पटना में जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने की ERSS प्रणाली की समीक्षा बैठक, हर 15 दिन पर होगी अधिकारियों की निगरानी

पटना। वंदे भारत न्यूज। बिहार के केंद्रीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जितेंद्र राणा ने सोमवार को पटना में पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली (ERSS) की कार्यप्रणाली और उसकी दक्षता की विस्तृत समीक्षा करना था। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि ERSS को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि आम जनता को बेहतर और समयबद्ध सुरक्षा सुनिश्चित कराई जा सके। इस दौरान पटना पुलिस द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
सोमवार को आयोजित इस समीक्षा बैठक में केंद्रीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा ने पटना पुलिस के विभिन्न स्तरों पर काम कर रहे अधिकारियों से सीधे संवाद किया। बैठक में मुख्य रूप से ERSS यानी इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम की वर्तमान स्थिति, उसकी कमियों और इसे भविष्य में कैसे अधिक सशक्त बनाया जा सकता है, इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। यह प्रणाली आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की ओर से इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
बैठक के दौरान आईजी जितेंद्र राणा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब से हर 15 दिन पर संबंधित अधिकारी ERSS प्रणाली की नियमित समीक्षा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपातकालीन कॉल्स पर पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कोई देरी न हो और पीड़ित या जरूरतमंद व्यक्ति तक पुलिस बल जल्द से जल्द पहुंच सके। हर पखवाड़े होने वाली इस समीक्षा से अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और व्यवस्था में आने वाली किसी भी प्रकार की बाधा को समय रहते पहचानकर उसे दूर किया जा सकेगा।
पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए जोनल आईजी ने पटना पुलिस के अब तक के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण और आम जनता की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि पुलिस की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा होनी चाहिए और इसके लिए सभी तकनीकी संसाधनों, विशेषकर ERSS का सर्वोत्तम उपयोग किया जाना अनिवार्य है।
आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली (ERSS) एक एकीकृत आपातकालीन नंबर आधारित सेवा है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक संकट की स्थिति में पुलिस से तुरंत मदद मांग सकता है। जब कोई व्यक्ति डायल 112 या संबंधित आपातकालीन नंबर पर कॉल करता है, तो यह प्रणाली स्वचालित रूप से निकटतम पुलिस वाहन या पेट्रोलिंग टीम को सूचना भेजती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगने वाले समय और प्रतिक्रिया की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए ही आईजी स्तर पर यह समीक्षा बैठक बुलाई गई थी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह भी चर्चा हुई कि तकनीकी खामियों, मानव संसाधन की कमी या संचार में देरी के कारण कई बार आपातकालीन प्रतिक्रिया में विलंब हो जाता है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ERSS से जुड़े बुनियादी ढांचे और कर्मियों की तैनाती की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
वंदे भारत न्यूज के संज्ञान में आए विवरण के अनुसार, केंद्रीय क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि, बैठक में शामिल अन्य विशिष्ट अधिकारियों, जैसे कि कार्तिकेय शर्मा सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों की सटीक भूमिका या उनके द्वारा रखे गए विचारों का पूर्ण विवरण उपलब्ध स्रोत सामग्री में स्पष्ट रूप से उल्लेखित नहीं है, इसलिए उनकी टिप्पणियों के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि हर 15 दिन पर होने वाली यह नियमित समीक्षा बैठक पटना शहर की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। जब अधिकारी नियमित अंतराल पर प्रणाली की जांच करेंगे, तो मैदानी स्तर पर काम कर रहे कर्मियों में भी सतर्कता बनी रहेगी। इससे न केवल अपराधियों में पुलिस का भय बना रहेगा, बल्कि आम नागरिकों का भी पुलिस प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
कुल मिलाकर, पटना में जोनल आईजी जितेंद्र राणा द्वारा की गई यह समीक्षा बैठक पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। ERSS को प्रभावी बनाने और हर पखवाड़े इसकी समीक्षा करने के फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि पुलिस प्रशासन जन सुरक्षा को लेकर गंभीर है और तकनीकी प्रणालियों का उपयोग करके अपराध नियंत्रण तथा आपातकालीन सहायता को सर्वोच्च स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस नीति के व्यावहारिक परिणाम देखे जा सकेंगे।

