राजनगर में SSB की 18वीं वाहिनी ने चलाया स्वच्छता अभियान: स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत जवानों ने की सफाई, ग्रामीणों को किया जागरूक

बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 18वीं वाहिनी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा निर्देशित ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’ के तहत आयोजित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करना तथा स्थानीय ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।
इस स्वच्छता अभियान का नेतृत्व और मार्गदर्शन 18वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर कोजा राम लोमरोड़ ने किया। उनके निर्देशन में वाहिनी के अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जवानों ने सबसे पहले एसएसबी वाहिनी के मुख्य द्वार और उसके आसपास के इलाकों में विस्तृत सफाई अभियान चलाया। परिसर के भीतर और बाहर जमा हुए कचरे को हटाया गया तथा पूरे क्षेत्र को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया।
स्पेशल कैंपेन 6.0 केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी परिसरों को कचरा मुक्त बनाना, पुरानी और बेकार फाइलों का निस्तारण करना तथा कार्यस्थल पर स्वच्छता के उच्च मानकों को स्थापित करना है। सशस्त्र सीमा बल की 18वीं वाहिनी ने इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ते हुए राजनगर में अपने स्तर पर इसे सफल बनाया।
सफाई अभियान के दौरान एसएसबी के जवानों ने केवल परिसर तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने आसपास के गांवों में जाकर स्थानीय ग्रामीणों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। जवानों ने ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि कैसे व्यक्तिगत और सामुदायिक स्वच्छता बीमारियों को रोकने में मदद कर सकती है। जवानों ने लोगों से अपने घरों और आसपास के वातावरण को साफ रखने की अपील की, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल है, जो मुख्य रूप से नेपाल और भूटान के साथ लगती भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। बिहार के मधुबनी जिले में नेपाल की सीमा लगती है, ऐसे में राजनगर में तैनात 18वीं वाहिनी की भूमिका सीमा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। हालांकि, सीमा सुरक्षा के अपने प्राथमिक दायित्व के साथ-साथ एसएसबी समय-समय पर नागरिक कल्याण और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। स्वच्छता अभियान इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है, जो बल और स्थानीय नागरिकों के बीच आपसी विश्वास और संबंधों को मजबूत करता है।
कमांडिंग ऑफिसर कोजा राम लोमरोड़ के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक दिन का काम नहीं, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। अधिकारियों और जवानों ने मिलकर श्रमदान किया, जिससे स्थानीय लोगों में भी प्रेरणा उत्पन्न हुई। जब वर्दी में मौजूद जवान खुद झाड़ू लेकर सफाई करते हैं, तो आम जनता पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वे भी स्वच्छता के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
ग्रामीणों को जागरूक करने के दौरान जवानों ने उन्हें कचरे के सही निस्तारण के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, खुले में शौच से होने वाले दुष्प्रभावों और स्वच्छ पेयजल के उपयोग के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया।
राजनगर में आयोजित यह स्वच्छता अभियान स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत सशस्त्र सीमा बल की 18वीं वाहिनी की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इस पहल ने न केवल वाहिनी परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाया, बल्कि स्थानीय समुदाय के बीच स्वच्छता के प्रति एक नई चेतना का संचार भी किया। एसएसबी की इस प्रकार की सामाजिक पहलें दर्शाती हैं कि सुरक्षा बल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

