Sat, 10 Oct 20269:08 AM
Sat, Oct 10, 2026Updated 9:08 AM IST
होम › छत्तीसगढ़

रायपुर: ATM और यूनियन बैंक का लॉकर तोड़कर चोरी की कोशिश करने वाला आरोपी गिरफ्तार, सीसीटीवी फुटेज से खुला राज

WhatsAppFacebookX

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एटीएम और बैंक के लॉकर को तोड़कर नकदी चुराने की कोशिश करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पकड़े गए आरोपी की पहचान 27 वर्षीय पंकज ध्रुव के रूप में हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए फुटेज की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। यह घटना शहर के यूनियन बैंक और उसके एटीएम से जुड़ी बताई जा रही है, जहां आरोपी कैश चुराने के इरादे से घुसा था और उसने तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी रायपुर में स्थित यूनियन बैंक की शाखा और उसके परिसर में मौजूद एटीएम मशीन को निशाना बनाते हुए एक युवक ने चोरी की योजना तैयार की थी। आरोपी पंकज ध्रुव का मुख्य उद्देश्य एटीएम मशीन और बैंक के लॉकर को तोड़कर वहां रखी नकदी पर हाथ साफ करना था। इसके लिए वह बैंक और एटीएम परिसर में दाखिल हुआ और उसने तोड़फोड़ शुरू कर दी। हालांकि, आरोपी अपनी इस मंशा में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सका, लेकिन उसकी इस हरकत ने बैंक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बैंक और एटीएम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों ने आरोपी की हर गतिविधि को अपने में कैद कर लिया। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह आरोपी ने एटीएम और बैंक के लॉकर को तोड़ने की कोशिश की और तोड़फोड़ की इस वारदात को अंजाम दिया। यही सीसीटीवी फुटेज बाद में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। जब इस घटना की जानकारी पुलिस को मिली, तो जांच अधिकारियों ने सबसे पहले मौके का मुआयना किया और इसके बाद सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। तकनीकी सुराग और फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की पहचान के आधार पर पुलिस की टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया। अंततः पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से पूछताछ की गई, तो उसकी पहचान 27 वर्षीय पंकज ध्रुव के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

राजधानी रायपुर में बैंकों और एटीएम की सुरक्षा को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तकनीकी निगरानी अपराधियों को पकड़ने में कितनी कारगर साबित होती है। यदि बैंक परिसर और एटीएम में सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे होते, तो शायद आरोपी पंकज ध्रुव की पहचान करना और उसे इतनी जल्दी गिरफ्तार करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता था। इस घटना ने बैंक प्रबंधनों के लिए भी एक संदेश दिया है कि उनके यहां सुरक्षा उपकरणों का नियमित रखरखाव और उनकी कार्यप्रणाली की जांच कितनी आवश्यक है।

आरोपी पंकज ध्रुव ने कैश चुराने के इरादे से जिस तरह से यूनियन बैंक के एटीएम और लॉकर में तोड़फोड़ की, उससे स्पष्ट होता है कि यह एक सुनियोजित प्रयास था। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने यह कदम अकेले उठाया था या इसके पीछे किसी और का भी हाथ है। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या आरोपी पंकज ध्रुव इससे पहले भी किसी अन्य स्थान पर इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है या यह उसका पहला अपराध है।

फिलहाल, रायपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आया है, जिसके आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सकी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंचने में जो सफलता पाई है, उसे आम जनता और बैंक अधिकारियों द्वारा सराहा जा रहा है।

इस घटनाक्रम के बाद बैंक अधिकारियों और एटीएम संचालकों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करें। विशेष रूप से रात के समय और छुट्टियों के दिनों में बैंकों और एटीएम की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की तोड़फोड़ या चोरी की घटनाओं को रोका जा सके। रायपुर पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ लंबे होते हैं और तकनीकी सबूतों के आधार पर अपराधी को सजा दिलवाना संभव है।