Sun, 11 Oct 20269:29 AM
Sun, Oct 11, 2026Updated 9:29 AM IST
होम › छत्तीसगढ़

साजा नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रेरणा लाल से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप, ठेकेदार महेंद्र राठी के खिलाफ दर्ज हुई FIR; ठेकेदार ने बताया साजिश

WhatsAppFacebookX

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के साजा नगर पंचायत क्षेत्र में एक महिला जनप्रतिनिधि के साथ कथित तौर पर अभद्रता, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। साजा नगर पंचायत की उपाध्यक्ष प्रेरणा लाल शौर्यजीत सिंह ने स्थानीय ठेकेदार महेंद्र राठी के खिलाफ साजा थाने में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। यह घटना स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसमें एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, साजा नगर पंचायत की उपाध्यक्ष प्रेरणा लाल शौर्यजीत सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि ठेकेदार महेंद्र राठी ने उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। महिला जनप्रतिनिधि ने इस पूरे घटनाक्रम को अत्यंत गंभीर बताते हुए साजा थाने में पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए ठेकेदार महेंद्र राठी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पीड़ित उपाध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त और त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा का अहसास हो सके।

दूसरी ओर, इस मामले में नामजद किए गए ठेकेदार महेंद्र राठी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। महेंद्र राठी ने इसे अपने खिलाफ रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए गाली-गलौज और धमकी के आरोप निराधार हैं और किसी विशेष उद्देश्य से उन्हें बदनाम करने तथा फंसाने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया है। हालांकि, ठेकेदार द्वारा साजिश का दावा किए जाने के बावजूद, पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अब दोनों पक्षों के बयानों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

यह पूरा मामला साजा नगर पंचायत के भीतर चल रहे कार्यप्रणाली और संभावित विवादों की ओर भी इशारा करता है। नगर पंचायत जैसे स्थानीय निकायों में विकास कार्यों के लिए ठेकेदारों की नियुक्ति और उनके कार्यों की निगरानी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है। कई बार इन कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों के बीच मतभेद या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। वर्तमान मामले में भी यही स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उपाध्यक्ष प्रेरणा लाल शौर्यजीत सिंह और ठेकेदार महेंद्र राठी के बीच यह विवाद किस विशिष्ट कारण या किस पिछले घटनाक्रम से उपजा है। स्रोत सामग्री में इस विवाद के मूल कारण या किसी पूर्व के मतभेद का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इसलिए इस संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

महिला जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाली इस प्रकार की कथित घटनाएं छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में चिंता का विषय रही हैं। पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने का मुख्य उद्देश्य उन्हें निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनाना और जमीनी स्तर पर नेतृत्व प्रदान करना है। ऐसे में जब किसी महिला उपाध्यक्ष के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आता है, तो यह न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का प्रश्न बनता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और अन्य जनप्रतिनिधियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करता है।

साजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सूत्रों के अनुसार, जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस अधिकारी इस मामले में दोनों पक्षों से विस्तृत पूछताछ करेंगे और यदि कोई गवाह या अन्य साक्ष्य उपलब्ध होते हैं, तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। ठेकेदार महेंद्र राठी द्वारा इसे साजिश बताए जाने के बाद पुलिस के समर्थक सबूतों की जांच की चुनौती और भी बढ़ गई है। फिलहाल, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की कोई पुष्ट सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

बेमेतरा जिले के साजा क्षेत्र में यह मामला तेजी से फैल रहा है और स्थानीय राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा हो रही है। वंदे भारत न्यूज़ इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस जांच में कोई नया तथ्य या अपडेट सामने आएगा, उसे विस्तार से प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल, उपाध्यक्ष प्रेरणा लाल शौर्यजीत सिंह की शिकायत और ठेकेदार महेंद्र राठी के साजिश वाले दावे के बीच पुलिस की जांच ही यह तय करेगी कि इस विवाद की असलियत क्या है।