Fri, 09 Oct 202610:33 AM
Fri, Oct 9, 2026Updated 10:33 AM IST
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सागर: सरकारी योजनाओं के काम में लापरवाही पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 13 पटवारियों को किया निलंबित, 137 को जारी हुआ शो-कॉज नोटिस

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सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। सागर जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में जिले के 13 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कलेक्टर ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के 137 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है और उनसे उनके कामकाज में पाई गई कमियों का स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई जिले के राजस्व अमले में हड़कंप मचाने वाली साबित हुई है।

वन्दे भारत न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने यह सख्त कदम जिले में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के कामकाज की समीक्षा के दौरान उठाया है। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई पटवारी अपने दायित्वों के निर्वहन में पूरी तरह से उदासीन हैं। उन्हें सौंपे गए कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया जा रहा था और शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारने में गंभीर लापरवाही बरती जा रही थी। इसी लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर ने बिना किसी देरी के 13 पटवारियों को उनके पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।

पटवारी राजस्व व्यवस्था की सबसे निचली लेकिन सबसे महत्वपूर्ण इकाई माने जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड के रखरखाव, फसल सर्वेक्षण, खसरा-खतौनी के अद्यतन रखरखाव और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर पटवारियों पर होती है। जब इस स्तर पर लापरवाही होती है, तो आम जनता को सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ मिलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कलेक्टर प्रतिभा पाल की इस कार्रवाई को इसी व्यवस्था को दुरुस्त करने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखा जा रहा है।

निलंबन की कार्रवाई के अलावा, कलेक्टर ने जिले के अन्य 137 पटवारियों को भी शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों में संबंधित पटवारियों से पूछा गया है कि उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में सरकार की योजनाओं और राजस्व संबंधी कार्यों में जो लापरवाही या विलंब किया है, उसके खिलाफ उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। इन 137 पटवारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करना होगा। यदि इनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए, तो प्रशासन की ओर से इनके खिलाफ भी आगे की कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, कलेक्टर प्रतिभा पाल लगातार जिले के सभी विभागों की कार्यप्रणाली पर पैनी नजर रखे हुए हैं। विशेष रूप से राजस्व विभाग के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की कोई भी योजना जमीनी स्तर पर अटकने न पाए। पटवारियों के निलंबन और शो-कॉज नोटिस जारी करने का मुख्य उद्देश्य पूरे राजस्व अमले में यह संदेश देना है कि काम में किसी भी प्रकार की ढिलाई, उदासीनता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस बड़े स्तर पर की गई कार्रवाई से सागर जिले के अन्य राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों में भी सतर्कता का माहौल बन गया है। जिन 137 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस मिला है, वे अब अपने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने और अपने उत्तर तैयार करने में जुट गए हैं। वहीं, जिले के अन्य पटवारी भी अपनी दिनचर्या और कार्यप्रणाली को लेकर पहले से अधिक सतर्क हो गए हैं, क्योंकि उन्हें यह स्पष्ट संदेश मिल चुका है कि कलेक्टर स्तर से सीधी निगरानी हो रही है और चूक करने वालों के खिलाफ बिना किसी लिहाज के कार्रवाई होगी।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में राजस्व विभाग के कामकाज को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रहती हैं। किसानों और आम नागरिकों को अक्सर राजस्व संबंधी दस्तावेजों और योजनाओं के लाभ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में सागर कलेक्टर द्वारा उठाया गया यह कदम प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व कार्यों की गति और गुणवत्ता में वास्तविक स्तर पर कितना सुधार आता है।

वन्दे भारत न्यूज़ की ओर से इस मामले में और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है। जैसे ही निलंबित पटवारियों के नाम या शो-कॉज नोटिस की अन्य विशिष्ट शर्तों का विवरण उपलब्ध होगा, उसे समाचार में अपडेट किया जाएगा। फिलहाल, कलेक्टर प्रतिभा पाल के इस सख्त फैसले ने सागर जिले के प्रशासनिक हलकों में गंभीरता का संदेश दे दिया है।