Sat, 10 Oct 202610:40 AM
Sat, Oct 10, 2026Updated 10:40 AM IST
होम › छत्तीसगढ़

सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 800 मॉडिफाइड बाइक साइलेंसरों पर चला रोड रोलर, ऑटो पार्ट्स दुकानदारों और मैकेनिकों को दी सख्त चेतावनी

WhatsAppFacebookX

वंदे भारत न्यूज़ डेस्क, सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाइड वाहनों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार को सरगुजा पुलिस ने जिला पुलिस लाइन में जब्त किए गए करीब 800 मॉडिफाइड बाइक साइलेंसरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इन अवैध रूप से संशोधित साइलेंसरों को खत्म करने के लिए भारी-भरकम रोड रोलर का इस्तेमाल किया गया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जिले भर में उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जो वाहनों में शोर मचाने वाले उपकरणों का व्यापार करते हैं या उन्हें लगवाते हैं।

सरगुजा पुलिस के अनुसार, यह अभियान लगातार बढ़ रही ध्वनि प्रदूषण की समस्या और सड़कों पर तेज आवाज करने वाली बाइक्स से आम जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए चलाया गया था। पिछले कुछ समय से पुलिस द्वारा विभिन्न चेकिंग अभियानों और यातायात जांच के दौरान ऐसे मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए जा रहे थे। शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित इस विशेष विनाश अभियान के तहत सभी 800 जब्त साइलेंसरों को एक साथ रोड रोलर के नीचे लाकर पूरी तरह से कुचल दिया गया, ताकि इन्हें दोबारा किसी भी वाहन में उपयोग नहीं किया जा सके।

पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही स्पष्ट और सख्त चेतावनी जारी की है कि अब मॉडिफाइड साइलेंसरों के कारोबार या उनके इस्तेमाल को लेकर किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। सरगुजा पुलिस ने जिले में संचालित ऑटो पार्ट्स की दुकानों के संचालकों, वाहन मरम्मत करने वाले मैकेनिकों और गैरेज स्वामियों को सीधे तौर पर आगाह किया है। पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी ऑटो पार्ट्स विक्रेता, मैकेनिक या गैरेज संचालक अपने यहां मॉडिफाइड साइलेंसर बेचते हुए, उन्हें स्टॉक करते हुए या किसी भी ग्राहक के वाहन में ऐसे साइलेंसर लगाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत अत्यंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई मोटर व्हीकल एक्ट और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित पर्यावरणीय नियमों के तहत की गई है। मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने से वाहनों से निकलने वाली आवाज निर्धारित मानकों से कई गुना अधिक हो जाती है। इससे न केवल सड़कों पर चलने वाले अन्य राहगीरों और वाहन चालकों को भारी असुविधा होती है, बल्कि आसपास रहने वाले नागरिकों, बुजुर्गों, मरीजों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भी गंभीर शारीरिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ऐसी तेज आवाज वाली बाइक्स का गुजरना एक बड़ी समस्या बन चुका था, जिसके समाधान के लिए पुलिस ने यह ठोस कदम उठाया है।

सरगुजा पुलिस का कहना है कि यह विनाश अभियान केवल एक शुरुआत है। भविष्य में भी ऐसे ही निरंतर अभियान चलाए जाएंगे और चेकिंग को और अधिक सख्त बनाया जाएगा। पुलिस टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाएं। यदि कोई वाहन चालक मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसका चालान काटने के साथ ही मौके पर ही साइलेंसर को उतारकर जब्त किया जाएगा और वाहन चालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पुलिस लाइन में रोड रोलर से 800 साइलेंसरों को नष्ट किए जाने की घटना ने स्थानीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया है। प्रशासन और पुलिस का यह स्पष्ट रुख है कि सड़क सुरक्षा और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यातायात नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और जो लोग जानबूझकर इन नियमों का उल्लंघन कर दूसरों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं, उनके खिलाफ कानून अपना पूरा दबाव बनाएगा।

ऑटो पार्ट्स व्यवसायियों और गैरेज संचालकों से भी अपील की गई है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी या मॉडिफाइड वाहन पुर्जों का भंडारण या बिक्री न करें। पुलिस ने बताया कि आने वाले दिनों में गैरेजों और ऑटो पार्ट्स की दुकानों पर औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है। यदि निरीक्षण के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री या मॉडिफाइड साइलेंसर पाए गए, तो संबंधित दुकान या गैरेज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने सहित अन्य कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। सरगुजा पुलिस की यह मुहिम जिले में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।