शेखपुरा: विश्वकर्मा पूजा के नाच कार्यक्रम में हिंसक झड़प और जानलेवा हमले के मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, 9 लोग हुए थे घायल

बिहार के शेखपुरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के बारबिघा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गंगटी गांव में विश्वकर्मा पूजा की रात आयोजित एक नाच कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प और उसके बाद हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में कुल 9 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई को इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला विश्वकर्मा पूजा की रात का है। गंगटी गांव में हर वर्ष की भांति इस बार भी विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर एक नाच कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए जुटे हुए थे। कार्यक्रम चल ही रहा था कि इसी दौरान दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर आपसी विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में यह विवाद कहासुनी तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते इसने हिंसक झड़प का रूप ले लिया।
नाच कार्यक्रम के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई जब दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमलावर हो गए। इस हिंसक झड़प में कुल 9 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाओं और पुरुषों दोनों के शामिल होने की सूचना है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बाद घायलों को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य खतरे से बाहर हैं।
इस झड़प के बाद माहौल और अधिक बिगड़ गया और मामला जानलेवा हमले तक पहुंच गया। पीड़ित पक्ष की ओर से बारबिघा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विरोधी पक्ष के लोगों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया था। पुलिस ने इस गंभीर धारा के तहत मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने इस जानलेवा हमले और हिंसक झड़प के मुख्य आरोपियों के रूप में एक पिता और उसके पुत्र की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थानाध्यक्ष ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति इस हिंसा में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और छापेमारी जारी है।
विश्वकर्मा पूजा हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जिसे विशेष रूप से कारीगरों, शिल्पकारों और औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का रचयिता और देवताओं का वास्तुकार माना जाता है। इस अवसर पर बिहार सहित देश के कई हिस्सों में पूजा-अर्चना के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाच और मेले का आयोजन किया जाता है। गंगटी गांव में भी इसी परंपरा के तहत नाच कार्यक्रम रखा गया था। हालांकि, ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में आपसी विवाद के कारण हिंसा की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं।
इस घटना के बाद से गंगटी गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल व्याप्त है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है।
यह पहली बार नहीं है जब बिहार में किसी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन के दौरान इस प्रकार की हिंसक झड़प देखने को मिली हो। पूर्व में भी कई जिलों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें छोटी-छोटी बातों पर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। पुलिस प्रशासन इन घटनाओं को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया जाता है। शेखपुरा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और पिता-पुत्र की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। उम्मीद की जा रही है कि पुलिस की सख्ती से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में अमन-चैन कायम रहेगा।

