समस्तीपुर में प्रशांत किशोर का ऐलान: चुनाव जीते तो शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाना जनसुराज की जिम्मेदारी, जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान की अपील

समस्तीपुर। बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में सक्रिय जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राज्य के शिक्षकों को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि आगामी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार जीतकर आते हैं, तो बिहार के शिक्षकों को सातवां वेतनमान दिलाना पूरी तरह से जन सुराज की जिम्मेदारी होगी। प्रशांत किशोर ने यह बात गुरुवार देर शाम समस्तीपुर जिले में आयोजित एक विशेष ‘शिक्षक संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने उपस्थित शिक्षकों और आम लोगों से जाति, धर्म और पैसे के आधार पर वोट न देने की भी पुरजोर अपील की।
जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने समस्तीपुर में आयोजित इस शिक्षक संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिहार के शिक्षक काफी समय से सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी इस जायज मांग पर अब तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई है। प्रशांत किशोर ने इस मौके पर वादा किया कि अगर जन सुराज के उम्मीदवार शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से होने वाले विधान परिषद चुनाव में जीत हासिल करते हैं, तो शिक्षकों को सातवां वेतनमान लागू करवाने की जिम्मेदारी जन सुराज खुद लेगी। उन्होंने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए कहा कि शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जन सुराज प्रतिबद्ध है।
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में सिर्फ वेतनमान की बात ही नहीं की, बल्कि समाज और लोकतंत्र को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों और कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों से सीधे तौर पर अपील की कि वे आने वाले चुनावों में किसी भी उम्मीदवार को जाति, धर्म या पैसे के आधार पर अपना वोट न दें। उन्होंने कहा कि जब तक मतदाता इन चीजों से ऊपर उठकर योग्यता और काम के आधार पर वोट नहीं करेंगे, तब तक व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाना संभव नहीं होगा। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक होते हैं और उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे मतदान के समय सही दिशा दिखाएं। उन्होंने कहा कि पैसे के बल पर या जाति-धर्म के नाम पर जीतकर आने वाले लोग कभी भी शिक्षकों और आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते।
समस्तीपुर में गुरुवार देर शाम आयोजित इस ‘शिक्षक संवाद’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को सुनना और आगामी शिक्षक तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर जन सुराज की रणनीति और प्रतिबद्धताओं को साझा करना था। प्रशांत किशोर लगातार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं और अलग-अलग वर्गों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। शिक्षकों के साथ उनका यह संवाद इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बिहार में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव विधान परिषद की सीटों के लिए होते हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का अधिकार मुख्य रूप से शिक्षकों, स्नातकों और अन्य विशिष्ट शैक्षणिक योग्यता रखने वाले मतदाताओं को होता है। ऐसे में प्रशांत किशोर द्वारा शिक्षकों को सातवें वेतनमान का भरोसा दिलाना राजनीतिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिहार में सरकारी और नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को लेकर पिछले कई वर्षों से असंतोष बना हुआ है। शिक्षक संगठन समय-समय पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और हड़ताल करते रहे हैं। सातवें वेतनमान की मांग इनमें से सबसे प्रमुख मांगों में से एक रही है।
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस मंच का उपयोग करते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनकी पार्टी शिक्षकों के मुद्दों को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनका सम्मान और उनका उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह शर्त भी रखी कि यह जिम्मेदारी जन सुराज तभी उठा पाएगी जब उनके उम्मीदवार इन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों से जीतकर सदन में पहुंचेंगे।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने दोहराया कि जन सुराज का उद्देश्य बिहार की राजनीति में एक वैकल्पिक और सकारात्मक सोच को स्थापित करना है। जाति और धर्म की राजनीति से हटकर विकास और मुद्दों पर आधारित राजनीति की उनकी यह अपील शिक्षकों के बीच किस हद तक प्रभाव डालती है, यह आने वाले समय में देखा जाएगा। समस्तीपुर का यह शिक्षक संवाद कार्यक्रम जन सुराज अभियान के विस्तार और शिक्षक वर्ग के बीच अपनी पैठ बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम गुरुवार देर शाम संपन्न हुआ, जिसमें प्रशांत किशोर के अलावा जन सुराज के अन्य पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

