रतलाम में कंजर गिरोह का पर्दाफाश: जहरीली शराब तस्करी और वाहन चोरी के 17 मामले खुले, छह बाइक बरामद

रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने और अज्ञात बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रतलाम पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़ से संचालित होने वाले एक शातिर कंजर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह न केवल वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था, बल्कि जहरीली शराब की तस्करी में भी संलिप्त पाया गया है। पुलिस ने इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की कुल छह मोटरसाइकिल बरामद की हैं। आरोपियों से की गई सख्त पूछताछ में अब तक 17 आपराधिक वारदातों का खुलासा हो चुका है, जिससे क्षेत्र में फैली चोरी और अवैध शराब तस्करी की समस्या पर काफी हद तक लगाम लगने की उम्मीद है।
रतलाम जिले में पिछले कुछ समय से वाहन चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था। आम नागरिकों की बाइक दिनदहाड़े या रात के अंधेरे में चोरी होने की शिकायतें थानों में पहुंच रही थीं। इन अज्ञात बदमाशों का कोई सुराग न मिलने से पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई थी। इसी बीच, जिले में अवैध और जहरीली शराब की तस्करी की सूचनाएं भी प्रशासन को मिल रही थीं। इन दोनों ही गंभीर अपराधों पर नियंत्रण पाने के लिए रतलाम पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत पुलिस टीम को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली कि राजस्थान के झालावाड़ जिले से संचालित एक कंजर गिरोह रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है।
सूचना मिलते ही रतलाम पुलिस की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति के बताए जा रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कंजर गिरोह मुख्य रूप से दो तरह के अपराधों में लिप्त था। पहला, लोगों की मोटरसाइकिल चुराना और दूसरा, जहरीली शराब की अवैध तस्करी करना। गिरोह के सदस्य राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे इलाकों में अपनी गतिविधियों को अंजाम देते थे। राज्य की सीमाओं का फायदा उठाकर ये बदमाश पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश करते थे, लेकिन रतलाम पुलिस की सतर्कता और तेजी से की गई कार्रवाई ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने अब तक 17 अलग-अलग वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। इन वारदातों में वाहन चोरी और जहरीली शराब तस्करी के मामले शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई कुल छह मोटरसाइकिल बरामद कर ली हैं। माना जा रहा है कि ये बाइक रतलाम और आसपास के जिलों से चुराई गई थीं, जिन्हें बाद में सस्ते दामों पर दूसरे राज्यों या दूरदराज के इलाकों में बेचने की तैयारी थी। छह बाइक बरामद होना उन पीड़ित नागरिकों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने हाल ही में अपने वाहन चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस गिरोह की एक और खतरनाक गतिविधि जहरीली शराब की तस्करी से जुड़ी है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार एक गंभीर समस्या रहा है। जहरीली शराब न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाती है, बल्कि इसके सेवन से लोगों की जान जाने का भी खतरा बना रहता है। अतीत में कई बार अवैध शराब के सेवन से मौतों के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में, रतलाम पुलिस द्वारा इस कंजर गिरोह का पर्दाफाश करना और जहरीली शराब की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना जनसुरक्षा के लिहाज से एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रतलाम पुलिस ने इस सफलता को जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से अभी और पूछताछ की जा रही है। इस बात की पूरी संभावना है कि पूछताछ में और भी कई वारदातों का खुलासा हो सकता है और गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध किसी अन्य आपराधिक नेटवर्क से है।
झालावाड़ से लेकर रतलाम तक फैले इस आपराधिक सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए पुलिस टीम ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी थी। कंजर गिरोहों की कार्यप्रणाली अक्सर परिवार या समुदाय आधारित होती है, जिसमें वे एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते हैं और अपराध को अंजाम देते हैं। ऐसे गिरोहों को पकड़ना पुलिस के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। इसलिए, 17 वारदातों का खुलासा और छह बाइक की बरामदगी को पुलिस की सतर्कता और मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
रतलाम पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अवैध शराब की बिक्री या वाहन चोरी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। नागरिकों के सहयोग से ही ऐसे शातिर गिरोहों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सकती है। फिलहाल, गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे गहराई से पूछताछ करेगी ताकि बचे हुए मामलों का भी जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके।

