने की घटना ने इस मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सुप्रीम कोर्ट की नई पीठ इस याचिका पर कब सुनवाई करती है और क्या वह हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश पर रोक लगाती है या फिर जांच जारी रहने देती है। पंजाब सरकार और सीबीआई दोनों को अब नई पीठ के समक्ष अपने-अपने पक्ष रखने होंगे। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ा है और इसकी जांच के परिणामों का असर पंजाब की राजनीतिक स्थिरता पर भी पड़ सकता है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में होने वाली आगे की सुनवाई और विकास पर लगातार नजर रखे हुए है।