सुकमा: राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, पीएम मोदी और चुनाव आयोग का फूंका पुतला

वन्दे भारत न्यूज़। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ आयोजित किया गया था। सुकमा जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड पर नगर कांग्रेस कमेटी के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग का पुतला भी जलाया, जिससे पूरे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।
नगर कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सुकमा जिले के विभिन्न हिस्सों से आए कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शनिवार के दिन सुकमा जिला मुख्यालय के बस स्टैंड पर जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया, तो वहां मौजूद आम लोगों का ध्यान भी इस ओर आकर्षित हुआ। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर पकड़े हुए थे, जिन पर राहुल गांधी के समर्थन और केंद्र सरकार तथा भाजपा के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र के लिए खतरा है और यह कदम पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारी नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। उनका आरोप था कि राहुल गांधी की आवाज को दबाने के लिए जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और उनकी गिरफ्तारी इसी साजिश का हिस्सा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार विपक्ष को कमजोर करने और डराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सड़कों पर है, तब तक भाजपा की इन नीतियों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग का पुतला दहन रहा। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड परिसर में पुतलों को आग लगाई, वहां मौजूद कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है और वह केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उनका कहना था कि एक निष्पक्ष और स्वायत्त संस्था होने के नाते चुनाव आयोग को बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर पूरे देश में कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और सुकमा में हुआ यह प्रदर्शन उसी कड़ी का एक हिस्सा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मजबूत जमीनी पकड़ को देखते हुए, सुकमा जैसे जिलों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपने शीर्ष नेतृत्व के प्रति एकजुटता दिखाई है। नगर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि राहुल गांधी आम जनता और गरीबों की आवाज उठाते रहे हैं, जिसके कारण उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को रिहा नहीं किया गया और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए, तो कांग्रेस पार्टी भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
सुकमा जिला मुख्यालय के बस स्टैंड पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। पुतला दहन और नारेबाजी के चलते सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया था ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। हालांकि, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और पुतला जलाने के बाद कार्यकर्ता वहीं से तितर-बितर हो गए। प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी या झड़प की खबर सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी का मामला राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों ने भी इस गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। सुकमा में नगर कांग्रेस द्वारा किए गए इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला स्तर पर भी कांग्रेस कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ खड़े हैं। भाजपा पर लगाए गए आरोपों और चुनाव आयोग के खिलाफ की गई नारेबाजी ने इस विरोध प्रदर्शन को एक तीखा राजनीतिक रूप दे दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सुकमा सहित पूरे छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

