पन्ना में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला फूंका, दिल्ली में नेताओं पर बलप्रयोग के खिलाफ दिया धरना; लोकतंत्र का ‘काला दिन’ बताया

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में इंडिया (INDIA) ब्लॉक के सांसदों और नेताओं पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बलप्रयोग के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र का ‘काला दिन’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि जो नेता निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगने गए थे, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के बैनर तले बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका गया, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर तनाव का माहौल बन गया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि देश की राजधानी दिल्ली में जो घटनाएं घटी हैं, वे किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने इसे सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला बताया।
कांग्रेस नेताओं ने अपने आरोपों में कहा कि इंडिया (INDIA) ब्लॉक के सांसद और वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय गए थे। उनका उद्देश्य निर्वाचन आयोग से कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाबदेही मांगना और अपनी बात रखना था। कांग्रेस का दावा है कि जब ये नेता शांतिपूर्वक तरीके से निर्वाचन आयोग से सवाल पूछने पहुंचे, तो दिल्ली पुलिस ने उन पर बलप्रयोग किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सांसदों और नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें रोकने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया, जो कि संसद सदस्यों के अधिकारों का हनन है।
पन्ना में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि दिल्ली में हुई यह घटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ‘काले दिन’ के रूप में दर्ज की जाएगी। उनका तर्क था कि लोकतंत्र में हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने तथा संवैधानिक संस्थाओं से जवाबदेही मांगने का पूर्ण अधिकार है। जब खुद चुने हुए सांसदों और नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है, जिससे सवाल पूछना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके बदले में बलप्रयोग किया जाना निंदनीय है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य लक्ष्य केंद्र सरकार की नीतियों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के सांसदों पर पुलिस द्वारा किए गए बलप्रयोग की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो भी अधिकारी या पुलिसकर्मी इस कार्रवाई में शामिल थे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो यह संदेश जाएगा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के साथ भी मनमानी की जा सकती है।
पन्ना में हुए इस प्रदर्शन ने यह भी स्पष्ट किया कि इंडिया (INDIA) ब्लॉक के नेताओं पर दिल्ली में हुई कार्रवाई का विरोध केवल राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के छोटे जिलों में भी देखने को मिल रहा है। ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। नारेबाजी और पुतला दहन के जरिए कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है। पार्टी के स्थानीय नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर ही दिल्ली पुलिस ने विपक्षी सांसदों पर बलप्रयोग किया। उनका कहना है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है और निर्वाचन आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं के सामने विपक्ष को खड़ा होने से रोका जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में दिल्ली पुलिस या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक स्रोत सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
उल्लेखनीय है कि निर्वाचन आयोग से जुड़े मामलों को लेकर विपक्ष समय-समय पर सवाल उठाता रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम इस विवाद में सामने आने के बाद पन्ना में कांग्रेस ने सीधे तौर पर उनका पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर दिल्ली में सांसदों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और बलप्रयोग के मामले में दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। फिलहाल, पन्ना में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का यह धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन चर्चा का विषय बना हुआ है, और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।

