Fri, 09 Oct 202611:43 AM
Fri, Oct 9, 2026Updated 11:43 AM IST
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सोहागपुर में बनी 14 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा: 230 किमी का सफर तय कर शुजालपुर में विराजेंगी ‘पटरानी’, रात में ट्रॉली से हुई रवाना

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नवरात्रि के पावन पर्व की तैयारियां मध्य प्रदेश में जोरों पर हैं। इस बार नवरात्रि से पहले नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में निर्मित मां दुर्गा की एक विशाल और भव्य प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह प्रतिमा अपनी ऊंचाई और कलात्मकता के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोहागपुर में तैयार की गई मां दुर्गा की यह प्रतिमा 14 फीट ऊंची है, जिसे विशेष रूप से श्यामपुर जिले के शुजालपुर में स्थापित करने के लिए बनाया गया है। इस विशाल प्रतिमा को ‘शुजालपुर की पटरानी’ के नाम से जाना जाएगा और यह नवरात्रि के दौरान शुजालपुर में विराजमान होकर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगी।

सोहागपुर से शुजालपुर तक इस प्रतिमा का सफर किसी साधारण यात्रा से कम नहीं है। दोनों स्थानों के बीच की दूरी लगभग 230 किलोमीटर है। इतनी ऊंची और भारी प्रतिमा को सुरक्षित रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती और कठिन कार्य है। 14 फीट की ऊंचाई होने के कारण दिन के समय इसे सड़क मार्ग से ले जाना व्यावहारिक रूप से कठिन माना गया, क्योंकि रास्ते में आने वाले बिजली के तार, पुलों की ऊंचाई और यातायात की भीड़ जैसी कई समस्याएं पैदा हो सकती थीं। इन सभी संभावित बाधाओं और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, आयोजकों और परिवहन टीम ने फैसला किया कि इस प्रतिमा को रात के समय रवाना किया जाए, जब सड़कों पर वाहनों का दबाव अपेक्षाकृत कम होता है और परिवहन कार्य अधिक सुचारू रूप से संपन्न किया जा सकता है।

इस विशेष यात्रा के लिए प्रतिमा को एक ट्रॉली पर रखा गया है। ट्रॉली के माध्यम से परिवहन करना इसलिए भी जरूरी था ताकि प्रतिमा को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे और वह पूरी तरह से सुरक्षित रहे। रात के अंधेरे में ट्रॉली पर सवार होकर मां दुर्गा की यह भव्य प्रतिमा सोहागपुर से शुजालपुर के लिए रवाना हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान मार्ग में आवश्यक सावधानियां बरती गईं, ताकि 230 किलोमीटर का यह लंबा सफर बिना किसी दुर्घटना या रुकावट के पूरा किया जा सके। रात के समय किए जाने वाले इस परिवहन में ट्रॉली की गति नियंत्रित रखी गई और साथ चल रहे लोगों द्वारा हर मोड़ और अवरोध पर विशेष ध्यान दिया गया।

नर्मदापुरम के सोहागपुर में इस प्रतिमा के निर्माण ने स्थानीय कारीगरों की कला और उनके हुनर को भी प्रदर्शित किया है। 14 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने में काफी समय, मेहनत और कौशल की आवश्यकता होती है। मिट्टी, बांस, कपड़े और अन्य सामग्रियों का उपयोग करके कारीगरों ने मां दुर्गा के इस स्वरूप को अत्यंत सुंदर और भव्य रूप दिया है। प्रतिमा की बारीकियों, उसके श्रंगार और हाथों में मौजूद अस्त्र-शस्त्रों की नक्काशी देखने लायक बताई जा रही है। सोहागपुर में निर्माण के दौरान ही यह प्रतिमा स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी और अब इसके शुजालपुर पहुंचने पर वहां के श्रद्धालुओं में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है।

‘शुजालपुर की पटरानी’ के नाम से विराजित होने वाली यह प्रतिमा शुजालपुर की नवरात्रि पूजा की शान बढ़ाएगी। स्थानीय पूजा समिति और श्रद्धालुओं ने इस प्रतिमा का स्वागत करने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। नवरात्रि के नौ दिनों तक यह प्रतिमा शुजालपुर में भक्तों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगी। मान्यता है कि मां दुर्गा नवरात्रि के दौरान अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और ऐसी विशाल प्रतिमा की स्थापना से पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा वातावरण निर्मित होता है।

मध्य प्रदेश में नवरात्रि का त्योहार हमेशा से ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता रहा है। विभिन्न शहरों और कस्बों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना और उनकी भव्य पूजा-अर्चना की परंपरा सदियों पुरानी है। इस बार सोहागपुर से शुजालपुर तक 230 किलोमीटर की दूरी तय करके आ रही 14 फीट ऊंची प्रतिमा ने इस परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह यात्रा न केवल आयोजकों की व्यवस्था और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय जनता की मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था को भी दर्शाती है।

परिवहन से जुड़े लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी प्रतिमा को एक जिले से दूसरे जिले तक सुरक्षित ले जाना एक बड़ा ऑपरेशन होता है, जिसमें सटीक योजना और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होती है। ट्रॉली से रात में रवाना होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रतिमा समय पर शुजालपुर पहुंच जाएगी, जहां विधि-विधान के साथ उसकी प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। नवरात्रि 2026 के अवसर पर ‘शुजालपुर की पटरानी’ के रूप में विराजमान होने वाली मां दुर्गा की यह 14 फीट ऊंची प्रतिमा निश्चित रूप से आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगी और शुजालपुर की नवरात्रि को ऐतिहासिक बनाएगी।