राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मनाली दौरा: अटल टनल रोहतांग और हिडिंबा मंदिर के दर्शन, लॉन्ग वूलन कोट में नजर आईं; ट्रैफिक रूट में बदलाव

मनाली। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली का दौरा किया। इस विशेष दौरे के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक अटल टनल रोहतांग का निरीक्षण किया और प्राचीन हिडिंबा मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर मनाली और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे तथा यातायात व्यवस्था में भी व्यापक बदलाव किए गए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का काफिला सड़क मार्ग से मनाली से अटल टनल रोहतांग के लिए रवाना हुआ। इस दौरान उनका काफिला निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार आगे बढ़ा। अटल टनल रोहतांग देश की सबसे महत्वपूर्ण सामरिक और इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक है, जो लाहौल-स्पीति घाटी को मनाली से जोड़ती है। राष्ट्रपति द्वारा इस टनल का दौरा किया जाना इस बुनियादी ढांचे के राष्ट्रीय महत्व को और अधिक रेखांकित करता है। अटल टनल रोहतांग समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंगों में गिनी जाती है।
इस दौरे के दौरान प्राप्त जानकारी और तस्वीरों के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए लॉन्ग वूलन कोट पहना हुआ था। मनाली की सर्द हवाओं और पहाड़ी मौसम के बीच उनका यह साधारण लेकिन गरिमामयी परिधान लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। उनकी यह तस्वीरें सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में तेजी से प्रसारित हुईं, जिसमें वे पहाड़ी वातावरण में पूरी तरह से घुली-मिली नजर आईं।
अटल टनल रोहतांग के दौरे के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी बेटी के साथ मनाली के विश्व प्रसिद्ध हिडिंबा देवी मंदिर पहुंचीं। हिडिंबा मंदिर मनाली का सबसे प्राचीन और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। यह मंदिर देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित है और अपनी अनूठी शैली की वास्तुकला के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति ने अपनी बेटी के साथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देवी हिडिंबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में उनके आगमन को लेकर पुजारियों और मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। आम श्रद्धालुओं के लिए कुछ समय के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश को नियंत्रित किया गया था ताकि राष्ट्रपति की सुरक्षा और सुचारू दर्शन सुनिश्चित किए जा सकें।
शाम के समय, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मनाली की प्रसिद्ध मॉल रोड पर पहुंचीं। मॉल रोड मनाली का मुख्य बाजार और पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। शाम के वक्त मॉल रोड पर राष्ट्रपति की उपस्थिति से वहां मौजूद स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह देखने को मिला। हालांकि, सुरक्षा कारणों से मॉल रोड पर भी यातायात और पैदल यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस दौरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग ने पहले ही एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी। मनाली से अटल टनल रोहतांग जाने वाले मार्ग पर यातायात को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की गई थी कि वे अपने यात्रा कार्यक्रमों को इस ट्रैफिक प्लान के अनुसार ही तय करें। मनाली शहर के भीतर कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और वीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
राष्ट्रपति के काफिले की सुरक्षा के लिए केंद्रीय और राज्य दोनों स्तर की सुरक्षा एजेंसियों के जवानों को तैनात किया गया था। अटल टनल के दोनों छोरों पर सुरक्षा बलों की विशेष टीमों ने मोर्चा संभाला हुआ था। इसके अलावा, हिडिंबा मंदिर और मॉल रोड जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी सुरक्षा के बहुस्तरीय घेरे बनाए गए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मनाली दौरा राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उनके इस दौरे से न केवल अटल टनल रोहतांग जैसे राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलती है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को भी बढ़ावा मिलता है। हिडिंबा मंदिर में उनके दर्शन और मॉल रोड पर उनकी उपस्थिति ने स्थानीय संस्कृति और पर्यटन के प्रति उनके लगाव को स्पष्ट रूप से दर्शाया। प्रशासन की ओर से की गई सभी तैयारियां और ट्रैफिक व्यवस्था सफल रही, जिससे राष्ट्रपति का यह दौरा बिना किसी बाधा के शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

