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Tue, Oct 13, 2026Updated 5:51 PM IST
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पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

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उरई, जालौन। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और प्रेस की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब, जनपद जालौन ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। संगठन ने लिविंग इंडिया एवं हिंदी खबर न्यूज चैनल के संपादकों और एक महिला पत्रकार को हिरासत में लिए जाने के प्रकरण पर चिंता जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की मांग

डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष मनोज राजा के नेतृत्व में तैयार ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज की समस्याओं, जनहित के मुद्दों और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को जनता के सामने रखते हैं। ऐसे में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई में पारदर्शिता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है।

ज्ञापन में मांग की गई कि संबंधित संपादकों और महिला पत्रकार को हिरासत में लिए जाने के पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में अवैध कार्रवाई, दुर्व्यवहार या अधिकारों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पत्रकारों को भय और दबाव से मुक्त माहौल मिले

संगठन ने कहा कि पत्रकारों को बिना भय, दबाव या प्रतिशोध के अपना काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। ज्ञापन में पत्रकारों को धमकी देने, मारपीट करने और उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

महिला पत्रकारों की सुरक्षा और गरिमा को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। संगठन ने मांग की कि महिला पत्रकारों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।

राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार सुरक्षा आयोग बनाने की मांग

डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब ने पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार सुरक्षा आयोग के गठन की पहल करने की मांग की। इसके साथ ही प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने और पत्रकारों से संबंधित शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

संगठन ने स्पष्ट किया कि ज्ञापन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध पूर्वाग्रह के आधार पर कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, कानून के शासन और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा सुनिश्चित करना है।

उरई, जनपद जालौन से धर्मेंद्र राजपूत, ब्यूरो रिपोर्ट।