Thu, 08 Oct 20265:01 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 5:01 PM IST
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सीवान सदर अस्पताल में शव से चेन चोरी का CCTV फुटेज वायरल, अधीक्षक ने जांच के बाद कार्रवाई की कही बात

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सीवान। बिहार के सीवान जिले स्थित मॉडल सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर से सामने आए एक सीसीटीवी फुटेज में एक युवक द्वारा मृत शरीर के गले से सोने की चेन निकालते हुए देखा गया है। यह घटना अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली की खामियों को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। वीडियो में दिख रहा संदिग्ध व्यक्ति चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद बेखौफ होकर इमरजेंसी वार्ड की ओर जाता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल में सुरक्षाकर्मी और निगरानी तंत्र किस कदर निष्क्रिय थे।

वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, यह घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक अस्पताल के उस क्षेत्र में मौजूद है जहां शवों को रखा जाता है या अंतिम संस्कार से पूर्व की प्रक्रिया चल रही होती है। वह व्यक्ति एक मृत शरीर के पास पहुंचता है और उसके गले से चेन निकाल लेता है। इस दौरान आसपास कोई सुरक्षाकर्मी या स्टाफ मौजूद नहीं दिख रहा है, जो अस्पताल की रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। चोरी की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक किसी प्रकार की भयभीतता या जल्दबाजी दिखाए बिना इमरजेंसी वार्ड की तरफ बढ़ता है। यह दृश्य दर्शाता है कि उसे अस्पताल परिसर में स्वतंत्र रूप से घूमने और अपराध करने की छूट प्राप्त थी, या फिर निगरानी कैमरों की मौजूदगी का कोई भय नहीं था।

सीवान मॉडल सदर अस्पताल में मरीजों और मृत शरीरों की सुरक्षा को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से चोरी का ऐसा स्पष्ट प्रमाण सामने आना अत्यंत चिंताजनक है। अस्पताल प्रबंधन ने लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के दावे किए हैं, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत प्रतीत हो रही है। मृतकों के परिजन पहले से ही मानसिक और भावनात्मक तनाव से गुजर रहे होते हैं, ऐसे में उनके प्रियजन के शव से आभूषण चोरी होना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं और नैतिकता का भी हनन है। सामाजिक माध्यमों पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद आम जनता में रोष व्याप्त है और लोग अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

इस पूरे मामले पर सीवान सदर अस्पताल के अधीक्षक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया है कि सीसीटीवी फुटेज में चोरी की घटना दर्ज हुई है और इसे गंभीरता से लिया गया है। अधीक्षक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका यह बयान प्रशासनिक स्तर पर समस्या की स्वीकारोक्ति है, लेकिन स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजन अब तक के अनुभवों के आधार पर केवल जांच के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। वे चाहते हैं कि तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए और चोरी में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अस्पताल में सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल कैमरे लगाने तक सीमित नहीं हो सकती। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई इस घटना से यह स्पष्ट है कि तकनीकी उपकरण तो मौजूद हैं, लेकिन उनकी निगरानी करने वाला मानवीय तंत्र पूरी तरह विफल रहा है। यदि कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही होती, तो चोर को इमरजेंसी वार्ड की ओर जाने से पहले ही रोका जा सकता था। इसके अलावा, शव रखने वाले क्षेत्रों और इमरजेंसी वार्ड जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और गश्त की व्यवस्था भी पुनर्विचार की मांग करती है। अस्पताल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और मृतकों तथा जीवित मरीजों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

फिलहाल, पुलिस और अस्पताल प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से इस मामले की जांच शुरू किए जाने की आवश्यकता है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे युवक की पहचान करना प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, यह भी पता लगाया जाना जरूरी है कि क्या यह व्यक्ति अस्पताल का ही कोई कर्मचारी है या बाहर से आया कोई असामाजिक तत्व। यदि यह अंदरूनी साठगांठ का मामला है, तो इसकी जड़ों तक पहुंचना अनिवार्य है। सीवान सदर अस्पताल एक सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है और यहां की सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी चूक जनविश्वास को कमजोर करती है। अधीक्षक द्वारा जांच और कार्रवाई की बात कहना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी अनुपालन रिपोर्ट और ठोस परिणाम ही अब जनता के समक्ष पेश होने चाहिए। जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और सुरक्षा तंत्र को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक अस्पताल की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न बना रहेगा।