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4 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा
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गर्मियों में पसीना, थकान और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण बताते हैं कि शरीर लगातार हीट हो रहा है। इससे बचने लिए अक्सर लोग ऐसे डाइट ऑप्शन तलाशते हैं, जो शरीर की गर्मी को बैलेंस कर सकें।
इंडियन किचन में कुछ नेचुरल कूलिंग हर्ब्स हमेशा मौजूद रहते हैं। इनमें पुदीना, सौंफ, धनिया शरीर का तापमान बैलेंस करने के साथ पाचन सुधारने और हाइड्रेशन बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि-
- कूलिंग हर्ब्स शरीर को कैसे फायदा पहुंचाते हैं?
- इन्हें डाइट में कैसे शामिल करें?
एक्सपर्ट: डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली
सवाल- नेचुरल कूलिंग हर्ब्स क्या होते हैं?
जवाब- नेचुरल कूलिंग हर्ब्स वो प्लांट या हर्ब्स होते हैं, जो बॉडी के टेम्परेचर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।
सवाल- ये हर्ब्स शरीर को ठंडा कैसे करते हैं?
जवाब- ये हर्ब्स बॉडी की हीट लॉस बढ़ाते हैं। इससे बॉडी नेचुरली कूल होती है। ग्राफिक में देखिए ये क्या करती हैं-

सवाल- क्या ये हर्ब्स शरीर को सिर्फ ‘ठंडक का एहसास’ देते हैं या सच में बॉडी टेम्परेचर कम करते हैं?
जवाब- कुछ हर्ब्स (जैसे पुदीना) सिर्फ ठंडक महसूस कराते हैं, जबकि कुछ हर्ब्स (जैसे धनिया, खस) शरीर को ठंडा करने में मदद करते हैं। ये हीट लॉस बढ़ाते हैं। इससे बॉडी टेम्परेचर कम होता है।
सवाल- गर्मियों के सबसे असरदार कूलिंग हर्ब्स कौन से हैं?
जवाब- गर्मियों में असरदार कूलिंग हर्ब्स जैसे पुदीना, सौंफ, धनिया अलग-अलग तरीकों से शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं। नीचे ग्राफिक में लिस्ट देखिए-

सवाल- इन हर्ब्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
जवाब- कूलिंग हर्ब्स कई तरह से शरीर को सपोर्ट करते हैं। ग्राफिक में इनके सभी फायदे देखिए-

सवाल- ये हर्ब्स शरीर के तापमान को कैसे रेगुलेट करते हैं?
जवाब- कूलिंग हर्ब्स शरीर के थर्मोरेगुलेशन मैकेनिज्म (शरीर की अपना तापमान संतुलित रखने की प्रक्रिया) पर प्रभाव डालते हैं। पॉइंटर्स से समझिए-
- कुछ हर्ब्स के बायोएक्टिव कंपाउंड्स ब्रेन के हाइपोथेलेमस (ब्रेन का टेम्परेचर कंट्रोल सेंटर) पर असर डालते हैं।
- इससे शरीर को ‘कूलिंग सिग्नल’ मिलता है और पसीना बढ़ता है।
- पुदीना जैसे नेचुरल हर्ब्स में मेंथॉल (एक नेचुरल केमिकल कंपाउंड) होता है।
- ये स्किन और नर्व्स के कोल्ड रिसेप्टर्स को एक्टिव करते है, जिससे शरीर में ठंडक बढ़ती है।
- ब्रेन को ठंडक का सिग्नल मिलता है, जिससे कूलिंग रिस्पॉन्स ट्रिगर होता है।
- कुछ हर्ब्स ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करके स्किन की तरफ ब्लड फ्लो बढ़ाते हैं। इससे शरीर की गर्मी बाहर निकलती है।

सवाल- क्या इन हर्ब्स में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस की क्षमता होती है?
जवाब- कूलिंग हर्ब्स इलेक्ट्रोलाइट्स का मुख्य सोर्स नहीं हैं, लेकिन शरीर में उनके बैलेंस और रिटेंशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
सवाल- इन हर्ब्स को डाइट में कैसे शामिल करें?
जवाब- इन हर्ब्स को पानी, चटनी, ड्रिंक्स और हर्बल टी के रूप में शामिल कर सकते हैं। जैसेकि-
हर्बल वाटर
पुदीना, सौंफ, धनिया को पानी में भिगोकर या उबालकर पिएं।
ड्रिंक्स और शरबत
- सौंफ का पानी
- बेल का शरबत
- गुलकंद दूध या पानी में
ये हाइड्रेशन और कूलिंग दोनों देते हैं।
चटनी और सलाद
पुदीना, धनिया की चटनी या सलाद में डालें।
हर्बल टी
- लेमनग्रास, तुलसी, मुलेठी की चाय बनाकर लें।
- ज्यादा गर्म नहीं, हल्की ठंडी करके पिएं।
सीड्स का इस्तेमाल
- सब्जा, सौंफ या धनिया के सीड्स भिगोकर खाएं।
- ड्रिंक्स, दूध या दही में मिलाकर ले सकते हैं।
ध्यान रखें-
- बहुत ज्यादा मात्रा में न लें।
- खाली पेट स्ट्रॉन्ग हर्ब्स (जैसे एलोवेरा, गिलोय) डॉक्टर की सलाह से लें।
- अगर कोई बीमारी है, तो पहले डॉक्टर की सलाह लें।
सवाल- दिन में किस समय इनका सेवन सबसे फायदेमंद है?
जवाब- अलग-अलग कूलिंग हर्ब्स अलग-अलग समय पर ले सकते हैं। पॉइंटर्स में देखिए-
सुबह (खाली पेट या नाश्ते के बाद)
पुदीना, सौंफ का पानी लेने से दिनभर के लिए बॉडी कूल और हाइड्रेटेड रहती है।
दोपहर
बेल का शरबत, सौंफ का पानी ले सकते हैं।
शाम
हर्बल ड्रिंक्स या हल्की चाय लेने से दिनभर की हीट और थकान कम होती है।
सवाल- क्या खाली पेट ये हर्ब्स लेना सही है?
जवाब- हां, हल्की हर्ब्स (जैसे- सौंफ का पानी, धनिया का पानी, पुदीना पानी) खाली पेट ले सकते हैं। लेकिन स्ट्रॉन्ग हर्ब्स (जैसे- गिलोय, मुलेठी) हमेशा खाने के बाद या सलाह लेकर ही लें।
सवाल- रोजाना कितनी मात्रा में इनका सेवन करना चाहिए?
जवाब- कूलिंग हर्ब्स के सही फायदे के लिए इन्हें सेवन संतुलित मात्रा में लेना चाहिए। पॉइंटर्स में देखिए-
हर्बल पानी/ड्रिंक्स
दिनभर में 1-2 गिलास (200-400 ml) काफी है।
जैसे- सौंफ या धनिया का पानी।
पत्तियां (पुदीना, धनिया)
- एक दिन में 1-2 टेबलस्पून (चटनी/सलाद में)।
- ज्यादा लेने से पाचन पर असर पड़ सकता है।
बीज (सौंफ, सब्जा, धनिया के बीज)
- 1-2 चम्मच भिगोकर।
- इससे ज्यादा लेने पर गैस या लूज मोशन हो सकते हैं।
स्ट्रॉन्ग हर्ब्स (एलोवेरा, गिलोय, मुलेठी)
- एलोवेरा जूस: 20-30 ml
- गिलोय/मुलेठी: डॉक्टर की सलाह से।
ध्यान रखें-
- एक साथ कई हर्ब्स ज्यादा मात्रा में न लें।
- कोई साइड इफेक्ट दिखे तो तुरंत बंद करें।
सवाल- किन लोगों को इनका सेवन सावधानी से करना चाहिए?
जवाब- कूलिंग हर्ब्स भले ही नेचुरल हों, लेकिन हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं होतीं। ग्राफिक में देखिए किन्हें संभलकर लेना चाहिए-

सवाल- क्या ज्यादा सेवन से नुकसान हो सकता है?
जवाब- हां, कूलिंग हर्ब्स का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए सीमित मात्रा में ही लें।
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