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Fri, Oct 9, 2026Updated 3:41 PM IST
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सिंगरौली: जंगल की झाड़ियों में रोता मिला नवजात, शरीर पर लिपटी थीं चींटियां; पुलिस ने बचाकर अस्पताल में कराया भर्ती

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मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिले के चितरंगी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बगैया गांव में बुधवार रात जंगल की झाड़ियों से एक नवजात शिशु को बरामद किया गया है। यह नवजात जन्म के कुछ ही घंटों बाद जंगल में फेंक दिया गया था। जब स्थानीय लोगों ने उसकी आवाज सुनी तो वह रो रहा था और उसके शरीर पर चींटियां लिपटी हुई थीं। इस घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को सुरक्षित निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

बताया जा रहा है कि बगैया गांव के पास स्थित जंगल के इलाके में बुधवार की रात कुछ ग्रामीणों को किसी नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। रात का समय होने और जंगल का क्षेत्र होने के कारण पहले तो लोगों को समझ नहीं आया कि यह आवाज किस दिशा से आ रही है। हालांकि, लगातार रोने की आवाज सुनने के बाद कुछ स्थानीय लोग आवाज की दिशा में गए। वहां उन्होंने देखा कि झाड़ियों के बीच एक नवजात शिशु पड़ा हुआ है। नवजात जन्म के कुछ ही घंटे बाद का प्रतीत हो रहा था। सबसे दर्दनाक पहलू यह था कि मासूम के शरीर पर चींटियां लिपटी हुई थीं और वह असहाय अवस्था में लगातार रो रहा था।

ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के इस घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही चितरंगी थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस कर्मियों ने सावधानीपूर्वक नवजात को झाड़ियों से बाहर निकाला। बच्चे के शरीर पर लिपटी चींटियों को हटाया गया और उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने नवजात की हालत की जांच की और आवश्यक दवाइयां दीं। वर्तमान में नवजात शिशु चिकित्सीय देखरेख में है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

यह घटना समाज के लिए एक गहरी चिंता का विषय है। जन्म के मात्र कुछ घंटों बाद किसी नवजात को इस प्रकार जंगल की झाड़ियों में छोड़ देना मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला कृत्य है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। चितरंगी पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि आखिरकार इस मासूम को किसने और क्यों जंगल में फेंका। पुलिस की टीमें बगैया गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर रही हैं ताकि आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

स्थानीय स्तर पर भी पुलिस द्वारा उन महिलाओं की तलाश की जा रही है जिन्होंने हाल ही में किसी बच्चे को जन्म दिया हो या जो गर्भवती थीं और अचानक गायब हो गई हों। इसके अलावा, आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच कई बिंदुओं पर की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज या अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद भी ली जा सकती है, यदि वे उपलब्ध हुए तो।

सिंगरौली जिले का चितरंगी क्षेत्र मुख्य रूप से ग्रामीण और आदिवासी बहुल इलाका है। यहां जंगलों का बड़ा हिस्सा है और कई बार ऐसे दुर्गम इलाकों में इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि अनचाहे गर्भ, गरीबी, सामाजिक दबाव या जागरूकता की कमी जैसे कई कारणों से लोग नवजातों को इस तरह छोड़ने का खौफनाक कदम उठा लेते हैं। हालांकि, कानून के तहत नवजात को इस प्रकार लावारिस छोड़ना एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है। नवजात की बेहतर देखभाल के लिए उसे उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को जंगल में जिस स्थिति में पाया गया, उसमें संक्रमण का खतरा बना रहता है, इसलिए उसकी निगरानी लगातार की जा रही है। फिलहाल बच्चे की स्थिति नियंत्रण में और स्थिर है।

इस घटना ने पूरे बगैया गांव और चितरंगी क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और चिंता है कि कोई कैसे एक मासूम को जंगल में मरने के लिए छोड़ सकता है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो वह तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें। जानकारी देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है। नियमानुसार, ऐसे मामलों में लावारिस मिले बच्चों की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार शिशु गृह या उपयुक्त देखभाल केंद्र में रखा जाता है। पुलिस और प्रशासन का पूरा ध्यान अभी नवजात की सुरक्षा और उसकी मां या दोषियों की तलाश पर केंद्रित है। यह मामला सिंगरौली जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।