सुपौल: मार्च से ड्यूटी से गायब पंचायत कार्यपालक सहायक को DM सावन कुमार ने किया चयनमुक्त, दूसरे सहायक को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने एक पंचायत कार्यपालक सहायक को उसके पद से चयनमुक्त कर दिया है। यह कार्रवाई सरकारी ड्यूटी से लगातार गायब रहने और अपने दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोपों में की गई है। चयनमुक्त किए गए पंचायत कार्यपालक सहायक का नाम अर्जुन कुमार बताया जा रहा है, जो मार्च 2026 से अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे।
जिलाधिकारी सावन कुमार द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य पंचायत कार्यपालक सहायकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की शिथिलता या बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अर्जुन कुमार मार्च 2026 से ही बिना किसी वैध कारण या पूर्व अनुमति के अपने कार्यस्थल से गायब थे। उनकी इस लंबी और अनधिकृत अनुपस्थिति के कारण संबंधित पंचायत के विकास कार्यों और जनसेवा से जुड़े जरूरी कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा था। ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर मिलने वाली सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिया गया।
जब अर्जुन कुमार की ओर से लंबे समय तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया और वे ड्यूटी पर वापस नहीं लौटे, तो जिलाधिकारी सावन कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधी कार्रवाई करते हुए उन्हें पंचायत कार्यपालक सहायक के पद से चयनमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, पंचायती राज विभाग के नियमों और सेवा शर्तों के तहत यदि कोई कर्मचारी बिना अधिकृत अवकाश के निर्धारित अवधि से अधिक समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ ऐसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।
इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अर्जुन कुमार के चयनमुक्त होने से संबंधित पंचायत का रोजमर्रा का कामकाज और जनता से जुड़ी सेवाएं बाधित न हों। इस उद्देश्य से उन्होंने निर्देश दिया है कि दूसरे पंचायत के एक कार्यपालक सहायक को तत्काल प्रभाव से उस पंचायत की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाए। इस व्यवस्था के तहत जब तक किसी नए सहायक की नियुक्ति या स्थायी विकल्प की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक दूसरे पंचायत का सहायक वहां के सभी आवश्यक सरकारी कार्यों का संचालन करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं, लाभुकों को मिलने वाले प्रमाण पत्रों और अन्य प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
सुपौल जिला प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य भर में पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जमीनी स्तर पर शासन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पंचायत कार्यपालक सहायक गांव स्तर पर सरकार की विभिन्न योजनाओं को लागू करने, पंचायत समितियों की बैठकों का ब्योरा रखने, सरकारी दस्तावेजों का रखरखाव करने और आम जनता की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनका ड्यूटी से गायब रहना सीधे तौर पर ग्रामीण विकास और जनहित को प्रभावित करता है।
जिलाधिकारी सावन कुमार की इस पहल को प्रशासनिक हलकों में अनुशासन सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य सभी पंचायत सहायकों और सरकारी कर्मचारियों को यह सख्त चेतावनी भी मिली है कि वे अपने दायित्वों के प्रति पूरी तरह सजग रहें। बिना उचित अनुमति और वैध कारण के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी नौकरी में जवाबदेही सबसे ऊपर है और किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बिहार में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा पंचायत कार्यपालक सहायकों की नियुक्ति की गई थी, ताकि ग्राम पंचायतों में तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग मिल सके। इन सहायकों पर पंचायत के लेखा-जोखा, योजनाओं का क्रियान्वयन और ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा अपडेट करने जैसी कई अहम जिम्मेदारियां होती हैं। मार्च 2026 से अर्जुन कुमार के गायब रहने से इन सभी कार्यों पर विराम लग गया था, जिसे अब दूसरे सहायक को जिम्मेदारी सौंपकर दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। सुपौल जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में पंचायत स्तर पर सरकारी कामकाज में और अधिक पारदर्शिता, सक्रियता और अनुशासन देखने को मिलेगा।

