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Mon, Oct 12, 2026Updated 9:53 AM IST
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रीवा: सेमरिया पुलिस ने नशीली टैबलेट और कफ सिरप की अवैध बिक्री करने वाले दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, 1680 टैबलेट और स्कूटी जब्त

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रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में रीवा जिले की सेमरिया पुलिस ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध रूप से नशीली टैबलेट और कफ सिरप बेचने के धंधे में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां और परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वाहन भी जब्त किया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में सक्रिय नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।

सेमरिया पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्ति क्षेत्र में अवैध रूप से नशीली टैबलेट और कफ सिरप की बिक्री कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर सेमरिया थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की योजना तैयार की और संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके मौके से दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। जब पुलिस अधिकारियों ने उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से भारी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद हुई, जिसके बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान हो गई है। पुलिस ने बताया कि पहला आरोपी अमृतलाल कुशवाहा उर्फ रिंकू है, जो हरदुआ का निवासी है। वहीं, दूसरे आरोपी की पहचान विपिन सिंह के रूप में हुई है, जो कोटा का रहने वाला है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से जो सामग्री जब्त की है, उसका विवरण काफी चौंकाने वाला है। सेमरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से कुल 1,680 नशीली टैबलेट बरामद की हैं। इसके अलावा, 20 शीशी नशीला कफ सिरप भी जब्त किया गया है। ये दवाइयां बिना वैध डॉक्टरी पर्चे और मेडिकल लाइसेंस के बेची जा रही थीं। नशीली दवाइयों के अलावा, पुलिस ने आरोपियों द्वारा इस अवैध कारोबार में परिवहन के लिए उपयोग की जा रही एक स्कूटी को भी मौके से जब्त किया है। जब्त की गई टैबलेट और कफ सिरप की भारी मात्रा यह स्पष्ट करती है कि आरोपी किसी छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित तरीके से इस अवैध व्यापार को संचालित कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि नशीली टैबलेट और कफ सिरप का अवैध व्यापार युवाओं के स्वास्थ्य और समाज के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। कई बार युवा वर्ग इन नशीली दवाइयों के सेवन का शिकार हो जाता है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह और निर्धारित मात्रा से अधिक कफ सिरप या नशीली टैबलेट का सेवन मानव शरीर के लिए अत्यंत घातक होता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक संतुलन को भी बिगाड़ देता है और व्यक्ति को इसकी लत लग जाती है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई समाज में फैल रहे नशे के इस जाल को तोड़ने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम माना जा रहा है।

रीवा जिला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जिले भर में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और बिक्री के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। सेमरिया पुलिस की इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य नशा तस्करों में भी भय का माहौल पैदा होने की संभावना है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल, सेमरिया पुलिस ने दोनों आरोपियों अमृतलाल कुशवाहा उर्फ रिंकू और विपिन सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही, पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि ये नशीली टैबलेट और कफ सिरप आरोपियों को कहां से उपलब्ध कराई जा रही थीं। पुलिस को आशंका है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है ताकि इस आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके और अन्य शामिल आरोपियों तक भी जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार की नशीली दवाइयों, टैबलेट या कफ सिरप की अवैध बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस और जनता के बेहतर समन्वय से ही इस प्रकार के अवैध कारोबार पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जा सकता है और समाज को नशे के प्रकोप से सुरक्षित रखा जा सकता है।