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Fri, Oct 9, 2026Updated 11:42 AM IST
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सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड निरीक्षण के दौरान सिग्नल फेल, जीएम की स्पेशल ट्रेन 15 मिनट रुकी; DRM से तलबा जवाब

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वंदे भारत न्यूज़, सतना। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा गुरुवार को सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड के निरीक्षण के दौरान एक बड़ी तकनीकी खामी सामने आई है। मुंबई-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर मुख्त्यारगंज के पास अचानक सिग्नल फेल होने के कारण महाप्रबंधक की स्पेशल ट्रेन को लगभग 15 मिनट तक रुकना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब रेलवे के शीर्ष अधिकारी स्वयं इस मार्ग का निरीक्षण कर रहे थे। इस घटना ने रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्था और रखरखाव प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह गुरुवार को सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण करने के लिए अपनी स्पेशल ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। यह निरीक्षण रेलवे ट्रैक, सिग्नल प्रणाली, ओवरहेड इक्विपमेंट और सुरक्षा मानकों की जांच के उद्देश्य से किया जा रहा था। हालांकि, जैसे ही यह स्पेशल ट्रेन मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित मुख्त्यारगंज स्टेशन के समीप पहुंची, वहां का सिग्नल अचानक फेल हो गया। सिग्नल फेल होने की स्थिति में रेलवे के सुरक्षा नियमों के अनुसार किसी भी ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं होती है, जिसके चलते महाप्रबंधक की स्पेशल ट्रेन को भी वहीं रोकना पड़ा।

सिग्नल फेल होने के बाद तकनीकी दल को तुरंत मौके पर बुलाया गया और खराबी को दूर करने के प्रयास शुरू किए गए। करीब 15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद सिग्नल व्यवस्था को ठीक किया जा सका, जिसके बाद स्पेशल ट्रेन को आगे बढ़ने की मंजूरी दी गई। बताया जाता है कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान निरीक्षण दल में रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। खुद महाप्रबंधक की ट्रेन के साथ ऐसी घटना होने से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया।

इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने संबंधित विभाग से इस बाधा का कारण पूछते हुए जवाब तलब किया है। DRM ने निर्देश दिया है कि मुख्त्यारगंज के पास सिग्नल फेल होने के पीछे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाए। यह पता लगाया जाए कि क्या यह खराबी तकनीकी उपकरणों की पुरानी अवस्था, मेंटेनेंस में लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुई थी। इसके लिए एक रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड भारतीय रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह क्षेत्र न केवल यात्री परिवहन बल्कि माल ढुलाई के लिहाज से भी काफी व्यस्त रहता है। देवेंद्रनगर और उसके आसपास के क्षेत्रों से भारी मात्रा में खनिज और औद्योगिक सामग्री का परिवहन होता है। ऐसे में इस रेलखंड पर सिग्नल प्रणाली का सुचारू रूप से काम करना अत्यंत आवश्यक है। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग देश के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलमार्गों में से एक है, जो देश के पूर्व और पश्चिम हिस्से को जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों एक्सप्रेस, मेल और मालगाड़ियां संचालित होती हैं।

मुख्त्यारगंज के पास हुई इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि रेलवे की सिग्नलिंग प्रणाली में अभी भी कमियां मौजूद हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है। रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुसार, सिग्नल फेल होना एक गंभीर परिचालन बाधा मानी जाती है। जब कोई सिग्नल काम करना बंद कर देता है, तो ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि सिग्नल फेल होने की स्थिति में ट्रेनों को सावधानीपूर्वक और धीमी गति से या पूरी तरह रोककर चलाया जाता है। महाप्रबंधक की स्पेशल ट्रेन के साथ हुई यह घटना इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई क्योंकि यह निरीक्षण के दौरान ही घटित हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यवस्था की खामियों को पहचानना ही था।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह ने ट्रैक की स्थिति, स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। लेकिन सिग्नल फेल होने की घटना ने अन्य सभी बिंदुओं को कुछ समय के लिए पीछे छोड़ दिया। अब देखना यह होगा कि DRM स्तर पर की जाने वाली जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषी पाए जाने पर किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा समय-समय पर अपने विभिन्न मंडलों और रेलखंडों का निरीक्षण कराया जाता है, ताकि सुरक्षा मानकों को बनाए रखा जा सके और यात्रियों को बेहतर सेवाएं दी जा सकें। गुरुवार को सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड पर हुआ यह निरीक्षण भी इसी कड़ी का हिस्सा था। हालांकि, निरीक्षण के दौरान ही सिग्नल फेल होने की घटना ने रेलवे प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।

वंदे भारत न्यूज़ इस मामले में रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट के आधिकारिक नतीजों पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही इस संबंध में कोई नई जानकारी या आधिकारिक बयान जारी होगा, उसे समाचार में अपडेट किया जाएगा। फिलहाल, DRM द्वारा मांगे गए जवाब और जांच प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा है।