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Sat, Oct 10, 2026Updated 8:23 AM IST
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सुपौल: कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के भोजन में मिली छिपकली, 10 छात्राएं बीमार; SDM ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन

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बिहार के सुपौल जिले से एक बेहद चिंताजनक और गंभीर मामला सामने आया है। जिले के प्रतापगंज स्थित पब्लिक उच्च विद्यालय परिसर में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास टाइप-4 में शुक्रवार को दोपहर के भोजन के दौरान सब्जी में छिपकली जैसी चीज मिलने की सूचना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद भोजन कर रही छात्राओं के बीच खबर तेजी से फैली, जिससे अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। जानकारी के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद कम से कम दस छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इन छात्राओं ने उल्टी, चक्कर आने और सिरदर्द की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप-मंडल अधिकारी (SDM) ने संज्ञान लिया है और स्पष्ट किया है कि जांच के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वंदे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार की दोपहर की है, जब छात्रावास में रहने वाली छात्राएं अपने निर्धारित समय पर दोपहर का भोजन कर रही थीं। भोजन के दौरान किसी छात्रा की नजर सब्जी में मौजूद एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी, जिसे देखने पर वह छिपकली जैसी प्रतीत हो रही थी। जैसे ही इस बात की जानकारी अन्य छात्राओं को हुई, खाने के कमरे में अचानक भगदड़ और चीख-पुकार मच गई। जो छात्राएं पहले से भोजन कर चुकी थीं या कर रही थीं, उनमें भारी घबराहट फैल गई। कुछ ही देर में यह खबर पूरे छात्रावास परिसर में आग की तरह फैल गई, जिससे वहां मौजूद सभी छात्राओं और कर्मचारियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया।

छिपकली मिलने की सूचना और उसके बाद हुई घबराहट का सीधा असर छात्राओं के स्वास्थ्य पर पड़ा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भोजन करने के बाद लगभग दस छात्राओं ने अस्वस्थता महसूस की। इन छात्राओं ने उल्टी होने, सिर में तेज दर्द और चक्कर आने की शिकायत बताई। हालांकि, यह अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन छात्राओं की तबीयत भोजन में वास्तविक रूप से कोई विषाक्त पदार्थ जाने के कारण खराब हुई है, या फिर छिपकली देखने के बाद पैदा हुए मानसिक तनाव, डर और घबराहट की वजह से ऐसी शारीरिक प्रतिक्रियाएं हुई हैं। फूड पॉइजनिंग की आशंका को भी पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता है, इसलिए मेडिकल जांच और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की पड़ताल अत्यंत आवश्यक हो गई है।

कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना के तहत संचालित किए जाते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की बालिकाओं को सुरक्षित आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण प्रदान करना है। ऐसे सरकारी छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर पहले से ही सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बावजूद इसके, सुपौल के प्रतापगंज स्थित इस छात्रावास टाइप-4 में सब्जी में छिपकली मिलने की घटना ने रसोई घर और भोजन व्यवस्था की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि छात्रावास की दिनचर्या और खाद्य सामग्री की निगरानी में भारी लापरवाही बरती जा रही है। अभिभावकों द्वारा अपनी बेटियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर ऐसे सरकारी आवासीय विद्यालयों पर भरोसा किया जाता है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं उस भरोसे को गहरा आघात पहुंचाती हैं।

मामले की जानकारी जब स्थानीय प्रशासन तक पहुंची, तो अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। उप-मंडल अधिकारी (SDM) ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रशासन को इस मामले की जानकारी मिल गई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। SDM ने आश्वासन दिया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि बीमार हुई छात्राओं को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

इस घटना के बाद छात्रावास प्रबंधन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर इस घटना की काफी चर्चा हो रही है और लोग छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि केवल जांच का आश्वासन देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर छात्रावासों की रसोई और भंडारण कक्षों की नियमित और सघन जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

प्रतापगंज के पब्लिक उच्च विद्यालय परिसर में हुई यह घटना बिहार के सरकारी छात्रावासों में संचालन और रखरखाव की वास्तविकता को उजागर करती है। जब तक प्रशासनिक जांच पूरी नहीं हो जाती और मेडिकल रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक यह कहना जल्दबाजी होगी कि छात्राओं की बीमारी का एकमात्र कारण यही घटना है। हालांकि, भोजन में छिपकली जैसी चीज का मिलना अपने आप में एक बड़ी चूक है। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जांच रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई की अपडेट्स प्रकाशित करता रहेगा।