शारदीय नवरात्रि 2026: दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में आरती से हुई शुरुआत, मदुरै में रजनीकांत प्रशंसक ने मंदिर में लगाईं 230 तस्वीरें

नई दिल्ली। देशभर में आज रविवार, 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि की विधिवत शुरुआत हो गई है। हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक माने जाने वाले इस पर्व को लेकर पूरे भारत में उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है। शारदीय नवरात्रि का यह उत्सव लगातार दस दिनों तक चलेगा, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना और उपासना की जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों में इस पर्व को मनाने की अपनी अलग-अलग परंपराएं हैं, लेकिन सबसे ज्यादा धूम और उत्साह पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और मध्य भारत के राज्यों में देखने को मिलता है।
दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर में नवरात्रि की शुरुआत बेहद श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में हुई। रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे थे। मंदिर परिसर को फूलों और पारंपरिक सजावट से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने माता की विशेष आरती में भाग लिया और पूरे देश की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। झंडेवालान मंदिर दिल्ली के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है, जहां नवरात्रि के दौरान हर दिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। पहले दिन की आरती में शामिल हुए श्रद्धालुओं के चेहरों पर गहरी आस्था और उत्साह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था। मंदिर प्रबंधन द्वारा भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उत्तर भारत में जहां पारंपरिक तरीके से नवरात्रि की शुरुआत हुई, वहीं दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य से नवरात्रि से जुड़ी एक बेहद अनोखी खबर सामने आई है। तमिलनाडु के मदुरै शहर में सुपरस्टार रजनीकांत के एक प्रशंसक ने नवरात्रि के पावन अवसर पर अपने अनूठे अंदाज में भक्ति और अपने चहेते अभिनेता के प्रति प्रेम को जोड़ दिया है। इस प्रशंसक ने स्थानीय मंदिर में रजनीकांत की कुल 230 तस्वीरें लगाई हैं। मंदिर परिसर में रजनीकांत की इन तस्वीरों की विशेष सजावट की गई है, जिसने आम लोगों और अन्य भक्तों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
मदुरै में रजनीकांत के प्रशंसकों की दीवानगी कोई नई बात नहीं है, लेकिन नवरात्रि जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व के पहले दिन मंदिर में 230 तस्वीरें लगाना निश्चित रूप से एक विशिष्ट घटना है। यह घटना इस बात को भी दर्शाती है कि कैसे भारतीय त्योहारों में लोकप्रिय संस्कृति, सिनेमा और पारंपरिक धार्मिक आस्था का मिश्रण देखने को मिलता है। हालांकि, इस विशेष सजावट को किस व्यक्ति या प्रशंसक समूह ने अंजाम दिया है, इसकी विस्तृत पहचान उपलब्ध स्रोतों में स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा, मंदिर प्रशासन की ओर से इस सजावट को लेकर क्या रुख अपनाया गया है, इस बारे में भी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
शारदीय नवरात्रि का पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। यह दस दिवसीय उत्सव मां शक्ति की उपासना का महापर्व माना जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री—की क्रमवार पूजा की जाती है। दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व को मनाने का तरीका अलग-अलग होता है। पश्चिम बंगाल में इसे दुर्गा पूजा के रूप में भव्य पंडालों और मूर्तियों के साथ मनाया जाता है, जो वहां का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन होता है। गुजरात में नौ रातों तक गरबा और डांडिया रास की धूम रहती है, जिसमें लोग पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते हैं। हिमाचल प्रदेश और मध्य भारत के राज्यों में भी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान, हवन और मेले आयोजित किए जाते हैं। कर्नाटक में भी इस पर्व को बड़े ही श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।
इस बार नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर 2026, रविवार से प्रारंभ हुआ है। दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा की गई आरती से लेकर तमिलनाडु के मदुरै में रजनीकांत के प्रशंसक द्वारा मंदिर में 230 तस्वीरें लगाने तक, पूरे देश में इस त्योहार को लेकर अलग-अलग तरह की गतिविधियां और उत्साह देखने को मिल रहा है। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को भी प्रदर्शित करता है। आने वाले दस दिनों तक देशभर के मंदिरों, घरों और सार्वजनिक स्थलों पर मां दुर्गा की भक्ति का यह सिलसिला जारी रहेगा।

