Thu, 08 Oct 202611:57 AM
Thu, Oct 8, 2026Updated 11:57 AM IST
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शिवपुरी: निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर कांग्रेस-सपा का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बुधवार को इंडिया गठबंधन के घटक दलों भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। दोनों पार्टियों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी सेवाश्रम के सामने धरना देकर अपनी नाराजगी जाहिर की और इस दौरान लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ, वोट बचाओ के नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एक ज्ञापन तैयार कर जिला कलेक्टर को सौंपा और मांग की कि मतदाता सूची में हुई अनियमितताओं की जांच कराई जाए और उन्हें दुरुस्त किया जाए।

इंडिया गठबंधन के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बुधवार को गांधी सेवाश्रम के सामने जब यह धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ तो वहां का माहौल पूरी तरह से राजनीतिक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने और निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने से जुड़े नारे लिखे हुए थे। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने लगातार ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ, वोट बचाओ’ के नारे लगाए, जिससे आसपास के क्षेत्र में काफी हलचल देखने को मिली।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस मौके पर आरोप लगाया कि हाल ही में तैयार या अपडेट की गई मतदाता सूची में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई हैं। उनका कहना था कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची का सही और त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। यदि सूची में नाम छूट रहे हैं, फर्जी नाम जुड़ रहे हैं या अन्य कोई तकनीकी खामियां रहती हैं, तो इससे आम मतदाता के मताधिकार का हनन होता है। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने यह भी चिंता व्यक्त की कि अगर इन कथित अनियमितताओं को समय रहते नहीं सुधारा गया, तो आगामी चुनावों में निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, स्रोत जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये आरोप किस विशिष्ट चुनाव या मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान से सीधे तौर पर जुड़े हैं, लेकिन दोनों पार्टियों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया है।

गांधी सेवाश्रम के सामने धरना देने के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से संपर्क किया। प्रदर्शनकारी नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जिला कलेक्टर को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मतदाता सूची में बताई गई गड़बड़ियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सुचारू एवं पारदर्शी बनाने की मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से इंडिया गठबंधन ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वह इन मामलों को गंभीरता से ले और भारत निर्वाचन आयोग तथा संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराए। कलेक्टर को दिए गए इस ज्ञापन को राज्य और केंद्रीय निर्वाचन प्राधिकरणों तक पहुंचाने की अपील भी प्रदर्शनकारियों की ओर से की गई है, ताकि मतदाता सूची में जरूरी सुधार किए जा सकें।

बुधवार को हुए इस संयुक्त प्रदर्शन ने शिवपुरी के स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का एक साथ सड़कों पर उतरना और इंडिया गठबंधन के तहत साझा मंच से आवाज बुलंद करना, जिले में विपक्षी एकजुटता का संकेत माना जा रहा है। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर नागरिक के वोट की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार, मतदाता सूची किसी भी चुनाव की नींव होती है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।

ज्ञापन सौंपने के बाद धरना स्थल पर मौजूद नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है। यदि प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों द्वारा उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया और मतदाता सूची की कथित त्रुटियों को दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इंडिया गठबंधन भविष्य में और भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव सतर्क और सक्रिय रहें।

फिलहाल, शिवपुरी जिला प्रशासन की ओर से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि कलेक्टर ने प्रतिनिधिमंडल से क्या वार्ता की या ज्ञापन प्राप्त करते समय प्रशासन की ओर से क्या आश्वासन दिया गया। निर्वाचन से जुड़े मामले सीधे तौर पर निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, ऐसे में जिला प्रशासन इस ज्ञापन को संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को प्रेषित कर सकता है। वंदे भारत न्यूज इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास कर रहा है। जैसे ही प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई की जानकारी सामने आएगी, उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। शिवपुरी में इंडिया गठबंधन के इस प्रदर्शन ने मतदाता सूची की शुद्धता और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।