Sat, 10 Oct 202610:41 AM
Sat, Oct 10, 2026Updated 10:41 AM IST
होम › मध्य प्रदेश

शहडोल: धुरवार टोल प्लाजा पर फास्टैग को लेकर हुआ विवाद, थार सवार युवक ने हथियार दिखाकर कर्मचारियों को धमकाया; पुलिस CCTV फुटेज की जांच में जुटी

WhatsAppFacebookX

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर स्थित धुरवार टोल प्लाजा पर एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां फास्टैग रिचार्ज को लेकर हुए विवाद के दौरान एक थार वाहन में सवार युवक ने कथित तौर पर पिस्टल या कट्टा जैसा हथियार निकालकर टोल प्लाजा के कर्मचारियों को धमकाया। यह पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। मामले की जानकारी मिलते ही सोहागपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धुरवार टोल प्लाजा पर हुई। एनएच-43 पर स्थित इस टोल प्लाजा से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। बताया जा रहा है कि एक थार गाड़ी जब टोल प्लाजा पर पहुंची, तो उसके फास्टैग को लेकर कुछ समस्या आ गई। टोल कर्मचारियों ने चालक से फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस न होने या रिचार्ज से संबंधित किसी तकनीकी दिक्कत की बात कही। इसी बात को लेकर थार सवार युवक और टोल कर्मचारियों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बहस के दौरान थार सवार युवक उग्र हो गया। उनका कहना है कि युवक ने अपने वाहन से पिस्टल या कट्टा जैसा कोई हथियार निकाल लिया और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। हथियार देखकर टोल कर्मचारियों में दहशत फैल गई। किसी तरह वहां मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी युवक अपनी थार गाड़ी लेकर मौके से रवाना हो गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने बिना टोल दिए वाहन निकाला या फिर टोल भुगतान करने के बाद वह वहां से गया।

इस पूरे घटनाक्रम की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टोल प्लाजा पर सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। हथियार निकालने से लेकर कर्मचारियों को धमकाने तक का पूरा दृश्य कैमरे में कैद होने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद टोल कर्मचारियों ने इसकी सूचना तत्काल सोहागपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित टोल कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं और घटनास्थल का मुआयना किया है।

सोहागपुर थाना पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपी थार सवार युवक की सटीक पहचान की जा सके। फुटेज में वाहन का नंबर प्लेट और आरोपी का चेहरा स्पष्ट होने पर कार्रवाई तेज की जाएगी। अभी तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि क्या आरोपी के खिलाफ कोई औपचारिक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई है या फिर फुटेज की पुष्टि के बाद मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही नियमानुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि देश भर में फास्टैग प्रणाली लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही तो तेज हुई है, लेकिन कई बार फास्टैग रिचार्ज न होने, सर्वर डाउन रहने या बैलेंस कम होने जैसे कारणों से टोल कर्मचारियों और वाहन चालकों के बीच विवाद की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। हालांकि, विवाद के दौरान हथियार निकालकर धमकाने जैसी घटनाएं बेहद दुर्लभ और गंभीर मानी जाती हैं। ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता और शस्त्र अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

धुरवार टोल प्लाजा एनएच-43 पर शहडोल जिले का एक प्रमुख हिस्सा है, जहां से दिन-रात भारी मात्रा में व्यापारिक और निजी वाहनों का आवागमन होता है। इस घटना के बाद टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात ड्यूटी करते हैं और इस तरह की घटनाओं से उनके जीवन को खतरा पैदा हो जाता है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।

फिलहाल, सोहागपुर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी थार चालक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस द्वारा फुटेज की तकनीकी जांच की जा रही है। यदि फुटेज में वाहन का नंबर स्पष्ट रूप से दिख जाता है, तो परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के जरिए वाहन मालिक तक पहुंचना आसान होगा। वंदे भारत न्यूज़ की ओर से इस मामले में पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया है। जैसे ही पुलिस जांच में कोई नया अपडेट या आरोपी की गिरफ्तारी की खबर आएगी, उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। तब तक सभी तथ्य पुलिस जांच के अधीन हैं और आरोपी की पहचान की पुष्टि होना बाकी है।