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Sun, Oct 11, 2026Updated 9:27 AM IST
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रायपुर: झारखंड के बोकारो से 660 किलोमीटर बाइक चलाकर शराब तस्करी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार, आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग की टीम ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय शराब तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। आबकारी निरीक्षक के नेतृत्व में काम कर रही विशेष टीम ने झारखंड के बोकारो जिले से अवैध शराब की तस्करी करके उसे रायपुर में खपाने की फिराक में लगे एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि आरोपी तस्कर ने झारखंड के बोकारो जिले से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक लगभग 660 किलोमीटर की लंबी दूरी महज एक बाइक चलाकर तय की थी। वह अपनी बाइक पर ही अवैध शराब लादकर दो राज्यों की सीमाएं पार करते हुए रायपुर पहुंच गया था, लेकिन आबकारी विभाग की सतर्कता के कारण वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई आबकारी विभाग को मिली एक ठोस सूचना के आधार पर अंजाम दी गई है। विभाग के पास कार्यरत एक प्वाइंटर (मुखबिर) ने समय रहते टीम को यह अहम सूचना दी थी कि बोकारो से एक व्यक्ति बाइक के जरिए भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर रायपुर की तरफ आ रहा है। इस सूचना के मिलते ही आबकारी निरीक्षक ने तुरंत संज्ञान लिया और अपनी टीम के साथ मिलकर एक सुनियोजित रणनीति तैयार की। प्वाइंटर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने संभावित मार्गों और स्थानों पर घेराबंदी शुरू कर दी। जब आरोपी तस्कर अपनी बाइक पर शराब लादकर रायपुर में प्रवेश कर चुका था, तभी पहले से तैनात आबकारी टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी को इतनी तेजी से और योजनाबद्ध तरीके से घेरा गया कि उसे भागने या सबूत मिटाने का कोई मौका नहीं मिल सका।

आरोपी की पहचान एक शातिर तस्कर के रूप में की गई है, जो इससे पहले भी इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल रहा होगा, ऐसा विभाग का अनुमान है। 660 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय करना और उस पर शराब ढोकर लाना यह दर्शाता है कि आरोपी ने पुलिस और आबकारी विभाग की चेकिंग से बचने के लिए इस अनोखे और जोखिम भरे तरीके का चुनाव किया था। आम तौर पर शराब तस्कर बड़े वाहनों जैसे ट्रक, पिकअप या कारों का उपयोग करते हैं, ताकि ज्यादा मात्रा में शराब ले जाई जा सके। लेकिन इस आरोपी ने बाइक का इस्तेमाल करके जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश की। हालांकि, आबकारी विभाग के मुखबिर तंत्र और प्वाइंटर की सटीक सूचना ने तस्कर की इस चाल को नाकाम कर दिया।

झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच शराब तस्करी का यह मामला कोई नया नहीं है। दोनों राज्यों में शराब की कीमतों और कर नीतियों में अंतर होने के कारण तस्कर अक्सर सस्ती शराब को एक राज्य से दूसरे राज्य में खपाकर मोटा मुनाफा कमाने की कोशिश करते रहते हैं। बोकारो से रायपुर तक का रास्ता कई जिलों और चेक पोस्टों से होकर गुजरता है। ऐसे में एक बाइक सवार को 660 किलोमीटर का सफर शराब के साथ तय करना तस्करी के नए और खतरनाक तरीकों की ओर इशारा करता है। आबकारी विभाग की इस सफलता ने अन्य तस्करों के लिए भी एक कड़ा संदेश दिया है कि वे चाहे कोई भी तरीका अपना लें, विभाग की पैनी नजर से बचना आसान नहीं है।

इस कार्रवाई के दौरान आबकारी निरीक्षक की टीम ने आरोपी के कब्जे से अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल की गई बाइक को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल, आबकारी विभाग द्वारा आरोपी के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा गिरोह या नेटवर्क काम कर रहा है, जिसने आरोपी को बोकारो से शराब उपलब्ध कराई और रायपुर में उसके खरीदार तय किए थे। यदि पूछताछ में किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा होता है, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

आबकारी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्वाइंटर्स यानी मुखबिरों का नेटवर्क ऐसी अंतर्राज्यीय तस्करी को रोकने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मामले में भी प्वाइंटर की सही समय पर दी गई सटीक सूचना ने ही कार्रवाई को सफल बनाया। विभाग लगातार अपने सूचना तंत्र को मजबूत कर रहा है ताकि शराब तस्करों पर नकेल कसी जा सके और राजस्व के नुकसान को रोका जा सके। रायपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आबकारी विभाग अवैध शराब के कारोबार को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।

उल्लेखनीय है कि त्योहारों और अन्य मौकों पर अंतर्राज्यीय शराब तस्करी के मामले बढ़ जाते हैं, जिसे देखते हुए आबकारी विभाग ने अपनी निगरानी और चेकिंग अभियान को पहले से ही और अधिक तेज कर रखा है। 660 किलोमीटर बाइक चलाकर शराब लाने वाले इस शातिर तस्कर की गिरफ्तारी विभाग की सतर्कता का एक बड़ा उदाहरण है। आबकारी विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की अवैध शराब की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।