पटना में दुर्गा पूजा 2026 की भव्य तैयारियां: एतवारपुर में 121 फीट ऊंचा सबसे महंगा पंडाल, बोरिंग कैनाल रोड पर 20 हजार घंटियों से सजी शिवलिंग आकृति

पटना। बिहार की राजधानी पटना में शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा 2026 को लेकर तैयारियां अपने चरम पर पहुंच गई हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में पूजा समितियों ने इस बार अपनी कलात्मकता, थीम और भव्यता के मामले में एक-दूसरे से आगे निकलने का प्रयास किया है। इस वर्ष पटना के टॉप-10 पंडालों की सूची में कई ऐसे पंडाल शामिल हैं, जो अपनी अद्भुत सजावट, ऊंचाई और अनूठी थीम के कारण श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार एतवारपुर, बोरिंग कैनाल रोड और खाजपुरा सहित कई इलाकों के पंडालों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
एतवारपुर में बना पटना का सबसे लंबा और महंगा पंडाल
इस वर्ष पटना की दुर्गा पूजा में एतवारपुर का पंडाल सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एतवारपुर में इस बार पटना का सबसे लंबा और सबसे महंगा दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया गया है। इस पंडाल की ऊंचाई 121 फीट बताई जा रही है, जो इसे शहर के अन्य सभी पंडालों से विशिष्ट बनाती है। इतनी ऊंचाई का पंडाल निर्मित करने के लिए कारीगरों और आयोजकों ने विशेष इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा है। एतवारपुर के इस पंडाल को शहर का सबसे महंगा पंडाल बताया जा रहा है, जिसमें भव्यता और कलात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों और पूजा समिति के सदस्यों की मानें तो यह पंडाल न केवल पटना, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। 121 फीट की यह ऊंचाई दूर से ही दिखाई देती है और रात के समय जब इस पर प्रकाश व्यवस्था की जाती है, तो इसका नजारा और भी मनमोहक हो जाता है।
बोरिंग कैनाल रोड पर शिवलिंग आकार का अनूठा पंडाल और 20 हजार घंटियों की सजावट
पटना के प्रमुख मार्गों में से एक बोरिंग कैनाल रोड पर इस बार दुर्गा पूजा पंडाल की थीम बेहद अनोखी रखी गई है। यहां शिवलिंग के आकार का एक विशाल पंडाल बनाया जा रहा है। शिवलिंग की आकृति में बना यह पंडाल धार्मिक आस्था और कलात्मक कौशल का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है। लेकिन इस पंडाल की असल खूबसूरती इसकी सजावट में छिपी है। बोरिंग कैनाल रोड के इस पंडाल को लगभग 20 हजार घंटियों से सजाया गया है। इन हजारों घंटियों का उपयोग पंडाल की बाहरी और आंतरिक सजावट में किया गया है। हवा चलने पर इन घंटियों से निकलने वाली मधुर ध्वनि पूरे माहौल को भक्तिमय और शांत बना देती है। 20 हजार घंटियों से सजे इस पंडाल को देखने के लिए अभी से लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। आयोजकों का कहना है कि इस बार की थीम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।
खाजपुरा में रावण पर्वत उठाते दिखेंगे, पौराणिक थीम का जीवंत चित्रण
पटना के खाजपुरा इलाके में इस बार दुर्गा पूजा पंडाल की थीम पौराणिक कथाओं पर आधारित रखी गई है। यहां के पंडाल में रावण को पर्वत उठाते हुए दिखाया जाएगा। यह दृश्य संभवतः रामायण काल की उस घटना का चित्रण करता है, जब लंकापति रावण ने कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया था। खाजपुरा के आयोजकों ने इस थीम को बेहद बारीकी और यथार्थपरक तरीके से पेश करने की योजना बनाई है। रावण की विशाल प्रतिमा और पर्वत की संरचना को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि दर्शकों को पौराणिक काल की झलक मिल सके। यह थीम न केवल दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी को हमारी प्राचीन कथाओं और संस्कृति से जोड़ने का भी काम करेगी।
पटना के टॉप-10 पंडालों की सूची में शामिल अन्य आकर्षण
एतवारपुर, बोरिंग कैनाल रोड और खाजपुरा के अलावा पटना के कई अन्य इलाकों में भी भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है, जिन्हें शहर के टॉप-10 पंडालों की सूची में शामिल किया गया है। हर साल की तरह इस बार भी पटना की दुर्गा पूजा समितियों ने थीम आधारित पंडालों पर विशेष जोर दिया है। कुछ पंडालों में ऐतिहासिक धरोहरों की प्रतिकृतियां बनाई गई हैं, तो कुछ में सामाजिक संदेशों को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लाइटिंग और साउंड सिस्टम की भी व्यापक व्यवस्था की गई है ताकि रात के समय मेले और पूजा का आनंद दोगुना हो सके।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
इतने बड़े स्तर पर आयोजन को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एतवारपुर के 121 फीट ऊंचे पंडाल और बोरिंग कैनाल रोड जैसे व्यस्त इलाकों में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही, पंडालों के आसपास यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे पूजा स्थलों पर शांति और अनुशासन बनाए रखें।
निष्कर्षतः, पटना में दुर्गा पूजा 2026 का आयोजन अपनी भव्यता, ऊंचाई और अनूठी थीम के कारण पिछले कई वर्षों में सबसे खास माना जा रहा है। एतवारपुर का 121 फीट ऊंचा सबसे महंगा पंडाल, बोरिंग कैनाल रोड पर 20 हजार घंटियों से सजा शिवलिंग आकार का पंडाल और खाजपुरा में रावण द्वारा पर्वत उठाने का पौराणिक दृश्य—ये सभी इस बार की दुर्गा पूजा की पहचान बन गए हैं। वंदे भारत न्यूज़ की टीम शहर के इन प्रमुख पंडालों की तस्वीरों और विस्तृत जानकारी को लगातार अपने पाठकों तक पहुंचा रही है।

