पूर्णिया एमएलसी चुनाव: जनसुराज प्रत्याशी रजनीश रंजन 14 जिलों की यात्रा पर, 8 से 21 अक्टूबर तक करेंगे जनसंपर्क; 10,000 स्नातक बेरोजगारों को नौकरी का वादा

पूर्णिया। बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) के आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी रजनीश रंजन ने पूर्णिया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए अपनी विस्तृत रणनीति और यात्रा कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि वे एमएलसी चुनाव के मद्देनजर कुल 14 जिलों का दौरा करेंगे। यह व्यापक जनसंपर्क अभियान 8 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान वे मतदाताओं, विशेषकर स्नातक मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे और उनके बीच अपनी पार्टी की नीतियों तथा चुनावी वादों को रखेंगे।
जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी रजनीश रंजन ने अपने चुनाव प्रचार की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि उनकी 14 जिलों की यह यात्रा पूरी तरह से नियोजित है। 8 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह जनसंपर्क अभियान लगातार 21 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इन चौदह दिनों के दौरान वे पूर्णिया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों का भ्रमण करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य स्नातक मतदाताओं तक पहुंचना, उनकी समस्याओं को समझना और जन सुराज पार्टी के दृष्टिकोण से उन्हें अवगत कराना है। रजनीश रंजन ने स्पष्ट किया कि वे इस यात्रा के माध्यम से घर-घर और संस्थान-संस्थान जाकर लोगों से संपर्क करेंगे।
अपने चुनावी अभियान के दौरान रजनीश रंजन ने बेरोजगार स्नातकों के लिए कई अहम वादों की घोषणा भी की है, जो इस चुनाव में उनका प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है। उन्होंने वादा किया है कि यदि वे इस चुनाव में जीत हासिल करते हैं और विधान परिषद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त करते हैं, तो वे 10,000 स्नातक बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे। यह वादा विशेष रूप से उन युवाओं को ध्यान में रखकर किया गया है जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है, लेकिन उन्हें अब तक कोई उपयुक्त रोजगार नहीं मिल पाया है। शिक्षित बेरोजगारी बिहार और विशेषकर पूर्णिया जैसे क्षेत्रों में एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसको लेकर युवा वर्ग में काफी असंतोष देखा जाता है।
रजनीश रंजन ने अपनी रणनीति बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अन्य सामान्य चुनावों से भिन्न होता है, क्योंकि इसमें मतदाता केवल स्नातक डिग्री धारक होते हैं। ऐसे में उनके मुद्दे भी शिक्षा, रोजगार और युवाओं के सर्वांगीण विकास से जुड़े होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी हमेशा से आम लोगों और विशेषकर युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है। इसी सोच के तहत उन्होंने 10,000 स्नातक बेरोजगारों को नौकरी देने के वादे को अपने चुनावी घोषणापत्र का केंद्र बिंदु बनाया है।
बता दें कि पूर्णिया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 14 जिले शामिल हैं, जो इसे भौगोलिक दृष्टिकोण से एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र बनाता है। इतने बड़े क्षेत्र में मात्र 14 दिनों के भीतर जनसंपर्क करना किसी भी प्रत्याशी के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, रजनीश रंजन और उनकी टीम ने इसके लिए पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनके जनसंपर्क अभियान में पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों का भी पूरा सहयोग मिलने की उम्मीद है।
जन सुराज पार्टी की ओर से रजनीश रंजन की उम्मीदवारी को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य बिहार की राजनीति में वैकल्पिक और विकासपरक राजनीति को स्थापित करना है। रजनीश रंजन द्वारा किए गए वादे और उनकी 14 जिलों की विस्तृत यात्रा योजना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान स्नातक मतदाताओं की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए विधान परिषद के पटल पर आवाज उठाने पर केंद्रित होगा।
एमएलसी चुनाव के लिए 8 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस जनसंपर्क अभियान के दौरान रजनीश रंजन विभिन्न जिलों में सभाएं, बैठकें और व्यक्तिगत संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस यात्रा के जरिए वे न केवल अपने 10,000 स्नातक बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के वादे को जनता के बीच ले जाएंगे, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य संबद्ध मुद्दों पर भी अपनी राय रखेंगे। देखना यह होगा कि जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी की यह रणनीति और बेरोजगार स्नातकों को लेकर किए गए ये वादे मतदाताओं को कितना प्रभावित कर पाते हैं और चुनावी नतीजों में इसका क्या असर देखने को मिलता है। फिलहाल, पूर्णिया सहित सभी 14 जिलों में इस चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं।

