Thu, 08 Oct 20265:04 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 5:04 PM IST
होम › बिहार

सीतामढ़ी में त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 80 किलो संदिग्ध पनीर जब्त कर नष्ट कराया, मिठाई गोदाम में भी मिली अनियमितता

WhatsAppFacebookX

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन ने मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया, जिसके दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध और नकली पनीर बरामद किया गया। विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही लगभग 80 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को नष्ट करा दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब बाजारों में त्योहारी खरीदारी का दौर शुरू होने वाला है और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जय मां शीतला पनीर भंडार नामक प्रतिष्ठान पर दबिश दी। जांच के दौरान दुकान से करीब 80 किलो पनीर बरामद हुआ, जिसे टीम ने गुणवत्ता और शुद्धता की दृष्टि से संदिग्ध पाया। प्रारंभिक निरीक्षण में पनीर की बनावट और गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण इसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए, विभागीय अधिकारियों ने जनहित और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस संदिग्ध पनीर को मौके पर ही नष्ट करने का निर्देश दिया। इसके बाद विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए पूरे स्टॉक को नष्ट कराया गया ताकि यह किसी भी रूप में उपभोक्ताओं तक न पहुंच सके।

इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने केवल पनीर को नष्ट करके ही अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि गुणवत्ता की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच का मार्ग भी अपनाया। बरामद किए गए संदिग्ध पनीर के सैंपल (नमूने) एकत्र किए गए हैं, जिन्हें विस्तृत रासायनिक और सूक्ष्मजीवीय जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह अंतिम रूप से स्पष्ट हो पाएगा कि पनीर में किस प्रकार की मिलावट थी या यह पूरी तरह से सिंथेटिक था। यदि प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मिलावट या मानकों की गंभीर अवहेलना की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सैंपल भेजे जाने की यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि कार्रवाई तथ्यों और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित हो।

अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार, टीम को एक मिठाई गोदाम में भी अनियमितताएं मिली हैं। हालांकि, मिठाई गोदाम में पाई गई खामियों का विस्तृत विवरण अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह इंगित करता है कि प्रशासन का फोकस केवल एक विशिष्ट उत्पाद तक सीमित नहीं है, बल्कि त्योहारों से जुड़े समग्र खाद्य आपूर्ति तंत्र की स्वच्छता और मानकों पर है। मिठाई गोदामों में अक्सर घटिया सामग्रियों, अनुचित भंडारण व्यवस्था और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिलती रहती हैं, ऐसे में इस गोदाम में मिली गड़बड़ी को लेकर विभाग सतर्क है और आगे की आवश्यक कार्रवाई की तैयारी में है।

प्रशासन की यह सख्ती ऐसे समय में आई है जब दीपावली और छठ जैसे महापर्व नजदीक हैं। इन त्योहारों में पनीर और मिठाई की खपत सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। बाजार में मांग बढ़ने के साथ ही कुछ असामाजिक तत्व मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी और नकली उत्पादों की बिक्री करने लगते हैं। सिंथेटिक पनीर और मिलावटी मिठाइयां उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। सीतामढ़ी प्रशासन द्वारा त्योहारों से पूर्व ही इस प्रकार की प्रभावी कार्रवाई करना इस बात का संकेत है कि जिला प्रशासन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है और बाजार में शुद्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे त्योहारी सीजन में खरीदारी करते समय सतर्क रहें। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त और प्रतिष्ठित दुकानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें। यदि किसी उपभोक्ता को किसी दुकान या उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वे तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग या जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें। प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में बाजारों में औचक निरीक्षण की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। जय मां शीतला पनीर भंडार से हुई बरामदगी और मिठाई गोदाम में मिली अनियमितताओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विभाग की नजर बाजार की हर गतिविधि पर है और मिलावटखोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।