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Fri, Oct 9, 2026Updated 7:45 AM IST
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शेखपुरा में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से ई-रिक्शा पलटा, चार महिलाएं घायल; दो की हालत गंभीर

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बिहार के शेखपुरा जिले से एक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है, जिसमें एक तेज रफ्तार बाइक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस हादसे में ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके कारण उसमें सवार चार महिला यात्री गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह दुर्घटना तब हुई जब ये सभी महिलाएं मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ आयोजित एक पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रही थीं। स्थानीय लोगों की तत्परता और मदद से सभी घायल महिलाओं को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल, शेखपुरा ले जाया गया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सड़क हादसा शेखपुरा जिले में हुआ। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि ई-रिक्शा अपनी गति से सड़क पर चल रहा था, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। बाइक की इस जोरदार टक्कर के बाद ई-रिक्शा का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गया। रिक्शा पलटते ही उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और बचाव कार्य शुरू किया।

इस दुर्घटना में ई-रिक्शा पर सवार कुल चार महिला यात्री घायल हो गईं। इनमें से दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य दो महिलाओं को भी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए सभी घायलों को वाहनों में बैठाया और तत्काल शेखपुरा के सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने घायल महिलाओं का प्राथमिक उपचार शुरू किया। सूत्रों के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल दोनों महिलाओं की स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक घायल महिलाओं की पहचान और उनके गृह ग्राम या वार्ड के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

हादसे के समय ये सभी महिलाएं किसी राजनीतिक या सामाजिक आयोजन में भाग लेने के लिए निकली थीं। प्राप्त विवरण के अनुसार, ये महिलाएं मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ आयोजित किए जा रहे एक पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। इस कार्यक्रम के लिए वे ई-रिक्शा से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन रास्ते में ही यह अप्रत्याशित दुर्घटना हो गई। पुतला दहन कार्यक्रम किस संगठन या समूह द्वारा आयोजित किया जा रहा था और CEC के खिलाफ विरोध का विशिष्ट कारण क्या था, इसकी विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। दुर्घटना के कारण इन महिलाओं का कार्यक्रम में शामिल होना भी संदिग्ध हो गया है।

बाइक चालक की भूमिका इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण है। दुर्घटना के बाद बाइक सवार ने क्या कदम उठाया, इस बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। अक्सर ऐसे मामलों में देखा जाता है कि टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो जाते हैं। हालांकि, इस घटना में भी बाइक सवार के रुकने या भागने की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में जांच की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज या स्थानीय गवाहों के बयानों के आधार पर बाइक चालक की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।

शेखपुरा जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर यह घटना एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। ई-रिक्शा आज के समय में बिहार के छोटे शहरों और कस्बों में परिवहन का एक प्रमुख साधन बन चुका है, लेकिन इनकी सुरक्षा और सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच इनकी भेद्यता लगातार सवाल खड़े करती है। कई बार ई-रिक्शा चालकों द्वारा क्षमता से अधिक यात्री बैठाने और यातायात नियमों का पालन न करने की भी शिकायतें मिलती रहती हैं, जो दुर्घटनाओं के जोखिम को और बढ़ा देती हैं।

सदर अस्पताल, शेखपुरा के चिकित्सा कर्मियों ने घायलों के उपचार में तत्परता दिखाई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से घायल महिलाओं के परिजनों को सूचित किया गया है। परिजन भी अस्पताल पहुंचने लगे हैं। पुलिस प्रशासन को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और संबंधित थाने की पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस अधिकारी घटनास्थल का मुआयना करेंगे और यह पता लगाने का प्रयास करेंगे कि दुर्घटना केवल तेज रफ्तार के कारण हुई या इसमें किसी अन्य कारक की भूमिका थी।

‘वंदे भारत न्यूज़’ की ओर से यह स्पष्ट किया जाता है कि घायल महिलाओं के नाम, उनकी आयु, बाइक चालक की पहचान, पुतला दहन कार्यक्रम का स्थान और आयोजक, तथा पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) की जानकारी अभी तक आधिकारिक तौर पर उपलब्ध नहीं हो पाई है। जैसे-जैसे इस मामले में जांच आगे बढ़ेगी और नए तथ्य सामने आएंगे, उनका समावेश किया जाएगा। फिलहाल, स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाना और उनका इलाज सुनिश्चित करना ही इस घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा है।