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Sat, Oct 10, 2026Updated 2:57 PM IST
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टीकमगढ़: नवरात्रि से पहले VHP और बजरंग दल ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मांस बिक्री पर रोक और मंदिरों में सुरक्षा की मांग

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टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नवरात्रि पर्व को लेकर प्रशासन से कई अहम मांगें रखी हैं। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) और तहसील कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से नवरात्रि के दौरान धार्मिक स्थलों और मंदिरों के आसपास व्यवस्थाएं सुधारने, साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही मांस की दुकानों पर नियमानुसार प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से दिया गया यह ज्ञापन ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ ही दिनों में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने वाला है। नवरात्रि के नौ दिनों तक हिंदू समाज में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जाते हैं। ऐसे में संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास का वातावरण पवित्र और अनुकूल बनाए रखा जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के समक्ष अपनी बात रखी। उनका स्पष्ट कहना था कि नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास मांस की बिक्री पर नियमानुसार पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। संगठन ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान मांस की दुकानें बंद रहें और यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। हिंदू आस्था के अनुसार नवरात्रि के दौरान मांसाहार वर्जित माना जाता है, इसलिए संगठनों ने इस मांग को धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए प्रशासन के सामने रखा है।

मांस बिक्री पर रोक की मांग के अलावा, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन में मांग की गई है कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किए जाएं। चूंकि इन दिनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बेहद जरूरी है। संगठन ने चाहा है कि प्रमुख मंदिरों के बाहर और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर पुलिस बल मौजूद रहे, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर दर्शन कर सकें।

इसके साथ ही, ज्ञापन में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर भी खासा जोर दिया गया है। संगठन ने एसडीएम और तहसील प्रशासन से मांग की है कि मंदिरों के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों के पास पीने के साफ पानी यानी पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और व्रत रखने वाले लोगों को प्यास बुझाने में कोई परेशानी न हो।

रोशनी की व्यवस्था को लेकर भी संगठन ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। ज्ञापन में कहा गया है कि मंदिरों तक जाने वाले मार्गों और धार्मिक स्थलों के परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रात के समय आरती और दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए सड़कों और गलियों में रोशनी का होना बहुत जरूरी है। अंधेरे की वजह से किसी प्रकार की दुर्घटना या असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को पहले से ही निर्देशित करने की मांग की गई है।

शुक्रवार को तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे नवरात्रि के दौरान शांति और सद्भाव बनाए रखने में प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन इसके लिए प्रशासन को भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जमीनी स्तर पर उचित कदम उठाने होंगे। संगठन ने उम्मीद जताई है कि एसडीएम और तहसील प्रशासन उनके द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर संज्ञान लेगा और नवरात्रि शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में नवरात्रि के दौरान मांस की बिक्री पर रोक और मंदिरों के आसपास विशेष व्यवस्थाओं की मांग को लेकर हिंदू संगठन समय-समय पर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते रहे हैं। टीकमगढ़ में भी यह मांग हर बार नवरात्रि से पहले उठती है। अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन इस ज्ञापन पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।