रतलाम: चड्ढी-बनियान गैंग के तीन बदमाश और गुजरात का ज्वेलर्स गिरफ्तार, वारदात से पहले बांधते थे मन्नत का धागा

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने कुख्यात चड्ढी-बनियान गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन बदमाशों पर शहर में एक के बाद एक कई चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने केवल चोरों को ही नहीं पकड़ा है, बल्कि चोरी किए गए आभूषणों को खरीदने वाले गुजरात के एक ज्वेलर्स को भी गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई रतलाम पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि चड्ढी-बनियान गैंग अपनी अनोखी और चौंकाने वाली कार्यप्रणाली के लिए जानी जाती है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गैंग चोरी की वारदातों को अंजाम देने से पहले एक खास तैयारी करता था। सूत्रों के अनुसार, ये बदमाश किसी भी घर या प्रतिष्ठान में चोरी करने से पहले मन्नत का धागा बांधते थे। उनका मानना था कि ऐसा करने से उनकी वारदात सफल होगी और वे बिना पकड़े गए लौट आएंगे। इसके अलावा, गैंग ने चोरी के लिए हफ्ते के विशेष दिनों को चुना हुआ था। ये बदमाश मुख्य रूप से शनिवार और रविवार को ही चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सप्ताहांत के दिनों का चुनाव इसलिए किया जाता था ताकि लोगों की दिनचर्या में बदलाव का फायदा उठाया जा सके और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित ढिलाई का लाभ लिया जा सके।
चड्ढी-बनियान गैंग का नाम उनके पहनावे की वजह से पड़ा है। ये अपराधी वारदात के दौरान सिर्फ अंडरवियर (चड्ढी) और बनियान पहनकर घरों में घुसते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि उनके कपड़ों से कोई सुबूत न मिले और वे दीवारों या छतों पर आसानी से चढ़ सकें। शरीर पर तेल लगाकर ये बदमाश किसी भी संकरी जगह से निकलने में माहिर होते हैं। रतलाम में हुई हालिया चोरी की घटनाओं में भी ठीक यही तरीका अपनाया गया था, जिसके बाद पुलिस को शक हो गया था कि यह काम किसी संगठित चड्ढी-बनियान गैंग का है।
रतलाम पुलिस ने जब जांच तेज की तो सीसीटीवी फुटेज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चोरी की घटनाओं के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना का उपयोग करके गैंग के तीन सदस्यों की पहचान की और उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने पूछताछ में अपने द्वारा किए गए अपराधों को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि वे किस तरह रेकी करते थे और किन-किन स्थानों पर वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी का माल कहाँ जाता था, इसका भी खुलासा हो गया है। पुलिस की जांच में पता चला कि चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों को बेचने के लिए गैंग ने एक खास नेटवर्क बना रखा था। इसी कड़ी में गुजरात के एक ज्वेलर्स को भी गिरफ्तार किया गया है। यह ज्वेलर्स चोरी के आभूषणों को खरीदता था और उन्हें गलाकर या अन्य रूप में बदलकर बाजार में बेच देता था। गुजरात के इस ज्वेलर्स की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और चोरी के माल की बिक्री के लिए एक मजबूत चेन चला रहा था।
रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले कुछ समय से शहर में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने आम नागरिकों में डर का माहौल बना दिया था। विशेष रूप से शनिवार और रविवार की रातों में लोग अपने घरों को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे थे। अब पुलिस ने तीनों आरोपियों और गुजरात के ज्वेलर्स को गिरफ्तार करके इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस गैंग का कोई और सदस्य अभी भी फरार है या क्या इनके खिलाफ अन्य जिलों में भी कोई आपराधिक मामले दर्ज हैं। चोरी के माल को लेकर भी जांच जारी है कि गुजरात के ज्वेलर्स ने अब तक कितना माल खरीदा है और उसे कहाँ-कहाँ भेजा गया है।
रतलाम पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने घरों और दुकानों में सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं, क्योंकि इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज ने ही पुलिस को सही दिशा में ले जाने का काम किया। साथ ही, यदि किसी को कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल गिरफ्तारी के बाद रतलाम पुलिस टीम की सराहना की जा रही है, जिन्होंने कम समय में इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया।

