Summer Dehydration Nose Bleeding; Treatment, Prevention Tips

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13 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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गर्मियों में टेम्परेचर हाई होने से हवा रूखी हो जाती है। इससे सांस लेते समय नाक की म्यूकस लेयर इरिटेट होने लगती है। इसके कारण ब्लड वेसल्स फटने से कभी-कभार नाक से ब्लड आ सकता है। इसे हिंदी में नकसीर (नोज ब्लीड) और मेडिसिन की भाषा में ‘एपिस्टैक्सिस’ कहा जाता है।

शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से नाक की नाजुक ब्लड वेसल्स ड्राई होकर फट सकती हैं। इससे अचानक ब्लीडिंग शुरू हो सकती है।

‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के मुताबिक, दुनिया में लगभग 60% लोग जीवन में कभी-न-कभी नाक से खून आने की समस्या का सामना करते हैं।

ज्यादातर मामलों में यह स्थिति मामूली होती है, लेकिन कुछ मामलों में ये किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज हम ‘नोज ब्लीड’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे-

  • नोज ब्लीड क्यों होता है?
  • नाक से खून आने पर तुरंत क्या करें?
  • किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है?

सवाल- नोज ब्लीड क्या है?

जवाब- इसमें नाक के अंदर की नाजुक ब्लड वेसल्स फटने से खून आने लगता है। यह आमतौर पर दोनों नॉस्ट्रिल्स (नथुनों) में से किसी से भी हो सकता है। यह ज्यादातर मामलों में गंभीर नहीं होता है।

सवाल- नोज ब्लीड क्यों होता है?

जवाब- यह आमतौर पर ड्राई एयर से म्यूकस के इरिटेट होने और डिहाइड्रेशन के कारण होता है। इसके संभावित कारण ग्राफिक में देखिए-

अब इन कारणों को विस्तार से समझते हैं-

तेज धूप, ड्राई और गर्म हवा

  • गर्मियों में हवा का मॉइश्चर लेवल कम हो जाता है।
  • इससे नाक की अंदरूनी लेयर सूख जाती है।
  • इससे नाक की नाजुक ब्लड वेसल्स फट सकती हैं और खून आ सकता है।

डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)

  • शरीर में पानी की कमी होने पर नाक की अंदरूनी लेयर सूख जाती है।
  • इससे नाक की नाजुक ब्लड वेसल्स को सपोर्ट नहीं मिलता है।
  • कमजोर होने से ब्लड वेसल्स फट सकती हैं और नाक से खून आ सकता है।

नाक में उंगली डालना

  • नाक में उंगली या कोई चीज डालने से अंदर की स्किन में खरोंच आ सकती है।
  • इससे नाक से खून आ सकता है।
  • बच्चों की अंदरूनी लेयर नाजुक होने से उन्हें ज्यादा रिस्क होता है।

एलर्जी या सर्दी-जुकाम

  • एलर्जी, सर्दी या साइनस में नाक बहने से अंदरूनी लेयर कमजोर हो जाती है।
  • इससे ब्लीडिंग का रिस्क बढ़ जाता है।

चोट लगना

  • नाक या चेहरे पर चोट लगने से अंदर की ब्लड वेसल्स डैमेज हो सकती हैं।
  • इससे तुरंत या कुछ समय बाद खून आ सकता है।

नेजल स्प्रे का ज्यादा उपयोग

  • लंबे समय तक एंटीहिस्टामिन नेजल स्प्रे का यूज म्यूकस को ड्राई कर देता है।
  • इससे नोज ब्लीडिंग हो सकती है।

ब्लड थिनर दवाएं

  • ब्लड थिनिंग मेडिसिन लेने से ब्लड की क्लॉटिंग कैपेसिटी कमजोर हो जाती है।
  • इससे हल्की चोट या ड्राईनेस में भी ब्लीडिंग हो सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर

  • हाई BP में ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ जाता है।
  • इससे वे फट सकती हैं और नोज से ब्लीडिंग हो सकती है।

स्मोकिंग और केमिकल्स

  • स्मोकिंग और केमिकल्स के संपर्क से नाक में जलन और ड्राईनेस होती है।
  • इससे ब्लीडिंग का जोखिम बढ़ जाता है।

ब्लड से जुड़ी बीमारियां

  • हीमोफीलिया जैसी बीमारियों में ब्लड क्लॉटिंग में दिक्कत होती है।
  • इससे बार-बार या देर तक नोज ब्लीडिंग हो सकती है।
  • यह नाक के अंदर ट्यूमर या पॉलिप के कारण भी हो सकता है।

सवाल- क्या नोज ब्लीड किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है?

जवाब- हां, बार-बार या तेज नोज ब्लीड किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। जैसेकि-

  • हाई ब्लड प्रेशर।
  • बार-बार होने वाली एलर्जी या साइनस इन्फेक्शन।
  • खून से जुड़ी बीमारियां (जैसे हीमोफीलिया)।
  • विटामिन C और K डेफिशिएंसी।
  • लिवर और किडनी से जुड़ी प्रॉब्लम्स।
  • नाक में पॉलिप या ट्यूमर।
  • एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होना)।
  • प्लेटलेट्स की कमी।
  • ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर)।

सवाल- किन लोगों को नोज ब्लीड का रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- उम्र, हेल्थ कंडीशन और वातावरण के कारण कुछ लोगों को नोज ब्लीड का रिस्क ज्यादा होता है। जैसेकि-

2 से 10 साल के बच्चे

ड्राई एयर, सर्दी-एलर्जी और नाक में उंगली या चीजें डालने की आदत के कारण रिस्क ज्यादा रहता है।

45 से 80 साल के वयस्क

इस उम्र में ब्लड क्लॉटिंग में समय लगता है। साथ ही हाई बीपी, एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों का सख्त होना) और ब्लीडिंग डिसऑर्डर का रिस्क बढ़ जाता है।

गर्भवती महिलाएं

प्रेग्नेंसी में नाक की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं, जिससे उन पर दबाव बढ़ता है और ब्लीडिंग की का रिस्क बढ़ जाता है।

ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोग

एस्पिरिन या वॉरफारिन जैसी दवाओं से खून जल्दी नहीं जमता। इससे नोज ब्लीड का रिस्क बढ़ जाता है।

ब्लड क्लॉटिंग डिसआर्डर से पीड़ित लोग

हीमोफीलिया जैसी बीमारियों में बार-बार या हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। एलर्जी या साइनस की समस्या वाले लोगों में भी यह रिस्क ज्यादा होता है।

सवाल- क्या गर्मियों में नोज ब्लीड का रिस्क बढ़ जाता है?

जवाब- हां, तेज गर्मी और सूखी हवा नाक की अंदरूनी लेयर को ड्राई कर देती है।

  • इससे नाक की नाजुक ब्लड वेसल्स कमजोर हो जाती हैं और इनके फटने का रिस्क बढ़ जाता है।
  • डिहाइड्रेशन भी नाक की अंदरूनी लेयर को ड्राई बना देती है। इससे ब्लीडिंग का रिस्क और बढ़ जाता है।

सवाल- नाक से खून आने पर तुरंत क्या करें?

जवाब- ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं, सही तरीके से तुरंत प्राथमिक इलाज करने से ब्लीडिंग कंट्रोल हो सकती है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- नोज ब्लीड होने पर कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- ज्यादातर मामलों में नोज ब्लीडिंग सामान्य है। लेकिन कुछ स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या खानपान का भी नोज ब्लीड पर असर पड़ता है?

जवाब- हां, इसका नोज ब्लीड पर सीधा असर पड़ता है। सही डाइट नाक की नॉस्ट्रिल्स को मजबूत रखती है, जबकि गलत खानपान से समस्या बढ़ सकती है। जैसेकि-

  • कम पानी पीने से नाक की म्यूकस लेयर ड्राई हो सकती है। इससे ब्लीडिंग का रिस्क बढ़ता है।
  • विटामिन C की कमी से ब्लड वेसल्स कमजोर हो सकती हैं। इसलिए भोजन में साइट्रस फूड शामिल करें।
  • विटामिन K ब्लड क्लॉट बनाने में मदद करता है। इसकी कमी से ब्लड क्लॉटिंग देर से होती है।
  • ज्यादा मसालेदार और गर्म तासीर वाला भोजन शरीर में गर्मी बढ़ाकर नोज ब्लीड का रिस्क बढ़ा सकता है।
  • कैफीन और अल्कोहल शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं, जिससे नाक की प्रोटेक्टिव लेयर ड्राई हो सकती है।
  • न्यूट्रिशन की कमी से भी ब्लड वेसल्स कमजोर हो सकती हैं।

लाइफस्टाइल और डाइट में क्या बदलाव करें?

  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, शरीर को हाइड्रेट रखें।
  • तरबूज, खीरा, संतरा जैसे पानी और विटामिन से भरपूर फल खाएं।
  • विटामिन C और K से भरपूर डाइट (हरी सब्जियां, फल) लें।
  • बहुत ज्यादा मसालेदार और गर्म तासीर वाले भोजन से बचें।
  • घर में ह्यूमिडिटी बनाए रखें, जरूरत हो तो ह्यूमिडिफायर यूज करें।
  • सलाइन स्प्रे या हल्का मॉइश्चर इस्तेमाल करें।
  • नाक को जोर से न फूंकें और बार-बार छेड़ने से बचें।
  • धूल, धुआं और केमिकल्स से दूरी बनाएं।
  • धूप में निकलते समय सिर और नाक को कवर करें।
  • स्मोकिंग और ड्रिंकिंग बिल्कुल न करें।

नोज ब्लीड से जुड़े कुछ जरूरी सवाल-जवाब

सवाल- क्या नोज ब्लीड खतरनाक हो सकता है?

जवाब- आमतौर पर नहीं, लेकिन बार-बार या ज्यादा खून आने पर यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।

सवाल- क्या सिर पीछे करने से नोज ब्लीड रुकता है?

जवाब- नहीं, इससे खून गले में जा सकता है। इसलिए हमेशा सिर थोड़ा आगे झुकाना चाहिए।

सवाल- क्या AC में रहने से नोज ब्लीड का रिस्क कम होता है?

जवाब- नहीं, AC की सूखी हवा नाक को ड्राई करके रिस्क बढ़ा सकती है।

सवाल- नोज ब्लीड का इलाज कैसे होता है?

जवाब- हल्के मामलों में नाक दबाकर और ठंडी पट्टी से कंट्रोल हो जाता है। जबकि गंभीर मामलों में डॉक्टर दवा देते हैं या अन्य इलाज करते हैं।

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